जल्दी गिराओ माल को जानू

Desi sex chat, hindi sex story: मैं गौरव से दिल ही दिल में प्यार किया करती और गौरव मेरी तरफ देखता तक नहीं था गौरव हमारे क्लास में पढ़ने वाली निधि से प्यार किया करता लेकिन निधि भी गौरव की तरफ नहीं देखती थी परंतु गौरव ने किसी प्रकार से निधि से बात की और उन दोनों का रिलेशन चलने लगा। मैं नहीं चाहती थी गौरव निधि के साथ रहे इसलिए मैंने उन दोनों को अलग करने की कोशिश की और उन दोनों के बीच में दरार पैदा कर दी। अब मैं अपने मकसद में कामयाब हो चुकी थी वह दोनो एक दूसरे से अलग हो चुके थे मुझे लगा गौरव मुझे अपना लेगा लेकिन गौरव ने ऐसा नहीं किया गौरव ने मुझे अपनाया नहीं बल्कि मुझे अपने आप से दूर कर दिया। मैं बहुत ज्यादा परेशान थी मुझे क्या करना चाहिए क्योंकि मुझे लगता था शायद गौरव मेरे जीवन में आएगा तो मुझे खुशी होगी लेकिन मेरी जिंदगी मे वह नहीं आ पाया था वह तो मुझसे बहुत दूर था। जिस प्रकार से गौरव मेरी जिंदगी से दूर था उससे मुझे लगता कि काश कि गौरव मेरा होता लेकिन गौरव की भी शादी हो गई और मेरी भी शादी हो गई। शादी के बाद भी मैं गौरव के लिए तड़पती रहती हालांकि मेरे पति का 10 इंच मोटा लंड मे हर रोज अपनी चूत में लिया करती थी लेकिन गौरव के लंड को मुझे अपनी चूत मे लेना था और मेरा सिर्फ एक ही सपना था कि कम से कम गौरव के साथ में एक बार तो शारीरिक संबंध बना पाऊं। इसी सपने को पूरा करने के चलते कई सालों बाद मैंने गौरव से बात की गौरव से मेरी बात मैसेज पर हुई हम दोनों की बहुत दिनो तक मैसेज पर बातें होती रही। गौरव को भी इस बात की खुशी हुई कि कम से कम वह मुझसे मैसेज के माध्यम से तो बात कर पा रहा है गौरव की जिंदगी अब बदल चुकी थी और मैंने भी गौरव को हॉट फोटो भेजनी शुरू की तो वह भी मुझसे अब हॉट बातें करने लगा। गौरव को मैंने कहा अब तुम बदल चुके हो। वह कहता बदल तो तुम भी चुकी हो लेकिन तुम्हारे होंठ देख कर मुझे बहुत अच्छा लगता और गौरव को भी बहुत खुशी थी वह मेरे साथ बात करता है।

गौरव- दीपिका तुम कैसी हो?

मैं- मैं तो अच्छी हूं तुम बताओ तुम क्या कर रहे हो मेरा तुमसे बात करने का बड़ा मन हो रहा था तो सोचा तुमसे बात कर लू।

गौरव- तुमने बहुत अच्छा किया मुससे बात कर ली क्योंकि मैं भी आज तुमसे बात करने के लिए बड़ा तड़प रहा था मैं सोच रहा था तुम्हारी तस्वीर देख कर आज मुझे कुछ याद आने लगा तो मुझे लगा कि यदि तुमसे बात हो जाए तो मजा ही आ जाएगा।

मैं- गौरव तुमसे बात करने में मुझे बहुत अच्छा लगता है फिलहाल तो मेरी चूत से पानी बाहर की तरफ निकल रहा है मुझे लग रहा है मैं ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगी मुझे अपन चूत के अंदर कुछ तो लेना पड़ेगा।

गौरव- मुझे तुम यह बताओ तुम्हारी चूत इतनी ज्यादा क्यों मचल रही है।

मैं- पता नही लेकिन मुझे लग रहा है कि मैं शायद आज रह नहीं पाऊंगी और मेरी चूत के मजे तुम ले लो। मेरी चूत को अपन बना लो जिससे कि मुझे मजा आ जाएगा मेरी तड़प को तुम पूरी तरीके से खत्म कर दो।

गौरव- सुनो तुम अपनी चूत के अंदर उंगली डाल दो ताकि तुम्हें मजा आ जाए मैं भी अपने लंड को हिलाता हूं मेरा लंड जब तन कर खड़ा हो जाएगा तो तुम्हारी चूत में जाने के लिए तैयार होगा। मैंने अपने अंडरवियर से अपने लंड को बाहर निकाल लिया है तुम भी अपनी चूत के अंदर अपनी उंगली को डालती रहो तब तुम्हें मजा भी आ जाएगा।

मैं- अपनी उंगली को मैंने चूत के अंदर डाल लिया है मुझे बहुत मजा आ रहा है ऐसा लग रहा है मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा है और अपनी चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को करने में मुझे बहुत आनंद आ रहा है। गौरव मै तुमसे बहुत प्यार करती हूं और आज भी मेरे दिल में तुम्हारे लिए बहुत जगह है लेकिन मुझे हमेशा इस बात का दुख रहेगा कि तुम मेरे हो ना सके।

