इंस्टाग्राम वाली पापा की दोस्त

Hindi sex chat, antarvasna जब मैंने पहली बार कविता आंटी को एक फंक्शन में देखा था तो मैं उन्हें देखकर दंग रह गया क्योंकि उन्होंने अपने बदन को इतना मेंटेन किया हुआ था कि वह बिल्कुल भी पुरानी इमारत नहीं लग रही थी। मेरी मां के सामने तो वह 20 वर्ष छोटी लग रही थी और ऐसा लग रहा था मुझसे कुछ वर्ष ही बड़ी हो। मुझे तो बिल्कुल यकीन ही नहीं हुआ कि वह पापा के साथ कॉलेज में पढ़ाई करती थी। कविता आंटी को देख मेरा लंड उस पार्टी में हिलोरे मारने लगा था मेरा वीर्य बाहर गिर गया था। मुझे बाथरूम में जाकर अपने कच्छे को साफ करना पड़ा और उसी कच्छे को मैंने दोबारा से पहन लिया था।

मैंने जब घर आकर उनकी इंस्टाग्राम में फोटो देखी तो मैं दंग रह गया वह बड़ी हेल्थ को लेकर सीरियस दिखती थी और ना जाने क्या-क्या फोटो वह डालती रहती थी। मैंने जब उनको योगा पैंट में देखा तो उनकी चूत का शेप दिखाई देता और मैं उनकी नाम से कई बार हस्तमैथुन भी कर चुका था लेकिन मुझे उनका नंबर चाहिए था। मैंने इंस्टाग्राम पर ही उनसे बात करनी शुरू  कर दी थी उन्होंने मुझे अपना नंबर भी दे दिया था। उन्होंने मुझसे कई बार मेरे पापा के बारे में बात की थी लेकिन जब हम लोगों कि चैटिंग के द्वारा बात होने लगी तो हम लोग एक दूसरे से काफी बातें किया करते थे। एक दिन गलती से मैंने उन्हें अपनी और अपनी गर्लफ्रेंड के अंतरंग संबंधों की कुछ तस्वीरें भेज दी। वह खुश हो गई उन्होंने मुझे फोन कर दिया जब उनका फोन आया तो हम दोनों के बीच हुए संवाद को मैं आपको बताना चाहता हूं कि किस प्रकार से हम दोनों के बीच बातें बढ़ते बढ़ते बहुत आगे तक चली गई थी। अब वह मेरी आंटी नहीं बल्कि मेरी प्रेमिका है।

मैं- हां कविता आंटी कहिए ना आपने मुझे कैसे फोन किया।

कविता आंटी- अरे तुम मुझे क्या भेज रहे हो तुमने देखा भी तुमने मुझे क्या भेजा है।

मैं- मुझे नहीं मालूम कि मैंने आपको क्या भेजा है मैं अभी देख लेता हूं। कविता आंटी सॉरी मैंने आपको गलती से वह तस्वीर भेज दी। आप प्लीज किसी को नहीं बताइएगा।

कविता आंटी- अच्छा ठीक है मैं किसी को नहीं बताऊंगी लेकिन तुम यह बताओ आखिरी वह लड़की कौन है?

मैं- आंटी वह मेरी गर्लफ्रेंड है उसका नाम पारुल है।

कविता आंटी- अच्छा तो तुम मुझे यह बताओ कि यह पारुल तुम्हें कब से जानती है।

मैं- हम लोग तो एक दूसरे को काफी समय से जानते हैं और हम दोनों एक दूसरे को डेट भी कर रहे हैं।

कविता आंटी- अच्छा तो तुम दोनों एक दूसरे को डेट भी कर रहे हो।

मैं- आंटी हम दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं।

कविता आंटी- चलो यह बताओ तुम्हारे और पारुल के बीच में कब पहली बार सेक्स संबंध बने थे।

मैं- आंटी यह पहला मौका ही था और गलती से मैंने आपको तस्वीर भेज दी।

कविता आंटी- अच्छा तो तुमने पारुल के साथ क्या-क्या किया?

