सुनिधि बोली और अंदर डालो

Hindi sex kahani, desi sex chat. सुनिधि मेरे मामा जी की लड़की है और वह मुझसे करीब 5 वर्ष बड़ी है। मेरे हस्तमैथुन करने के पीछे सबसे पहले सुनिधि का ही हाथ था क्योंकि एक दिन मैंने उसे नहाते हुए देख लिया था और उस दिन मैंने पहली बार उसके नाम से हस्तमैथुन किया था। जिस प्रकार से मैंने सुनिधि के नाम से हस्तमैथुन किया उससे मेरे हौसले और भी बुलंद होते चले गए। मैं चाहता था कि मैं सुनिधि से फोन पर अश्लील बातें करूं यह मेरा सपना था। मेरा सपना काफी समय बाद जाकर पूरा हुआ मैं सुनिधि के साथ हमेशा मजाक करने की कोशिश किया करता और उसे छूने का कोई भी मौका कभी छोड़ता नहीं था।

सुनिधि अपने डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए घर से जा चुकी थी परंतु मैं उससे बात करने के लिए हमेशा तैयार रहता और आखिरकार मैंने उससे बात कर ही ली। मेरे पास सुनिधि का नंबर पहले से ही था तो हम लोग मैसेज के माध्यम से ही बात कर रहे थे। हम लोग एक दूसरे से बातें करते रहते थे जब हम लोगों के बीच में फोन के माध्यम से बात होने लगी तो मेरे हौसले और भी बुलंद होते चले गए। मैं सुनिधि की चूत मारने के लिए बहुत बेचैन था लेकिन ऐसा मौका मुझे मिल नहीं पाया। वह अब अपनी पढ़ाई के लिए पुणे जा चुकी थी मैं अब भी अंबाला में ही रह रहा था परंतु हम दोनों के बीच की दूरियां खत्म होती नजर आ रही थी आखिरकार सुनिधि ने भी अपने दिल से परदा खोल लिया और मुझे उसने अपने दिल में स्वीकार कर लिया। जब हम लोगों की बातें होती तो मैं कैसे सुनिधि को परेशान किया करता था।

मैं- हेलो सनिधि दीदी कैसी हो?

सुनिधि- तुम मुझे दीदी बोलना कब छोड़ोगे, तुम आजकल कुछ ज्यादा ही गंदी तस्वीरें मुझे भेज रहे हो।

मैं- अरे क्या बताऊं बस तुम्हारे बिना आजकल दिल नहीं लग रहा है।

सुनिधि- अच्छा तुम्हारा मेरे बिना दिल नहीं लग रहा है रुको मैं तुम्हारे पापा को इस बारे में बताता हूं तब तुम्हारा दिल बहुत ही अच्छी तरीके से लगेगा।

मैं- अभी अभी मै कॉलेज से आया हूं और तुम बेवजह ही मुझे डरा रही हो। पापा कोई यह बात पता चली तो वह मेरी चूतड़ों को लाल कर देंगे।

सुनिधि- मैं तो चाहती हूं कि तुम्हारी चूतडे लाल हो क्योंकि तुम्हारे अंदर बहुत ज्यादा चर्बी पैदा हो रही है तुम बहुत ज्यादा बिगड़ रहे हो।

मैं- मैं कहां बिगड़ रहा हूं मैं तो चाहता हूं कि तुम्हारी चूतडो मे लाल करूं क्या कभी ऐसा मौका मुझे मिल पाएगा।

सुनिधि- देखा ना तुमको इतना बिगड़ रहे हो तुम यह किस प्रकार की बातें कर रहे हो।

मैं- मैं तो बिल्कुल सही बात कर रहा हूं मुझे पता मैं तुम्हारी चूतड़ों को लाल करना है।

सुनिधि- अच्छा तो तुम मेरी चूतड़ों को लाल करोगे अभी रुको मैं भी तुम्हारे लंड को लाल कर देती हूं।

मैं- हां तो करो ना मैं तो इंतजार कर रहा हूं कि कब तुम मेरे लंड से पानी बाहर निकालो।

सुनिधि- तुमने मुझे जो कल पोर्न मूवी भेजी थी ना उसे देखकर मजा आ गया और उसे देखकर मैंने अपनी चूत में बैंगन भी ले लिया। मेरे साथ जो मेरी रूममेट है उसने भी मेरा बहुत साथ दिया और उसने मेरी चूत के अंदर आपनी उंगली को डाल दिया था मुझे बहुत आनंद आ रहा था।

मैं- मुझे अपनी चूत की फोटो भेज दो।

सुनिधि- रुको मैं तुम्हें अभी अपने पूरे बदन की फोटो भेज कर खुश कर देती हूं। तुम्हें मालूम है पापा तो मुझ पर बहुत शक करते हैं और पापा को मुझे पर हमेशा ही शंका रहती है कि मैं कहीं किसी के साथ भाग न जाऊं।

मैं- यार आखिरकार तुम हो इतनी कमाल की जो तुम्हारी चूत मारेगा वह बहुत खुश हो ही जाएगा काश कि मैं भी तुम्हारी चूत मार पाता। तुम्हारे नाम से तो ना जाने अब तक कितनी बार मैंने मुठ मार ली है पर तुम्हारी चूत मारने का मौका नहीं मिल पाया है।

सुनिधि- तुम्हें जल्द ही मौका भी मिल जाएगा तुम क्यों इतना तड़पते रहते हो।

मैं- चलो यह सब बातें छोड़ो तुम मेरे लंड को लाल कर दो।

सुनिधि- तुम्हें मालूम है हमारे कॉलेज में एक डॉक्टर हमेशा आते हैं वह मुझ पर बड़ी नजर गाड़ कर रखते हैं और यदि मैंने उन्हें खुश कर दिया तो वह मुझे अपने साथ ही रख लेंगे और मैं डॉक्टर भी बन जाऊंगी।

मैं- तुम डॉक्टर बनकर क्या करोगे वहां भी तो तुम्हें लोग देखते रहेगे तुम्हारी झील सी आंखें और जब तुम्हारी चूत को देखेंगे तो पागल हो जाएंगे।

सुनिधि- लगता है तुम्हारे लंड की गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ रही है तुमने क्या कई दिनों से हस्तमैथुन नहीं किया है?

मैं- मौका नहीं मिल पाता है बस ऐसे ही कमरे में सोते वक्त अपने लंड को पकड़ कर हिला लेता हूं और अब तो कोई चूत मुझे मिलती भी नहीं है।

सुनिधि- चलो जब मैं तुम्हारे पास आऊंगी तो तुम्हें चूत मारने का मौका जरूर दूंगी आखिरकार तुम मेरे भाई तो हो ही और इतना तो मेरा भी फर्ज बनता है।

मैं- सुनो सुनिधि तुम जल्दी अपनी फोटो भेजो मुझसे रहा नहीं जा रहा मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो चुका है और ना जाने कब मेरा वीर्य बाहर निकला नही है।

सुनिधि- थोड़ी देर रुको अभी भेजती हूं तुम्हें मैं खुश कर देती हूं।

मैं- हर बार तुम्हारी तस्वीर देखकर तो मजा ही आ जाता है और जब तुम अपने स्तनों पर हाथ लगाकर अपनी तस्वीर भेजती हो तो ऐसा लगता है कि जैसे फोटो से बाहर निकल आओगी।

मैं- तुम्हारे मुंह पर अपने वीर्य की पिचकारी मार कर तुम्हें अपना बना लूं।

सुनिधि- तुम्हारा वीर्य कितनी तेजी से बाहर निकलता है?

मैं- यह तो मुझे भी नहीं पता कि कितनी तेजी से निकलता है लेकिन मेरे वीर्य से मैं तुम्हें नहला जरूर दूंगा और तुम खुश भी हो जाओगी।

सुनिधि- चलो ना फिर आज तुम मुझे नहला दो मैं इंतजार कर रही हूं और मैं भी बिस्तर के अंदर नंगी लेटी हुई हूं और मैंने अपनी चूत के अंदर उंगली डाल दी है।

मैं- तो फिर तुम अपनी चूत में उंगली को अंदर-बाहर करती रहो मैं भी अपने लंड को हिला रहा हूं।

सुनिधि- मैंने तो अपनी चूत के अंदर तेल लगा कर दो उंगली को डाल दिया है और मुझे बड़ा मजा आ रहा है। मै अपने चूत के अंदर-बाहर करती जा रही हूं।

मैं- मुझे भी बड़ा आनंद आ रहा है तुम्हारी चूत के बारे में सोच कर ऐसा लग रहा है जैसे तुम्हारी चूत के अंदर ही मैने लंड घुसा दिया हो।

सुनिधि- मैने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया है तुम और तेजी से मुझे धक्के देते रहो।

मैं- मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड को डाल चुका हूं और तुम्हारी चूत की दीवार से मेरे अंडकोष टकराने लगी हैं।

सुनिधि- यह हुई ना बात तुमने यह बता दिया कि तुम मेरे कितने अच्छे भाई हो।

मैं- मैं तो तुम्हें हर रोज सपने में चोदता हूं और तुम्हारा नाम से ना जाने में कितनी बार मुट्ठ मार चुका हूं। जब भी तुम्हारी कल्पना करता हूं तो हमेशा मेरा वीर्य अपने आप बाहर निकल आता है।

सुनिधि- चलो फिर मैं तुम्हारे वीर्य को अपने मुंह में ले लेती हूं मुझे भी तुम्हारे वीर्य को अपने मुंह में लेना है।

मै- सुनिधि मैं तुम्हारे मुंह के अंदर अपने वीर्य को गिराऊंगा लेकिन अभी रुको थोड़ा सा इंतजार और करो बस कुछ ही देर की बात है।

सुनिधि- मेरी सहेली तो वीर्य को अपने मुंह पर लगाती हुई कहती है कि वीर्य से मुंह में निखार भी आता है तो तुम भी मेरे मुंह के ऊपर गिरा देना।

मैं- क्यों नहीं मैं जल्दी तुम्हारे मुंह के ऊपर अपने वीर्य को गिरा दूंगा।

सुनिधि- फिलहाल तो मुझे अपनी योनि के अंदर बाहर अपनी उंगली को करने में बड़ा मजा आ रहा है और ऐसा लग रहा है कि जैसे तुम्हारा मोटा लंड मेरी योनि के अंदर बाहर हो रहा है और मुझे बड़ा मजा आ रहा है। ऐसा लग रहा है बस ऐसे ही करते रहो।

सुनिधि के मुंह से बड़ी मादक आवाज निकाल रही थी वह अपने मुंह से कभी सिसकिया निकालती मेरा वीर्य बाहर की तरफ आने लगा था और कुछ ही क्षणों बाद मेरा वीर्य बाहर गिरने वाला था। जैसे ही मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने सुनिधि से कहा मेरा वीर्य गिरने वाला है। मैंने उसे अपने वीर्य की तस्वीर भेजी।

मैं- देखा तुमने मेरा वीर्य कितना सफेद है।

सुनिधि- तुम्हारा वीर्य तो बड़ा ही मजेदार है काश मैं उसे अपने मुंह में ले पाती।

मैं- मै जल्द ही तुम्हें मौका दूंगा और तुम्हारे मुंह के अंदर वीर्य को गिरा दूंगा।

सुनिधि- चलो अभी मैं फोन रखती हूं मुझे पढ़ाई भी करनी है।

मैं- चलो ठीक है बाय बाय सुनिधि

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