गौरव- मैं तुमसे फोन पर बात करता हूं मुझे तुमसे बात करना अच्छा लगता है मैं तो सोच रहा हूं तुम्हारी चूत मार कर तुम्हें अपना बना लू लेकिन फिलहाल तो मैं तुम्हारे पास नहीं आ सकता परंतु तुम्हारी चूत मारने में मुझे मजा आ जाएगा।

मैं- गौरव मैंने अपने दोनों पैरों को खोला हुआ है और जिस प्रकार से मैं अपनी चूत की खुजली मिटा रही हूं मैं सोच रही हूं कि अपनी चूत के अंदर में कुछ मोटा सा डालू जिससे कि मेरी चूत पूरी तरीके से छिलकर रह जाए।

गौरव- पहले तुम मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लो तुम्हें मजा आएगा और तुम मेरे लंड को सकिंग करते रहो तुम्हें और भी ज्यादा अच्छा लगेगा। तुम मेरे लंड को जब अपने मुंह में लेकर सकिंग करोगी।

मैं- मैने तुम्हारे लंड को अपने मुंह के अंदर सामा लिया है और तुम्हारे लंड से चूसने में मजा आ रहा है जिस प्रकार से तुम्हारे लंड को मैं चूस रही हू मुझे बहुत खुशी हो रही है और मुझे लग रहा है मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसती रहू और तुम्हारे लंड का पानी निकालना चाहती हू।

गौरव- मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जिस प्रकार से तुम मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही हो तुम्हारी चूत की तस्वीर देखकर तो मेरा पानी वैसे ही बाहर आ जाता है। अब तुम अपनी चूत के अंदर मेरे लंड को डालो और मुझे मजे दो।

मैं- मैंने अपनी चूत के अंदर तुम्हारे लंड को ले लिया है मैं सोच रही हूं मैं अपनी चूत के अंदर केले को डाल लूं। केले को जब अपनी चूत में लूंगी तो मुझे मजा आएगा मैं अपनी चूत के अंदर केले को ले रही हूं।

गौरव- हां तुम अपनी चूत के अंदर केले को ले लो ताकि तुम्हारी चूत का भोसड़ा बन सके और तुम्हें आनंद आ जाए मैंने भी अपने लंड को तुम्हारी चूत के अंदर डाला हुआ है मैं जिस प्रकार से तुम्हारी चूत की कल्पना कर के अपने लंड को हिला रहा हूं उससे मुझे मजा आ रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि तुम्हारी चूत के अंदर भी केला चला गया होगा।

मैं- हां तुम बिल्कुल सही कह रहे हो मेरी चूत के अंदर केला घुस चुका है और जिस प्रकार से मैं अपनी चूत के अंदर बाहर केले को कर रही हू उससे मुझे मजा आ रहा है और मुझे लग रहा है कि तुमसे बात कर के मैं केले को अपनी चूत में लेती ही रहूं मुझे बहुत मजा आ रहा है।

गौरव- मुझे तो ऐसा प्रतीत हो रहा है अब ज्यादा देर तक तुम्हारे बदन की गर्मी को झेल ना पाऊंगा क्योंकि मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा है और काफी देर से मैं अपने लंड को हिला रहा हूं मेरा वीर्य बार आने के लिए तड़प रहा है।

मैं- तुम अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर ही गिरा देना क्योंकि मैं चाहती हूं कि जब तुम अपने वीर्य को मेरी चूत में गिराओ तो तुम्हारे चूत की गर्मी को अपनी चूत के अंदर ही लेना चाहती हूं और मुझे बहुत मजा आएगा जब तुम्हारा वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरेगा।

गौरव- हां तुम्हारी चूत के अंदर ही मै वीर्य को गिराना चाहती हूं लेकिन फिलहाल तो मेरा वीर्य गिरने वाला है और मुझे लग रहा है कि बस मेरा वीर्य बाहर की तरफ को आ चुका है।

मैं- मैं केले को अपनी चूत के अंदर बाहर बड़ी तेजी से कर रही हूं मुझे लग रहा है केला मेरी चूत के अंदर फस ना जाए इसलिए मुझे केले को चूत के अंदर से बाहर निकालने दो और तुम अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर गिरा दो मेरी चूत को तुम अपना बना लो।

गौरव- मैंने अपने वीर्य को तुम्हारी चूत के अंदर ही गिरा दिया है तुम्हारी चूत के अंदर मेरा वीर्य जैसे ही गिरा तो मुझे बहुत खुशी हुई और मुझे बहुत अच्छा लगा आगे भी मैं तुम से ऐसे ही बात करता रहूंगा और तुम्हारी चूत के अंदर मैं अपने वीर्य को गिराता ही रहूंगा।

मैं- ठीक है गौरव तुम अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर ही गिराते रहना फिलहाल तो मैं भी फोन रखती हूं और हम लोग बाद में बात करेंगे मैं तुम्हारे फोन का इंतजार करती रहूंगी जब तुम मुझे फोन करोगे तो तक हम लोग एक दूसरे की जरूरतों को पूरा करेंगे ठीक है गौरव अभी मैं फोन रखती हूं बाय अपना ध्यान रखना।

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