मैं- आंटी मुझे शर्म आ रही है मैं नहीं कह सकता।

कवित आंटी- तुम्हें मुझे बताना तो पड़ेगा ही नहीं तो मैं तुम्हारे पापा को भी बता दूंगी कि तुम्हारा लड़का क्या गुल खिला रहा है।

मैं- आंटी बताता हूं मैंने पारुल के साथ वह सब किया जो एक पति पत्नी करते हैं और हम दोनों के बीच यह पहला ही सेक्स संबंध था लेकिन मुझे बड़ा अच्छा लगा क्योंकि मैंने पारुल की सील पैक योनि से खून भी निकाल दिया था।

कविता आंटी- अच्छा बच्चे तुम लड़कियों की सील तोड़ना भी सीख गए हो।

मैं- आंटी में सील तोड़ना भी सीख गया  हूं।

कविता आंटी- तुम बिल्कुल अपने बाप पर गए हो।

मैं- मैं कुछ समझा नहीं आप क्या कहना चाह रही हैं।

कवित आंटी- तुम्हे कैसे समझ आएगा क्योंकि तुम भी तो अपने बाप की निशानी जो हो।

मैं- आंटी आप सीधे कहिए ना क्या हुआ और आप क्या कहना चाह रही हैं मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा।

कविता आंटी- तुम्हें मालूम है तुम्हारा बाप भी तुम्हारी तरह ही एक नंबर का चोदूं था वह जब भी किसी नई लड़की को देखता तो उसके चूत मार लिया करता था।

मैं- आंटी पापा ने आपकी चूत भी मारी थी?

कविता आंटी- तुम्हें मालूम है तुम्हारे बाप ने जब मेरी चूत मारी थी तो मेरी चूत से आधे दिन तक खून नहीं रुक पाया था और मैं इतने ज्यादा परेशान हो गई थी कि मैंने तुम्हारे बाप को कहा कि मेरी चूत से खून नहीं रुक रहा है। उसने मुझे कहा तुम्हें डॉक्टर के पास ले जाता हूं।

मैं- अच्छा तो पापा आपको डॉक्टर के पास ले गए थे लेकिन पापा तो बडे शरीफ दिखते हैं।

कविता आंटी- तुम्हारा बाप जितना ज्यादा शरीफ है उतना ही ज्यादा अंदर से वह शैतान है उसके जितना मोटा लंड किसी का भी नहीं है। मैंने तो उसके बाद कसम खा ली थी तुम्हारे बाप के मोटे लंड को कभी भी अपनी चूत में नहीं लूंगी।

मैं- आंटी मुझे नहीं मालूम था कि आपके और पापा के बीच भी संबंध बने हैं।

कवित आंटी- तुम्हारे बाप के लंड को लेने के लिए कोई भी लड़की तैयार नहीं होती थी हम दोनों के बीच मैं दो बार संबंध बने थे। दोनों बार ही तुम्हारे बाप ने मेरी हालत खराब कर दी थी।

कविता आंटी के मुंह से अपने पिताजी की तारीफ सुनकर बहुत खुशी हो रही थी क्योंकि मुझे नहीं मालूम था पापा एक नंबर की चोदूं हैं। वह जिस प्रकार से शराफत से सबके सामने आते हैं उससे तो यही लगता है कि उनके बराबर कोई भी शरीफ नहीं है लेकिन जब कविता आंटी ने उनकी असलियत मेरे सामने बताई तो मुझे अपने पापा को लेकर अच्छा लगने लगा क्योंकि उन्होंने अपनी जवानी में बहुत सारे काम किए थे जो मैं करना चाहता था इसलिए तो उन्होने मुझे कभी भी नहीं रोका। मेरी बात अब भी कविता आंटी से फोन पर जारी थी।

