चेहरे में क्या रखा है

Hindi sex story, online sex chat: दोस्तों में एक कमसिन और कच्ची कली हूं मेरा नाम सुरभि पाठक है मैं लखनऊ की रहने वाली हूं मेरे पिताजी बैंक मैनेजर हैं। वह मुझ पर नजर रखते हैं वह मुझे कहीं भी मेरी सहेली के साथ नहीं जाने देते और यदि मैं कभी चली भी जाती हूं तो उनके कई सवाल होते हैं। उनके सवालों के जवाब दे पाना मेरे लिए मुश्किल होता है मै अपनी इच्छा को पूरा नहीं कर पा रही थी और मैं अपने पड़ोस में रहने वाले आकाश त्रिपाठी को हमेशा देखा करती थी। आकाश त्रिपाठी हमारी कॉलोनी का सबसे हैंडसम कूल ब्वॉय है सारी लड़कियां उसके पीछे पड़ी हुई रहती हैं आकाश की कद काठी और उसकी पर्सनैलिटी ही ऐसी है कि कोई भी लड़की उस पर पागल हो सकती है। मैं भी आकाश के पीछे पागल थी लेकिन यह सब इतना आसान नहीं होने वाला था आकाश का नंबर मैंने उसकी बहन से तो ले लिया था लेकिन अब आकाश अपनी पढ़ाई के लिए बेंगलुरू चला गया था। आकाश से जब मैं मैसेज के माध्यम से बात करती थी तो मुझे बहुत अच्छा लगता आकाश से मैंने अपनी सच्चाई छुपाकर रखी और मैं आकाश से अपना नाम बदलकर बात करती थी। आकाश को मेरे बारे मे ज्यादा कुछ पता नहीं था जब पहली बार हमारी मैसेज पर बात हुई थी तो मैं बहुत ज्यादा खुश हुई थी। आकाश का रिप्लाई मुझे आया था और उसके बाद मैंने भी उससे मैसेज करना शुरू कर दिया था। पहले दिन की मैसेज पर हुई बात मैं आपको बताती हूं क्योंकि यदि मैं आपको यह बात नहीं बताऊंगी तो शायद आगे की बात भी अधूरी रह जाएगी इसलिए मुझे खुशी होगी कि मैं आपको इस बारे में बताऊ कैसे मेरी और आकाश की बातें पहली बार मैसेज के माध्यम से हुई थी।

आकाश- आपने मुझे मैसेज किया था।

मैं- सॉरी गलती से आ गया होगा।

आकाश- गलती से कैसे आ सकता है जब तक आप मेरा नंबर सेव नहीं करेंगे तो गलती से कैसे मैसेज आ जाएगा।

मैं- मैं आपसे माफी मांगती हूं आज के बाद आपको मैसेज नहीं करूंगी।

आकाश- आप क्या मुझे जानती हैं?

मैं- नहीं मैं आपको नहीं जानती इसीलिए तो कह रही हूं कि गलती से आपको मैसेज चला गया है मैं अपने किसी दोस्त को मैसेज कर रही थी और आपके पास मैसेज आ गया।

आकाश- चलिए कोई बात नहीं कभी कभार ऐसा हो जाता है।

उस वक्त तो मेरी और आकाश की कोई ज्यादा बात नहीं हो पाई आकाश के दिल में भी बहुत कुछ चल रहा था और उसने मुझे रात के वक्त मैसेज कर दिया और मुझसे मेरी जानकारी जानने की कोशिश की। मैंने आकाश को सब कुछ गलत बता दिया था क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मैं आकाश को अपने बारे में कुछ बताऊ लेकिन धीरे-धीरे अब हमारी मैसेज पर काफी बात होने लगी थी। आकाश ने मुझे जब पहली बार फोन किया था तो मैं बहुत ज्यादा खुश थी उसके बाद बातों का सिलसिला चलता रहा और आकाश से मेरी अश्लील बातें भी होने लगी थी। जब भी आकाश का मन होता तो वह मुझसे अश्लील बातें कर लिया करता जब आकाश ने पहली बार मेरा फिगर पूछा था तो मैंने उसे अपने फिगर का नाप बता दिया था। वह बहुत ज्यादा खुश था और उसके बाद तो वह अपनी खुशी को मेरी चूत में घुसाने लगा। जब भी उसका मन होता तो वह मुझे फोन कर दिया करता आकाश को मैंने अभी तक इस बारे में कुछ भी नहीं बताया क्योंकि मेरे पिताजी की वजह से शायद मैं आकाश को नहीं बता पाई थी और ना ही आकाश को मैं बताना चाहती हूं कि मैं उसे जानती हूं। मैं इस बात से खुश हूं कि कम से कम आकाश से फोन पर बात तो करती हूं और आकाश भी मेरे लिए मरता है। कल रात को जब आकाश का मुझे फोन आया तो वह मुझसे सेक्सी बातें कर रहा था।

मैं- आकाश आज तुमने मुझे फोन कैसे किया।

आकाश- बस ऐसे ही मन हो रहा था तो सोचा तुमसे बात कर लूं।

मैं- तुम्हारा मन ऐसे ही तो नहीं होता कोई तो बात जरूर होगी जो तुम मुझसे बात कर रही हो।

आकाश- अब तुम्हें सब कुछ पता तो है ही कि मैंने तुम्हें क्यों फोन किया है उसके बावजूद भी तुम अनजान बन रही हो। खैर यह सब बात छोड़ो तुम यह बताओ आज तुमने क्या पहना हुआ है।

