मेरे लिए आज भी वही तड़प है

Hindi sex chat, hot sex talk: मेरा परिवार बहुत ही गरीब है शायद गरीबी की वजह से ही मेरी शादी ममता के साथ हो ना सकी ममता और मेरी मुलाकात एक दिन बस में हुई थी। जब मैं ममता से बस में मिला तो उससे मेरी नजर मिल गई और उसके बाद जब भी ममता मुझे मिलती तो मैं उसे देखकर हमेशा खुश हो जाया करता मेरा दिल ममता को प्रपोज करने के लिए बड़ा ही उत्सुकता था और मैंने अपने दिल की बात ममता को कहीं तो ममता ने भी मेरे रिश्ते को स्वीकार कर लिया। मेरी जॉब भी लग चुकी थी ममता ने मेरे रिश्ते को स्वीकार कर लिया तो उसके थोड़े समय बाद ही ममता के पिता जी ने हम दोनों को साथ में देख लिया। जब ममता के पिता जी ने मुझे घर पर बुलाया तो मैं घर पर चला गया जब उन्होंने मुझसे मेरे बारे में पूछा तो मैंने उन्हें अपने बारे में सब कुछ बता दिया लेकिन वह मुझसे ममता की शादी नहीं करवाना चाहते थे और उन्होंने साफ तौर पर मना कर दिया। ममता मेरी जिंदगी अब दूर हो चुकी थी क्योंकि ममता किसी और की होने वाली थी जल्द ही उसकी शादी उसके पिताजी ने एक डॉक्टर से करवाने का फैसला करवा दिया ममता दिखने मे बहुत सुंदर है उसके पिताजी भी एक अच्छे पद पर हैं जिस वजह से ममता को एक अच्छा लड़का मिल चुका था। मैं अब टूट चुका था मैं किसी से भी को संपर्क में नहीं था मैं घर में ही दिन भर रहता जिससे कि मेरी मां भी बहुत परेशान रहने लगी थी। वह मुझे कई बार कहती कि बेटा तुम इतना ज्यादा परेशान क्यों रहते हो मैंने उन्हें ममता के बारे में सब कुछ बता दिया था लेकिन वह लोग इस बात से चिंतित थे कि मैं कब तक ममता के ख्यालों में खोया रहूंगा। ममता की शादी को काफी समय बीत चुका था और मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था लेकिन उस वक्त मुझे नौकरी की सबसे ज्यादा जरूरत थी हालांकि मुझे एक कंपनी में नौकरी भी मिल गई लेकिन मुझे अच्छी सैलरी नही मिल पा रही थी परंतु उसके बावजूद भी मेरे पास और कोई विकल्प नहीं था मुझे नौकरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ममता का ख्याल मेरे दिल से अभी तक निकल नहीं पाया था मैं ममता के बारे में सोचता तो मुझे बहुत अच्छा लगता था आखिरकार मैं अपने आप पर काबू ना कर सका और एक दिन ममता के बारे में मुझे पता चला तो मैंने ममता को तुरंत फोन कर दिया।

मैं- क्या यह ममता का नंबर है?

ममता- मै ममता ही बोल रही हूं लेकिन आप कौन बोल रहे हैं मैंने आपको पहचाना नहीं।

मैं- ममता तुम मुझे कैसे याद रखोगे तुम तो मुझे भूल चुकी हो और तुम अब अपने रिश्ते में आगे बढ़ चुकी हो इसीलिए तो तुम्हें मेरे बारे में कुछ भी नहीं याद है मैं तो तुम्हारे बारे में हर दिन सोच कर गुजार देता हूं।

ममता- रजत मुझे माफ करना मैं तुम्हें पहचान ना सकी घर में कुछ ज्यादा ही बिजी रहने लगी हूं इस वजह से मुझे अपने लिए भी समय नहीं मिल पाता तुम मुझे यह बताओ तुम कैसे हो?

मैं- ममता मैं तो अच्छा हूं लेकिन मुझे जब तुम्हारा नंबर मिला तो मैंने तुमसे बात करने की सोची क्या मैंने गलत तो नहीं किया।

ममता- नहीं तुमने कुछ भी गलत नहीं किया रजत मैं जब भी तुम्हारे बारे में सोचती हूं तो हमेशा मुझे वह दिन याद आता हैं जब हम लोग साथ में समय बिताया करते थे। तुम्हारे साथ बिताया हर एक पल मुझे याद है जब हम लोग साथ में बिताते थे मुझे आज भी वह दिन याद है जब पहली बार तुमने मुझे किस किया था।

मैं- मैं तुम्हारे लिए हर दिन तड़पता हूं हमेशा ही मैं तुमसे बात करने के लिए तड़पता रहता हूं लेकिन तुम्हारा नंबर ही नहीं था इस वजह से मैं तुम्हें फोन ना कर सका लेकिन किसी प्रकार से मुझे तुम्हारा नंबर मिला तो मैंने तुम्हें तुरंत फोन कर दिया मैं तुम्हारे बिना रह नहीं सकता हूं और मैं आज भी तुम्हारी यादों में जी रहा हूं।