मैं- अच्छा तो आंटी जी आपकी चूत मार कर पापा ने हालत खराब कर दी थी।

कविता आंटी- तुम्हारा बाप एक नंबर का चोदू है और उस ने ना जाने कॉलेज में कितनो को ही प्रेग्नेंट किया था।

मैं- यह बात जाने दो आप यह बताइए कि आप अपने बदन को इतना फिट कैसे रख लेती हैं।

कविता आंटी- उसके लिए मैं बहुत ज्यादा मेहनत करती हूं।

मैं- आंटी आपके स्तन और आपकी चूतडे बहुत बाहर की तरफ आई हुई है।

कविता आंटी- वह तो आएंगे ना जब कोई उन्हें बजाएगा तो वह बहार आएंगे ही। ऊभरी हुई गांड एक स्त्री की सुंदरता में चार चांद लग देते हैं यदि किसी महिला के बड़े हिप्स नहीं होते तो वह महिला बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती और उसके स्तन बड़े हो तो वह और भी चार चांद लगा देते हैं मैं हंडिया बिल्कुल सच कह रही हैं।

मै- आप मुझे अपने स्तन और अपनी गांड को तो दिखाइए।

कविता आंटी- देखो बेटा यह सब रहने दो तुमने जिस दिन मेरी गांड और मेरे स्तन देख लिए तो तुम रह ना पाओगे इसलिए जाने दो तुम अभी फोन रखो।

मै- आंटी आपको दिखाना तो पड़ेगा आपको मेरे पापा के लंड की कसम है जो आपने अपनी चूत में लिया था।

कविता आंटी- अच्छा ठीक है मैं अभी दिखाती हूं थोड़ा इंतजार करो।

मैं- आंटी क्यों नहीं मैं इंतजार कर लूंगा।

कविता आंटी- तुम्हारे पास मेरी तस्वीर आ गई होगी।

मैं- आंटी पहुंच गई है वाकई में आप बड़ी टाइट और जानदार माल है ऐसी माल तो मुझे आज मिल जाए तो मैं छोडू ना।

कविता आंटी- तुमने भी अपने बाप वाली बात कर दी तुम बिल्कुल अपने बाप पर ही गए हो वह तुम्हारे जैसा ही एक नंबर का मदरचोद है। तुम भी बहुत ही हरामी हो।

मैं- आंटी लेकिन आपकी गांड बड़ी जानदार है अपने आज तक अपनी गांड में कितना लंड लिए होंगे?

कविता आंटी- यह तो मुझे अच्छे से पता नहीं है लेकिन मैं कॉलेज के जमाने से ही अपनी गांड मरवा रही थी और मेरे कॉलेज में मेरे प्रोफ़ेसर भी मेरी गांड मारते थे उसके बाद वह मुझे अच्छी नंबर दे दिया करते थे।

मैं- काश आप अभी मेरे पास होती तो मैं आपकी गांड भी छील कर रख देता।

कविता आंटी के पति आ चुके थे उन्होंने फोन को नीचे रख दिया था कविता आंटी के पति उनको बड़े ही मजे से चोद रहे थे। शायद उन्होंने उनकी गांड में अपने लंड को घुसा दिया था मैं यह सुन रहा था। कविता आंटी के मुंह से सिसकिया आ रही थी वह ऐसे चिल्ला रही थी जैसे कि कोई पोर्न स्टार की हिरोइन हो। मैं उन्हें महसूस करके अपने वीर्य को बाहर गिराने की कोशिश करने लगा मेरा वीर्य मेरे लंड से बाहर की तरफ आने की कोशिश करने लगा। जैसे ही मैंने अपने वीर्य को गिराया तो आंटी का फोन मुझे आया।

कविता आंटी- चलो अब तुम सो जाओ।

मैं- आंटी मुझे तो बड़ी नींद आ रही है आपके पति ने आपकी गांड बड़े मजेदार तरीके से मारी।

कविता आंटी- चलो यह सब जाने दो और अभी सो जाओ गुड नाइट।

मैं- आंटी गुड नाइट बाय।

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