मैं- आकाश मैं तुम्हें क्या बताऊं मैंने क्या पहना है तुम खुद ही आकर देख लो कि मैंने क्या पहना हुआ है।

आकाश- लगता है तुम मुझे ऐसे नहीं बताओगी मुझे तुम्हें अपने लंड की फोटो भेजनी पड़ेगी तभी तुम मुझे बताओगी।

मैं- भेज दो तभी तो मैं तुम्हें सब कुछ बताऊंगी तुम्हारे मोटे लंड को देखते ही मैं अपने आपको रोक नहीं पाती और तुम्हें सब कुछ बता देती हूं।

आकाश- तुम मुझे बताओ ना की तुमने क्या पहना हुआ है क्यों मुझे इतना तड़पा रही हो।

मैं- अच्छा बाबा तुम्हें बता देती हूं कि मैंने क्या पहना हुआ है मैंने नीली और सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई है यह धारीदार ब्रा मैंने कल ही खरीदी थी और नीले रंग की पैंटी पहनी हुई है।

आकाश- तुम्हारे फिगर की कल्पना मात्र से ही मैं खुश हो जाता हूं लेकिन तुमने आज तक मुझे कभी अपने चेहरे की तस्वीर नहीं भेजी, तुमने अपने बदन की तस्वीर तो ना जाने कितनी बार भेजी है।

मैं- देखो आकश कोई चीज छुपा कर रखने में ही मजा आता है यदि थोड़ा सा सब्र कर लोगे तो कुछ हो नहीं जाएगा।

आकाश- हां बाबा मैं तो सब्र कर ही रहा हूं लेकिन कई बार लगता है कि तुम्हारे चेहरे को देख लेता तो अच्छा लगता लेकिन तुम कहां मुझे अपने चेहरा दिखाने वाली हो।

मैं- क्या इतना काफी नहीं है कि मैंने तुम्हें अपने स्तन और अपनी चूत की तस्वीर भेजी उसके बाद तुमने मेरी चूत के मजे भी कई बार लिए।

आकाश- हां मैंने तुम्हारी चूत के मजे तो कई बार लिए हैं आज भी तुम्हारी चूत के मजे लेना चाहता हूं, तुम्हारी नंगी तस्वीर को मैंने अपने आगे रखा हुआ है और तुम्हारी ऊभरी हुई गांड देखकर मैं अपने लंड को हिला रहा हूं। तुम्हारी गांड भी कम बडी नहीं है यदि तुम्हारी गांड मुझे मिल जाए तो मैं तुम्हारी गांड को और भी उठा कर रख दूंगा।

मैं- आकाश तुम कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो रहे हो लगता है तुम्हारे अंदर बड़ी गर्मी बढ़ने लगी है।

आकाश- हां यार काफी दिनों से मैंने सही से किसी की चूत भी तो नहीं मारी है।

मैं- तुमने अब तक कितनी लड़कियों को चोदा है?

आकाश- कॉलेज में तो मेरे पीछे कई लड़कियां पागल हैं वह खुद ही मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार रहती है लेकिन तुमसे फोन पर बात करना मुझे अच्छा लगता है। जब भी तुमसे बात करता हूं तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है, मेरे अंदर की गर्मी को तुम मिटा देती हो।

मैं- हां मुझे भी बहुत अच्छा लगता है जब तुमसे मैं बात करती हूं अभी मैंने अपनी चूत के अंदर उंगली को घुसा दिया है और मेरी चूत से पानी बाहर निकल रहा है तुम मेरी चूत को चाट लो।

आकाश- तुम्हारी चूत पर जीभ को लगा दिया है और मुझे तुम्हारी चूत को चाटने में मजा आ रहा है क्या तुम्हें भी अच्छा लग रहा है?

मैं- हां यार मुझे तो बहुत मजा आ रहा है और तुम ऐसे ही मेरी चूत को चाटते रहो मेरी चूत की खुजली भी मिट जाएगी और उसका पानी निकलना भी बंद हो जाएगा।

आकाश- मैं अपने लंड को हिला रहा हूं और तुम्हारी चूत मे लंड डालने वाला हूं तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा।

मैं- मेरी चूत तुम्हारे लंड का इंतजार कर रही है कब तुम अपने लंड को मेरी चूत में डालो और मुझे अपनी बाहों में ले लो।

आकाश- तुम्हारी चूत में लंड को घुसा दिया है अब तुम्हे कैसा लग रहा है।

मैं- मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा है थोड़ा तेजी से और पूरी जान मेरी चूत में झोक दो।

आकाश- लो पूरी तेजी पकड़ ली है अब इतनी तेजी से मै तुम्हारी चूत मारूंगा।

मैं- मैं तो यही चाहती हूं कि तुम मेरी चूत और गांड को एक कर दो।

आकाश- तुम्हारी गांड देखकर मुझे तुम्हारी चूत मारने में बड़ा मजा आ रहा है।

मैं- मेरा तो काम तमाम हो चुका है।

आकाश- मेरा भी वीर्य बाहर गिर गया।

मैं- तुमसे बात कर के बहुत अच्छा लगता है और जब तुमसे बात नहीं करो तो मन लगता ही नहीं है।

आकाश- मेरे साथ भी ऐसा ही होता है लेकिन तुमने आज तक मुझे कभी अपना चेहरा नहीं दिखाया।

मैं- आकाश समय आने पर मैं तुम्हें अपना चेहरा जरूर दिखाऊंगी फिलहाल तुम मेरी चूत और गांड देखकर काम चलाओ।

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