ममता- मैं भी तुम्हारे लिए हर रोज तड़पती हूं रजत मुझे भी पता है कि तुम मुझसे कितना प्यार करते हो और आज भी तुम मुझसे उतना ही प्यार करते हो जितना कि तुम मुझसे पहले करते थे। मैं भी तुमसे उतना ही प्यार करती हूं जितना मैं तुमसे पहले करती थी।

मैं- ममता तुम्हें आज भी वह किस याद है जब हम लोग पहली बार पार्क में किस कर रहे थे मैंने तुम्हारे होठों से खून निकाल दिया था उसके बाद तुम जब घर गई थी तो तुम्हारे मम्मी पापा ने तुमसे यह बात पूछी थी कि तुम्हारे होंठ पर क्या हो गया है।

ममता- मैं तो आज भी तुम्हारे साथ वैसा ही किस करना चाहती हूं जैसे कि उस वक्त किया था।

मैं- हां तो ममता हम लोग वैसा किस आज भी कर सकते हैं जैसा हम ने उस वक्त किया था क्या तुम आज भी उतनी ही सुंदर दिखती हो जितने की उस वक्त थी?

ममता- मै आज भी उतनी ही सुंदर दिखती हूं मेरे पति तो हमेशा ही मुझे यह कहते हैं कि तुम बहुत सुंदर हो लेकिन वह मेरे बदन की गर्मी को बुझा नहीं पाते हैं।

मैं- ममता मैं तुम्हारी चूत मारने के लिए हमेशा तैयार हूं मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया है तुम मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लो।

ममता- मैं अभी किचन मे जा कर केला ले आती हूं आज केले को अपनी चूत में डाल कर मैं अपनी गर्मी को बुझाना चाहती हूं।

मैं- क्या तुम केले को ले आई हो मैं तो तुम्हारे मुंह के अंदर अपने लंड को डालने के लिए तैयार बैठा हूं। तुम मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लो और उसे तुम चूसती रहो तुम्हें बड़ा ही आनंद आएगा।

ममता- मैंने तुम्हारे लंड को अपने मुंह में ले लिया है और तुम्हारे लंड को मैं अपने गले के अंदर तक ले रही हो तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेने का आनंद ही कुछ और है कसम से बहुत ज्यादा मजा आ रहा है ऐसा लग रहा है बस तुम्हारे लंड को अपने मुंह के अंदर ही समाए रखू और उसे चूसती रहूं।

मैं- ममता तुम बडी ही लाजवाब हो तुम से बात कर के मेरा वीर्य बाहर आने लगा है मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालने के लिए तैयार बैठा हूं क्या तुमने अपने कपड़े उतार दिए हैं?

ममता- हां मैंने अपने कपड़े उतार दिए हैं तुम्हारे लंड को मैं अपनी चूत में लेने की तैयार बैठी हूं मैंने अपनी चूत के अंदर उंगली को डाला हुआ है। मेरी चूत के अंदर उंगली को मै अंदर बाहर कर रही हूं उससे मुझे बड़ा मजा आ रहा है और तुम्हारे लंड को मैं लेने के लिए तैयार हूं फिलहाल तो मैं केले को अपनी चूत में डाल रही हूं और तुम अपने लंड को हिलाते रहो।

मैं- हां ममता मैं अपने लंड को हिला रहा हूं तुम अब केले को अपनी चूत के अंदर समा लो वह केला तुम्हारी चूत की गर्मी को मिटा कर रख देगा। मुझे तो बड़ी खुशी है कि मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डाल पा रहा हूं तुमने तो आज मुझे पूरी तरीके से मजे दे दिए इतने दिनों से मैं तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था हम लोग आगे भी ऐसे ही बात करते रहेंगे।

ममता- हम लोगों ऐसी ही बात करते रहेंगे मैं तुमसे बात करने के लिए हमेशा तड़पती हूं मेरे पति के पास पैसा और इज्जत दोनों ही है लेकिन वह मेरी गर्मी को कभी बुझा ही नहीं पाते हैं और तुम हो कि तुम मेरी गर्मी को बुझा कर रख देते हो। तुमसे बात करते ही मेरी चूत से मेरा पानी बाहर की तरफ को टपकने लगता है। केले को मैंने अपनी चूत के अंदर डाल कर रखा है जब मैं केले को अपनी चूत के अंदर बाहर कर रही हूं तो मुझे अलग ही फीलिंग आ रही है और ऐसा लग रहा है मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा है।

मैं- ममता मुझे लगता है कि मेरा वीर्य बाहर की तरफ को गिरने वाला है मैं अपने वीर्य को अभी गिरा देता हूं तुम अपनी चूत के अंदर केले को लेती रहो मुझे बड़ा ही मजा आ रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे तुम्हारी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करता ही जाऊं।

ममता- मैं तो केले को अपनी चूत में ले रही हूं तुम अपने वीर्य को बाहर गिरा दो तुमसे बात कर के मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और मुझे आज भी पूरा यकीन है कि हम लोग जरूर एक दिन मिलेंगे जिस दिन हम लोग मिलेंगे उस दिन हम लोग चदाई का जमकर मजा उठाएंगे।

मैं- फिलहाल तो मेरा वीर्य गिर चुका है और मैं आगे भी तुम से ऐसे ही बात करता रहूंगा अभी मैं फोन रखता हूं और तुमसे बाद में जरूर बात करूंगा।

Tags: , , ,
error: