आज भी चूत लंड जवान है

Antarvasna, hindi sex talk यह मेरे और मेरी पत्नी के बीच की बात है लेकिन मैं आप लोगों से यह बात कह रहा हूं यदि इस बारे में मेरी पत्नी को मालूम चलेगा तो वह बहुत गुस्सा हो जाएगी। मैं उसे चोरी छुपे आप लोगों से यह बात कह रहा हूं मेरी पत्नी सुरभि और मेरी मुलाकात कॉलेज के दौरान हुई, कॉलेज में ही हम दोनों का प्यार हो गया। उसके बाद हम दोनों ने शादी भी कर ली हम दोनों शादी कर के बहुत खुश हैं लेकिन हम दोनों एक दूसरे से काफी दूर रहते हैं। सुरभि स्कूल में टीचर है वह भोपाल में रहती है और मैं बैंक में जॉब करता हूं मेरी पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में है। हम दोनों एक दूसरे से बहुत दूर रहते हैं इसलिए हम दोनों बहुत तड़पते हैं हम दोनों फोन सेक्स का सहारा लेते हैं। हम दोनों का मिलना बहुत कम होता है लेकिन फोन सेक्स ही एक ऐसा माध्यम है जिससे कि हम दोनों एक दूसरे की इच्छाओं को पूरा कर पाते हैं, मैं सुरभि की इच्छाओं को पूरी तरीके से शांत कर देता हूं। वह मुझसे अपने चूत मरवाकर तो खुश होती ही है लेकिन जब हम दोनों फोन सेक्स करते हैं तो वह ज्यादा खुश होती है। वह कहती है जब भी हम दोनों फोन सेक्स करते हैं तो मेरी इच्छा पूरी हो जाती है और मुझे तुम्हारी कमी कभी महसूस नहीं होती। कल ही हम दोनों के बीच में फोन सेक्स हुआ था।

मैं- सुरभि तुम कहां हो?

सुरभि- मैं तो स्कूल में हूं क्या कोई जरूरी काम था।

मैं- हां सुरभि जरूरी काम था। सुरभि- बोलो क्या अभी बात करनी है।

मैं- नहीं अभी बात नहीं करनी मैं रात को तुम्हें फोन करता हूं।

सुरभि- ठीक है जानेमन मैं समझ गई तुम्हें क्या चाहिए।

मैं- हां रात को हम लोग बात करते हैं।

सुरभि- ठीक है अभी मैं बच्चों को क्लास में पढ़ाने जा रही हूं रात के वक्त हम लोग बात करते हैं।

रात को करीब 10:00 बजे खाना खाकर हम दोनों ने एक दूसरे को फोन किया। हम दोनो को फोन पर बात करते हुए काफी देर हो गई थी मैंने सुरभि से कहा क्या हम लोग अभी स्टार्ट करें। सुरभि कहने लगे हां पारस हम लोग शुरू करते हैं।

सुरभि- जानेमन तुम क्या कर रहे हो?

मैं- मैं तो तुम्हारे लिए तड़प रहा हूं और जब दोपहर में तुम्हारी नंगी तस्वीर देखी तो मैं पूरे तरीके से मचलने लगा था, मेरी उत्तेजना बहुत बढ़ गई इसलिए मैंने सोचा तुम्हें फोन कर के कुछ बात कर ली जाए।

सुरभि- लेकिन दोपहर में तो मैं स्कूल में थी इसलिए तुमसे बात नहीं कर पाई परंतु अब तो हम लोग खुलकर सेक्स का आनंद ले सकते हैं।

मैं- तुम्हारे साथ मुझे सेक्स करने में बड़ा मजा आता है।

हम लोगों को फोन सेक्स करने की आदत हो चुकी है।

सुरभि- तुमने अपने लंड पर तेल की मालिश तो की होगी।

मैं- हां मैंने अपने लंड कि आज मालिश की थी और मुझे बड़ा अच्छा लगा, जब मैंने अपने लंड को पूरी तरीके से चिकना बना दिया था।

सुरभि- जानेमन मैं तुम्हारे लिए बहुत तड़प रही हूं मेरा दूध तो पी लो। मेरी गर्मी थोड़ा बहुत शांत करो ना।

मैं- मै तुम्हारे स्तनों को जब भी अपने मुंह में लेता हूं तो मुझे एक अलग ही फीलिंग आती है और तुम्हारे स्तनों से खून निकालने में मुझे बड़ा मजा आता है।

सुरभि- तो निकालो ना मैं तुम्हारे लिए तडप रही हूं कब तुम मेरे स्तनों से खून निकालोगे और मेरी इच्छा को पूरा करोगे।

मैं- जानेमन अपनी ब्रा तो खोलो।

सुरभि- जानू तुम्हें याद है तुमने जो ब्रा मुझे पिछली बार दी थी मैंने आज वही पहनी है। मैंने जब अपने आपको शीशे में देखा तो मैं बड़ी गजब की लग रही थी।

मैं- तुमने बहुत अच्छा किया जो वहीं ब्रा पहनी क्योंकि मैंने तुम्हें वही ब्रा तुम्हें ध्यान में रखकर दी थी।

सुरभि- जानू तुम्हारी बहुत याद आ रहे हैं तुम जल्दी से अपनी ब्रा को खोलो ना।

सुरभि- बस अभी खोलती हूं।

कुछ देर हम लोगों ने फोन को होल्ड पर रखा लेकिन कुछ देर बाद शायद नेटवर्क की प्रॉब्लम होने लगी इसलिए सुरभि ने मुझे फोन किया।

सुरभि- तुम कहां चले गए थे?

मैं- अरे कहीं नहीं मैंने फोन होल्ड पर रखा था ना जाने कैसे फोन कट गया चलो खैर छोड़ो।

सुरभि- मैंने अपनी ब्रा खोल दी है और मुझे अपने स्तनों को दबाने में बड़ा मजा आ रहा है।

मैं- मैं तुम्हारे स्तनों की कल्पना कर रहा हूं तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है।

सुरभि- मेरे स्तनों में आजकल दूध बहुत भर चुका है काफी समय से तुमने दूध को बाहर नहीं निकाला है इसलिए तो दूध पूरा भर चुका है।

मैं- हां जानेमन मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं अब मैं तुम्हारे स्तनों से दूध को बाहर निकालकर तुम्हारी इच्छा को पूरा करूगा।

सुरभि- सोना बाबू जल्दी से निकालो ना मैं अपने स्तनों को दबा रही हूं और अपनी चूत में उंगली डाल रही हूं।

मैं- सुरभि तुम पहले अपनी चूत में उंगली अच्छे से घुसा दो ताकि तुम्हें और भी मजा आने लगे।

सुरभि- मैंने अपनी उंगली अपनी चूत में घुसा दी है और उसे बड़ी तेजी से अंदर बाहर कर रही हूं सचमुच बडा मजा आ रहा है तुमसे बात कर के ऐसा लगता है जैसे सिर्फ तुमसे बात करती ही रहूं।

मैं- आज भी तुम बदली नहीं हो बिल्कुल वैसे ही हो जैसे कि पहले थी। हम लोग आज भी ऐसे ही बात करते हैं जैसे पहले किया करते थे।

सुरभि- कसम से मजा आ गया।

मैं- चलो सुरभि मेरे लंड को अंदर तक ले लो ना ।

सुरभि- हां मैंने तुम्हारे लंड को अंदर तक ले लिया है मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है जानेमन थोड़ा और तेजी से धक्के मारो ना तुम तो बिल्कुल थके हुए लग रहे हो। क्या तुम्हारे लंड में आज दम नहीं है।

मैं- नहीं सुरभि ऐसी बात नहीं है मैंने तुम्हारी चूत के अंदर तक अपने लंड को घुसा दिया है और तम्हें धक्के मार रहा हूं।

सुरभि- हां यह बात हुई ना तुमने बड़े जोरदार तरीके से मुझे धक्के दिए, अब मुझे मजा आ रहा है ऐसे ही तुम धक्के मारते रहो।

मैं- सुरभि अपने पैरों को थोड़ा सा ऊपर करो ना ताकि मैं अपने लंड को आसानी से डाल सकूं।

सुरभि- मैंने अपने पैरो को चौड़ा कर लिया है अब तुम जितने अंदर तक डाल सकते हो डालो।

मैं- हां मेरा लंड पूरा अंदर तक जा रहा है और मुझे बड़ा मजा आ रहा है ऐसे ही तुम्हें धक्के मारने में बहुत आनंद आ रहा है।

सुरभि- आज तो कसम से आनंद आ गया तुम आज मेरी गांड भी मार लो, मेरी गांड तुम्हारे लिए तड़प रही है।

मैं- तुम मेरे लंड पर तेल लगा दो तभी तो तुम्हारी गांड में मार सकूंगा।

सुरभि- येलो तुम्हारे लंड पर तेल लगा दिया अब तुम मेरी गांड के अंदर लंड को डाल दो।

मैं- तुम अपनी गांड को थोड़ा सा चौड़ा कर लो।

सुरभि- मैं अपनी गांड में उंगली डाल रही हूं थोड़ा रुको मुझे अपनी गांड को भी चौडा करने दो।

मैं- मैं तुम्हारी गांड में लंड डाल रहा हूं मुझसे रहा नहीं जा रहा।

सुरभि- चलो डाल दो मैं तैयार हूं, अरे बाबा तुमने तो मेरी गांड को फाड दिया है। थोड़ा धीरे से डालो ना इतनी तेजी से क्यों डाल रहे हो मुझे दर्द हो रहा है।

मैं- मुझे तुम्हें धक्के देने में मजा आ रहा है और तुम्हारी गांड के अंदर मेरा लंड पूरा छिल गया है इसलिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

सुरभि- तुम और तेजी से मुझे धक्के देते रहो मेरी गांड से गर्मी बाहर निकल रही हैं, थोड़ा और तेजी से मुझे धक्के दो मेरी गांड से पसीना आने लगे है।

मैं- मुझे तो ऐसा लग रहा है जैसे कि मैं किसी गाड़ी में धक्के दे रहा हूं। मेरे अंदर से पूरी जान बाहर निकल रही है अब ज्यादा देर तक मैं तुम्हें धक्के नहीं दे पाऊंगा।

सुरभि- जानू बस कुछ देर की बात है उसके बाद तो मेरी भी इच्छा पूरी हो जाएगी।

मैं- चलो अब मैं तुम्हें और तेजी से धक्के दे रहा हूं तुम अपनी गांड को मेरे लंड से मिलाती रहो।

सुरभि- हां मुझे अपनी गांड को तुमसे मिलाने में मजा आ रहा है और मैं ऐसे ही तुम्हारे लंड से अपनी गांड को मिलाती रहूंगी।

मैं- मेरा तो हो चुका है अब मेरे बस की बात नहीं है मैं सोने जा रहा हूं और तुम भी सो जाओ।

सुरभि- ठीक है मैं भी सो रही हूं मेरी भी इच्छा पूरी हो चुकी है और कल मुझे सुबह स्कूल भी जाना है गुड नाईट बाबू आई लव यू मैं गुड नाईट बाबू सो जाओ। जब भी मै सुरभि से बात करता हूं तो मुझे अपनी जवानी का एहसास होता है।

Tags: , , ,
error: