फोन पर रचना की मंत्रमुग्ध करने वाली आवाज

Antarvasna, hindi sex talk मेरा नाम निखिल है, मैं जयपुर का रहने वाला हूं मेरी उम्र 25 वर्ष है। मैं अपने पिताजी के साथ काम करता हूं, हम लोगों की जयपुर में स्वीट शॉप की दुकान है। मैं कुछ समय पहले अपने रिलेटिव के घर दिल्ली गया हुआ था।  दिल्ली में मेरी मुलाकात रचना से हुई मैं रचना को देखकर बहुत ही खुश हो गया क्योंकि उसका फिगर बड़ा ही सॉलिड था और मैं उसे चोदने की सोच रहा था परंतु कुछ दिन बाद मेरे पिताजी का फोन आ गया, मैं उसे चोद नहीं पाया लेकिन मैंने उसका नंबर ले लिया था। जब मैंने उसके साथ पहली बार फोन पर बात की तो मैं बहुत ही डरा हुआ था लेकिन मैंने डरते हुए भी उससे बात कर ली। मैं उस दिन जल्दी घर आ गया, दोपहर मे मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था, गर्मी भी अपने पूरे शबाब पर थी। मैंने अपने एसी को खोल लिया, मेरा कमरा मैंने बिल्कुल चिल्ड कर दिया जिससे कि माहौल पूरा बना रहे मैंने जब रचना को फोन किया तो रचना ने फोन उठा लिया था।

मैं- हेलो रचना में निखिल बोल रहा हूं क्या तुमने मुझे पहचाना?

रचना- हां निखिल मैंने तुम्हें पहचान लिया पर तुम्हारे पास मेरा नंबर कहां से आया।

मैं- अरे चाहने वालों को कौन सा कोई कमी होती है, मैंने तुम्हारा नंबर ले लिया।

रचना- अच्छा तो तुम मुझे चाहने लगे हो?

मैं- हां तुम मुझे अच्छी लगी लेकिन मैं यह भी नहीं कह सकता कि मैं तुम्हें चाहने लगा हूं, क्योंकि हो सकता है शायद मैं तुम्हें यह बात कहूं तो तुम्हें बुरा लग जाए।

रचना- नहीं मुझे किसी भी बात का बुरा नहीं लगता।

मैं- अच्छा क्या तुम्हें वाकई में किसी भी बात का बुरा नहीं लगता?

रचना- नहीं मैं कभी भी किसी बात का बुरा नहीं मानती, मैं बहुत ही बिंदास लड़की हूं, शायद तुम मुझे पहचान नहीं पाए इसीलिए तुम मुझसे यह सवाल पूछ रहे हो नहीं तो मेरे दोस्त मुझसे बड़े ही बिंदास अंदाज में बात करते हैं।

मैं- क्या वाकई में तुम्हारे दोस्त तुमसे बडे बिंदास अंदाज में बात करते हैं?

रचना- हम लोग तो खुलकर बातें करते हैं और हम लोग अपने बातों से ही बड़े मजे लेते हैं।

मैं- तुम्हारे पास समय तो है या फिर तुम कहीं जा रही हो?

रचना- मेरे पास समय ही समय है मैं घर पर ही हूं, मैं कहां जा सकती हूं, मैं अपने कमरे में लेटी हुई हूं, मै अपने फोन पर ही गेम खेल रही थी।

मैं- चलो आज हम भी मजे की बात करते हैं।

रचना- हां तो तुम करो मजे की बात, तुम्हें किसी ने रोका थोड़ी है।

मैं- अच्छा तो क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड भी है?

रचना- नहीं मैं बॉयफ्रेंड मैं बिलीव नहीं करती, मैं सिंगल रहना ही पसंद करती हूं।

मैं- तुम बिल्कुल मेरी तरह ही हो मैं भी सिंगल ही हू।

रचना- क्या तुम्हारी भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?

मैं- नहीं मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है मैं सिंगल ही रहना पसंद करता हूं।

रचना- चलो तब तो यह अच्छी बात है, हम दोनों की बहुत जमने वाली है।

मैं- मैं तुमसे एक बात पूछूं तुम्हें बुरा तो नहीं लगेगा।

रचना- अरे नहीं तुम पूछो मुझे क्यों बुरा लगेगा।

मैं- क्या तुमने आज तक कभी किसी के साथ सेक्स किया है?

रचना- हां, मैंने तो 10-15 बार सेक्स कर लिया है।

मैं- क्या वाकई में तुमने सेक्स किया है, मैं तो तुम्हें बहुत ही शरीफ लड़की समझता था?

रचना- सेक्स करने में कौन सी शराफत आड़े आती है क्या तुम मुझे यह बता सकते हो?

मैं- नहीं ऐसी तो कोई भी बात नहीं है मैंने भी बहुत लड़कियों के साथ सेक्स किया है।

रचना- तो फिर तुम मुझे क्यों बोल रहे हो कि तुम शरीफ देखती हो।

मैं- अरे सॉरी जाने दो इस बात को।

रचना- तुम मुझे बड़ी सेक्सी लगती हो क्या तुम मुझे अपना फिगर बता सकती हो?

रचना- क्यों नहीं मेरा फिगर 34 28 36 है।

मैं- तुम्हारा फिगर तो बहुत ही सॉलिड है और तुम्हारे हिप्स का साइज तो बड़ा ही मस्त है।

रचना- मैं अपने हिप्स में बहुत मेहनत करती हूं और अपने हिप्स की हमेशा ही मालिश करती हूं और अपने स्तनों का भी मैं बड़ा ध्यान रखती हूं।

मैं- यह तो बहुत अच्छी बात है, तुम अपने शरीर का ध्यान रखती हो, तभी तो तुम इतनी सुंदर दिखती हो।

रचना- ऐसे तो तुम भी बुरे नहीं दिखते हो।

मैं- मेरे पास कहां समय होता है मैं तो अपने पिताजी के साथ ही स्वीट शॉप में काम करता हूं और जब समय मिलता है तो थोड़ा बहुत अपने लिए टाइम निकाल लेता हूं।

रचना- अच्छा तुम्हारे पिताजी की स्वीट शॉप है तब तो तम हमेशा ही मिठाई खाते होंगे।

मैं- नहीं जिसके पास जो चीज ज्यादा होती है वह कभी भी उसका मजा नहीं ले पाता। मैं कभी भी अपनी दुकान से कोई मिठाई नहीं खाता, वैसे तुम भी किसी मिठाई से कम नहीं हो।

रचना- क्या बात कर रहे हो मैं इतनी अच्छी दिखती हूं?

मैं- हां तुम बड़ी ही अच्छी दिखती हो और आज तुमने कौन से कलर के अंडर गारमेंट पहने हैं।

रचना- अगर मैं तुम्हें नहीं बताऊ तो क्या तुम मुझसे बात नहीं करोगे?

मैं- नहीं तुम मुझे बता दो और ऐसा नहीं है कि तुम मुझे नहीं बताओगे तो मैं तुमसे बात नहीं करूंगा।

रचना- मैं तो तुम्हारे साथ मजाक कर रही थी, मैंने आज ब्लू कलर की नेट वाली पैंटी ब्रा पहने हुए हैं यह मैंने कुछ दिनों पहले ही खरीदे थे।

मैं- मैं तो तुम्हें देख कर ही फिदा हो गया था मै तुम्हें चोदने की सोचने लगा था।

रचना- तुमने मुझे उस वक्त ही क्यों नहीं बताया, मैं तुम्हारे साथ सेक्स कर लेती, मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने में कोई भी आपत्ति नहीं होती।

मैं- चलो कोई बात नहीं जब मैं अगली बार आऊंगा तो तुम्हें जरूर चोदूंगा, फिलहाल अभी तो अपने लंड को हिला कर ही काम चलाना पड़ेगा।

रचना- कोई बात नहीं मैं भी अपनी योनि की तब तक मालिश कर लेती हूं और तुमसे बात भी करती हू तुम थोड़ी देर होल्ड पर रहना, मैं सरसों का तेल लेकर आती हूं।

मैं- हां ठीक है तुम जाकर तेल ले आओ मैं होल्ड पर हूं।

रचना- मै सरसों का तेल ले आई और अब मैं उसे अपनी योनि पर लगा रही हूं।

मैं- क्या मैं तुम्हें डार्लिंग कह कर संबोधित कर सकता हूं?

रचना- हां क्यों नहीं तुम मुझे कुछ भी कह सकते हो।

मैं- हां डार्लिंग तो तुम उस तेल को अपनी योनि के अंदर तक लगा लेना जिससे कि मैं भी अपने लंड को अच्छे से  तुम्हारी योनि मे लगा सकू और तुम्हारी योनि का आनंद ले सकू।

रचना- तुम चिंता मत करो मैं तुम्हें पूरे मजे दूंगी, तुम्हें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी।

मैं- मैं भी अपने लंड पर तेल से मालिश कर रहा हूं और बड़े अच्छे से मैंने उसे मालिश कर लिया है, मेरी नसे भी साफ चमकने लगी हैं।

रचना- मैंने भी अपनी योनि के अंदर अपनी उंगली को डाल दिया है और बड़े मजे से में अपनी उंगली को अंदर बाहर कर रही हूं और पूरा आनंद ले रही हू।

मैं- डार्लिंग मै भी बड़ी तेज गति से अपने लंड को हिला रहा हूं और तुम्हारे चेहरे की कल्पना कर रहा हूं क्योंकि अब तक मेरे दिमाग में तुम्हारा चेहरा घूम रहा है।

रचना- मेरी योनि बहुत ही टाइट है, जो भी मुझे चोदता है वह बहुत खुश रहता है।

मैं- मैं तुम्हारा आनंद फोन पर बात करके लेना चाहता हूं और मैं किसी भी प्रकार से आज यह मौका नहीं छोड़ना चाहता हूं।

रचना- हां तो तुम मेरे गोल मटोल स्तनों को दबाते रहो और मुझे पूरा सुख दो, मेरे गुलाबी होंठ तुम्हारे लिए तरस रहे हैं और वह तुम्हारा बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

मैं- हां रचना मैं तुम्हारे यौवन का पूरा रसपान कर रहा हूं, तुम्हारे स्तनों से मैंने दूध भी निकाल कर रख दिया है और बड़े अच्छे से चूस रहा हूं, तुम भी मेरे लंड को अपनी योनि के अंदर ले लो।

रचना- मैंने तुम्हारे लंड को अपनी योनि के अंदर ले लिया है और उसे फील कर रही हूं  तुम्हारा लंड मेरी योनि के अंदर जा रहा है और मुझे बहुत मजा आ रहा है।

मैं- रचना मै बड़ी तेजी से अपने लंड को तुम्हारी योनि मे डाल रहा हूं और तुम्हारी योनि के अंदर बाहर कर रहा हूं।

रचना- मैंने भी अपनी तीन उंगलियों को अपने अंदर डाल दिया है और बड़ी तेजी से अंदर बाहर कर रही हू मेरी योनि पूरी गिली हो चुकी है।

हम दोनों ने काफी देर तक ऐसा किया जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैं अपने रूम में आराम से अपने पैरों को चौड़ा करते हुए लेट गया। मुझे उस दिन इतनी अच्छी नींद आई कि मैं आप लोगों को भी नहीं बता सकता कि मैं कितना अच्छा फील कर रहा था।

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