भाभी की तड़प और मेरी जवानी

Antarvasna, desi sex chat मैं जवानी की दहलीज पर खड़ा था, मेरी उम्र 20 वर्ष है यह सब आप लोगों को बताना बहुत जरूरी है क्योंकि 20 वर्ष की उम्र में जवानी जो हिलोरा मारती है वह कुछ अलग ही होता है उसे बयां कर पाना बहुत मुश्किल है इसीलिए तो मैं आप लोगों से यह बात साझा कर रहा हूं। कैसे मैं अपनी जवानी को बुझाने की कोशिश किया करता था, मैं जब भी किसी भाभी के लटकते हुए स्तनों को देखता तो उन्हें देखकर तुरंत ही मुट्ठ मार लिया करता। जब कभी भी किसी आंटी की बड़ी गांड को देखता तो मेरा वीर्य अपने आप ही मेरे कच्छे में गिर जाता था। यह सब अब बहुत होने लगा था मैं काफी परेशान रहने लगा था, मैं दिन में 4 बार तो हस्तमैथुन करता ही था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि मेरे घर में ही मेरा काम हो सकता है मुझे बाहर मुंह मारने की जरूरत नहीं है और किसी के स्तनों को देखने की भी जरूरत नहीं थी। मेरी भाभी जब भी मुझे अपने हाथों से छुती तो मेरा लंड खड़ा हो जाता और उनकी गांड को देखकर चोदने की सोचता उनकी गांड देखकर मेरा माल गिर जाया करता। भैया की शादी को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था लेकिन मेरी भाभी की गांड और स्तन बहुत बड़े है परंतु मेरी किस्मत में शायद भाभी की जवानी को महसूस करना नहीं था इसलिए भैया भाभी को अपने साथ ले गए और वह अब मुंबई में रहते हैं। मैं कभी-कभार अपने भाइयों को फोन कर दिया करता हूं लेकिन एक दिन जब मैंने भाभी को फोन किया तो उस दिन वह मूड में थी मैं तो इसी की तलाश में था कि कब वह मूड में रहे।

भाभी- अरे गोलू तुमने आज कैसे फोन कर लिया तुम ठीक तो हो ना और घर में सब लोग अच्छे हैं।

मैं- हां भाभी सब लोग ठीक है बस मैं ही थोड़ा परेशान हूं और समझ नहीं आ रहा क्या करू।

भाभी- तुम भला क्यों परेशान होने लगे हो मुझे बताओ मैं तुम्हारी भाभी हूं और जरूर तुम्हारी परेशानी को दूर कर दूंगी।

मैं- नहीं भाभी आप मेरी परेशानी को दूर नहीं कर पाओगी।

भाभी- जब तक तुम मुझे बताओगे नहीं तो मुझे कैसे मालूम पड़ेगा कि तुम्हें क्या परेशानी है और तुम्हें क्या चाहिए।

मैं- चलो भाभी मैं आपको बता ही देता हूं कि आखिरकार मुझे क्या दिक्कत है। भाभी मुझे बड़ा ही अजीब सा लगने लगा है मैं जब भी किसी महिला को देखता हूं तो मेरा अंदर से अलग ही बेचैनी निकल आती है।

भाभी- यह तो बहुत अच्छी बात है इससे पता चलता है कि तुम आगे जाकर अपनी पत्नी का बहुत ख्याल रखोगे।

मैं- लेकिन भाभी में अपनी पत्नी का कैसे ख्याल रखूंगा मेरा तो माल गिर जाता है और मैं दिन में 4 बार हस्तमैथुन करता हूं।

भाभी- अच्छा तो तुम दिन में 4 बार हस्तमैथुन करते हो इसका मतलब तुम्हारे अंदर बड़ी जवानी भरी पड़ी है और तुम उसे बाहर निकाल देते हो।

मैं- हां भाभी मेरे अंदर बहुत गर्मी है और मैं उसे बाहर निकालता रहता हूं।

भाभी- यह बताओ तुम मुझे देख कर क्या सोचते हो।

मै- में आपको देखता हूं तो मेरा लंड मेरी पैंट से बाहर निकलने की कोशिश करता है और वह आपकी चूत में जाने के लिए तड़पता है।

भाभी- अच्छा तो तुम्हारा लंड मेरी चूत में जाना चाहता है और तुम मेरे लिए इतना तड़पते हो आज मैं तुम्हारी इच्छा पूरी कर देती हूं और तुम्हें अपनी चूत दिखा ही देती हूं।

मैं- भाभी जल्दी से भेजो मैं रह नहीं पा रहा हूं।

भाभी- तुम जल्दी से बाथरूम में चले जाओ और मैं तुम्हें अपनी चूत दिखाती हूं।

मैं- भाभी आपकी चूत तो बड़ी लाजवाब है आपकी चूत पर जो तिल है तो वह मुझे अपनी ओर खींच रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं आपकी चूत में लंड डाल दूं।

भाभी- तो फिर अपने लंड को डाल दो ना मुझे भी तो पता चले तुम्हारे अंदर कितना दम है।

मैं- भाभी मै अपना डाल देता हूं आप अपनी चूत को थोड़ा सा खोलो ताकि मेरा लंड आसानी से जा सके।

मैं बाथरूम में बैठा हुआ था और धीरे से मैं भाभी से बात कर रहा था क्योंकि पापा मम्मी कमरे में सो रहे थे। उस दिन भैया भी घर पर नहीं आने वाले थे इसलिए भाभी को भी मुझसे बात करने में बड़ा मजा आ रहा था और मैं बहुत ज्यादा खुश था।

भाभी- मैंने अपनी चूत को चौड़ा कर लिया तुम अपने लंड को घुसा दो मेरी चूत तुम्हारे लंड को लेने के लिए बेताब है जल्दी से डालना कहीं कोई आ ना जाए।

मैं- हां भाभी बस आपकी चूत में अपना लंड घुसा दिया है आपको कैसा लग रहा है?

भाभी- तुम्हारे लंड तो बड़ा मोटा है और उसे मुझे अपनी चूत में लेने में मजा आ रहा है तुम बस मुझे तेजी से धक्के देते रहो ताकि मेरी चूत का पसीना रूक ना पाए।

मैं- भाभी मैं तो आपको बड़ी तेजी से धक्के दे रहा हूं। मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका है और आपकी चूत को मैं छिल कर रख दूंगा। उससे मे पूरी तरीके से पसीना बाहर निकाल कर ही रहूंगा।

भाभी- हां गोलू तुम मेरी चूत को सूखने मत देना और धक्के देते रहो। मैंने अपनी चूत में केले को ले लिया है और मैं तुम्हें पूरी तरीके से महसूस कर रहे हैं।

मैं- भाभी आपको चोदने मे बड़ा मजा आ रहा है ऐसी चूत मैने देखी नहीं है और आपकी चूत के तिल को देखकर मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो रहा हूं।

भाभी- मैं झडने वाली हूं तुमने तो आज मेरा पसीना ही नहीं सूखने दिया और मुझे पूरे मजे दिए।

मैं- भाभी आपके गांड के छेद में अपने लंड को डाल दूं क्या?

भाभी- गोलू तुम डालो ना तुम्हें किसने मना किया है तुम तो मेरे अपने हो तुम्हें जो करना है करो।

मैं- भाभी मैं अपने लंड पर थोड़ा सा तेल लगा दूं ताकि आपकी  गांड में जाने में आसानी हो और मुझे आपकी गांड मारने में मजा आ जाए।

भाभी- जल्दी से डालो मैं अपनी गांड को चौडी कर के बैठी हुई हूं, अपनी गांड में मैंने अपनी उंगली को घुसा दिया है बस तुम्हारे लंड का इंतजार है कि वह मेरी गांड में कब घुसेगा।

मैं- भाभी आपकी गांड में मैंने लंड को लगा दिया है आप थोड़ी सी गांड को पीछे की तरफ करो ना ताकि मुझे आसानी हो आपकी गांड में लंड को डालने में।

भाभी- गोलू तुम्हारा कितना मोटा है मेरी गांड में जा ही नहीं रहा है थोड़ा और ताकत लगाओ ताकी लंड अंदर चला जाए।

मैं- भाभी थोडा रुको बस चला ही गया आपकी गांड के अंदर लंड मेरा।

भाभी- आंहहा दर्द हो रहा है बहुत तेज दर्द हो रहा है जल्दी से अपने लंड को अंदर बाहर करो ना गोलू।

मैं- अब मजा आ जाएगा बस में तेजी से आपकी गांड के अंदर बाहर में लंड को करता हूं।

भाभी- हां गोलू और तेजी से करो मुझे अच्छा लग रहा है तुम्हारा लंड पूरा अंदर तक जा चुका है मेरी गांड से पसीना भी निकलने लगा है।

मैं- हां भाभी मुझे बड़ा मजा आ रहा है और आपको भी मजा आ रहा है ना।

भाभी- हां गोलू मुझे बड़ा मजा आ रहा है तुम ऐसे ही मुझे पेलते रहो और मेरी गांड की खुजली मिटाते जाओ बहुत दिन से मेरे गांड फड़फड़ा रही थी और किसी के लंड को तो मुझे अपनी गांड में लेना ही था। तुम्हारे भैया तो मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डाल ही नहीं पाते हैं।

मैं- भाभी लेकिन मैं आपकी गांड के मजे लेता रहूंगा और आपको पूरी तरीके से संतुष्ट कर दूंगा।

भाभी- अब मुझसे नहीं हो पा रहा है मेरी गांड से खून निकलने लगा है।

मैं- भाभी रुको ना बस 1 मिनट की बात है 1 मिनट बाद मेरा भी काम हो जाएगा।

एक मिनट बाद मेरा वीर्य गिरने वाला था। उस दिन मुझे लगा कि जैसे मैंने सचमुच में किसी की चूत मार ली हो, भाभी ने मेरे अंदर की गर्मी को पूरा बाहर निकाल दिया हो जिस प्रकार से मैंने उनके साथ फोन सेक्स का आनंद लिया उससे मुझे ऐसा लगा जैसे वह मेरे सामने ही खड़ी थी और मैं उन्हें सचमुच में चोद रहा था। भाभी जब भी फ्री होती है तो मुझे फोन कर लेती है और कहती हैं गोलू तुम अब जवान हो चुके हो और तुम्हारी जवानी में दम है। अब मैं बाहर कहीं नहीं देखता सिर्फ भाभी के साथ ही फोन सेक्स कर के हस्तमैथुन किया करता हूं, और वह भी भैया की गैरमौजूदगी में अपनी चूत की खुजली को मिटाती रहती है। मुझे उकसाने का काम करती हैं ताकि मैं उनकी इच्छा को पूरा कर सकूं। कुछ दिन पहले भाभी घर पर आई हुई थी उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया और मुझे पूरे मजे दिए लेकिन इससे आगे कुछ हो ही नहीं पाया।

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