तलाश आखिर खत्म हुई

Antarvasna, hindi sex chat: उम्र के 40 वें वर्ष में कदम रख चुकी थी अब शायद मेरे ढलती उम्र की वजह से मेरी तरफ कोई देखता भी नहीं था। मुझे अपना रास्ता खुद ही ढूंढना था मैं अपने लिए एक मजेदार पार्टनर ढूंढू क्योंकि मेरे पति भी अब मेरी तरफ देखते नहीं थे। मैं उनके लिए बसी माल हो चुकी थी और वह भी हमेशा नए और ताजे माल की तलाश में रहते थे इसलिए मैंने भी अपने लिए साथी ढूंढने का निर्णय कर लिया था। मैं लुधियाना की रहने वाली हूं मेरा नाम हरजोत है जब मैं 20 वर्ष की थी तो उस वक्त मैं अपनी उम्र के जवानी के पूरे मजे ले रही थी। उस वक्त ना जाने मैने कितनों के साथ अपनी रातों को रंगीन किया था उस वक्त मेरे आस पड़ोस में ऐसा माहौल नहीं था लेकिन उसके बाद मैंने अपने आस-पड़ोस के कम से कम 10 घरों में अपने जलवे तो दिखा दिए थे। मुझे कई बार लगता कि अब मेरी जवानी ढलने लगी है इसलिए मुझे भी अब अपने लिए कोई साथी ढूंढना पड़ेगा। मैं घर पर ही रहती थी और मेरे पास मेरे पुराने आशिको का फोन आना भी बंद हो चुका था लेकिन एक दिन मैंने गुप्ता जी का नंबर निकलवा ही लिया। गुप्ता जी से मैं फोन पर बात करने लगी गुप्ता जी का घर मेरी बहन के घर के पास ही है। उनकी कद काठी और उनका चलता हुआ काम देख कर तो मुझे ऐसा लगता जैसे मैं उनसे शादी कर लूं। मुझे इस बात का भी अंदाजा लग चुका था कि गुप्ता जी एक नंबर के सेक्स के भूखे हैं इसलिए तो मैंने उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए थे। जब मैंने उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज किया तो उनका मैसेज भी मुझे आने लगा।

मैं- गुप्ता जी आपकी दुकान में जवान होने की कोई  क्रीम है?

गुप्ता जी- आप कौन कह रही हैं मैंने आपको नहीं पहचाना।

मैं- गुप्ता जी आप भी आखिर अपनी बनिया गिरी दिखा दी आप मेरी व्हाट्सएप की फोटो में देख लीजिए ना उसमें आपको मेरा चेहरा साफ दिखाई दे जाएगा मैंने अपनी फोटो उसमें लगा रखी है।

गुप्ता जी- ठहरो अभी देखता हूं।

जैसे ही गुप्ता जी ने मेरी तस्वीर मेरे व्हाट्सएप की प्रोफाइल पर देखी तो वह अपने आपको ना रोक सके और कुत्ते के जैसी लार टपकाते हुए मेरे पास आए और उन्होंने मुझे फोन कर दिया। जब उन्होंने मुझे फोन किया तो मैंने भी उनसे मजे लेने शुरू कर दिए थे और आखिरकार मुझे गुप्ता जी के रूप में अपना एक पार्टनर तो मिल ही चुका था। मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश थी कि मुझे गुप्ता जी के रूप में एक पार्टनर मिल चुका है।

मैं- गुप्ता जी यह आपका ही नंबर है?

गुप्ता जी- हां यह मेरा ही नंबर है लेकिन मुझे आपका नाम नहीं पता आप मुझे अपना नाम बता सकती हैं?

मैं- हां क्यों नहीं मैं आपको अपना नाम बता देती हूं, मेरा नाम हरजोत कौर है और मैं लुधियाना में ही रहती हूं।

गुप्ता जी- आपको मेरा नंबर कहां से मिला?

मैं- आपको हर बात बतानी जरूरी तो नहीं है आप भी मुझसे दुकानदार जैसे ही पेशा रहे हैं थोड़ा सा तो अपने आप को मेरे हिसाब से बनाइए।

गुप्ता जी- आप क्या बात कर रही है मैं आपको अभी जवान करने वाली क्रीम का नाम बताता हूं उससे आपका चेहरा मैं पूरी चमक आ जाएगी।

मैं- जल्दी से बताइए ना ऐसी कौन सी क्रीम है जिससे मैं जवान हो जाऊंगी और मेरा तन बदन पहले जैसा ही चमकने लगेगा।

गुप्ता जी- उसके बदले आप मुझे क्या देंगी।

मैं- जो आपको चाहिए आप वह ले लीजिए।

गुप्ता जी- फिलहाल तो आप यह बताइए कि आपके स्तन कितने बड़े हैं।

मैं- मेरे ब्रा का साइज 36 बी हैं उन्हें जो मुंह में लेता है उसे मजा आ जाता है।

गुप्ता जी- अच्छा तो आपको 36 बी नंबर लगता है आपके मोमे को अपने मुंह में लेना पड़ेगा। आपने अभी कौन सी वाली ब्रा पहनी है।

मैं- मुझे नेट वाली ब्रा पसंद है और मैं वही पहनती हूं।

गुप्ता जी- आप हमारी दुकान से भी लेकर जा सकती हैं मैं आपसे कोई भी पैसे नहीं लूंगा।

मैं- अच्छा तो मैं आपकी दुकान से ब्रा लेकर जा सकती हूं।

गुप्ता जी- क्यों नहीं आप जब भी मेरी दुकान में आए तो आप मेरी दुकान से ब्रा लेकर चले जाइएगा मैं आपसे एक भी रूपया नही लूंगा।

मैं- गुप्ता जी आपने मुझे बताया नहीं कि आपके पास ऐसी कौन सी क्रीम है जिससे कि मेरे चेहरे की सारी झुरियां खत्म हो जाएंगी।

गुप्ता जी- आपने क्या कभी सफेद माल वाली किसी झुरिया खत्म करने वाली दवाई का नाम सुना है जिससे सारी झुरियां खत्म हो जाती है।

मैं- अरे गुप्ता जी आप भी मेरे साथ मजाक कर रहे हैं वह तो मैं हर रोज लगा रही हूं।

गुप्ता जी- उसे लगाना नहीं है उसे अंदर समाना है तभी तो आपको उसका असर दिखेगा आप मेरे पास आइए मैं आपको हर रोज वह दवाई पिला दिया करूंगा उसमें बड़ी ताकत है।

मैं- गुप्ता जी मै आपने पति का भी खूब जम कर लेती हूं और मुझे बहुत मजा भी आता है लेकिन आप यह बताइए आपका लंड काफी शानदार होगा। वैसे मैंने आपको एक बार देखा था आपकी दुकान में जो भी औरतें आती है आप उनकी तरफ बड़े ध्यान से देखते हैं।

गुप्ता जी- अब हमारे पास और कुछ होता तो नहीं है बस आंखो से देख कर अपने दिल को बहला लिया करते हैं और अच्छा भी लगता है कि कोई तो अपने पास है।

मैं- अच्छा तो यदि मैं आपकी दुकान में आंऊ तो आप मुझे भी ऐसे ही देखेंगे?

गुप्ता जी- मैं तो सब को ऐसे देखता हूं अब तक मेरे हाथ बहुत ही कम महिलाएं लगी हैं। यह पहला ही मौका है जब आपने सामने से फोन किया है नहीं तो मुझे फोन करना पड़ता है।

मैं- लगता है अब तो आपके पास आना ही पड़ेगा और आपसे अपने मुंह की झाइयों को खत्म करवाना पड़ेगा।

गुप्ता जी- आप जरूर आइए आपकी दुकान है और आपको मैं खुश कर दिया करूंगा।

मै- लेकिन क्या आप मेरी चूत मार कर मुझे खुश कर देंगे?

गुप्ता जी- मुझे चूत मारने का शौक नहीं है मैं तो गांड मारता हूं और यदि आपको गांड मरवानी हो तो मेरे पास आ जाइएगा।

मैं- आपने बिल्कुल सही कहा मेरे पति भी मेरी गांड मरा करते थे लेकिन अब तो वह मेरी तरफ देखते तक नहीं है।

गुप्ता जी- आप आइए तो सही मैं आपकी गांड बड़े ही अच्छे तरीके से मारूंगा और आपको भी खुश कर दूंगा।

मैं- लगता है अब आपके पास आना ही पड़ेगा और अपनी इच्छा को आपसे पूरा करवाना पड़ेगा।

गुप्ता जी- आपको जब भी लगता है तो आप आ जाइएगा मैं आपकी हर जरूरत को पूरा कर दिया करूंगा।

मैं- फिलहाल तो मैंने अपनी गांड के अंदर मोटा से डिलडो को डाल दिया है वह भी बड़ा अजीब है पता नहीं विज्ञान ने कितनी तरक्की कर ली है।

गुप्ता जी- मेरे पास भी कुछ डिलडो रखे हुए हैं मैं भी चोरी छुपे बेचता हूं। आप उसे अपनी गांड के अंदर ले लीजिए मुझे भी मजा आ जाएगा।

मैं- आह आह आह घुस रहा है बस अब धीरे-धीरे जा ही रहा है, दर्द हो रहा है लेकिन कोशिश कर रही हूं अंदर घुस जाए।

गुप्ता जी- लीजिए मैं भी अपने लंड को हिला रहा हूं और आप अपनी गांड के अंदर डिलडो डालते रहिए।

मैं- मैंने तो अपनी गांड के अंदर घुसा दिया है।

गुप्ता जी- लगता है मुझे भी किसी की गांड तो मारनी पड़ेगी मैं देखता हूं क्या मेरी पत्नी ऊठी हुई है।

मैं- चलिए आप अपनी पत्नी की गांड मारिए।

गुप्ता जी- हां मेरी पत्नी उठी हुई है आप फोन पर ही रहिएगा मैं सिर्फ हां मैं जवाब देता रहूंगा और फिलहाल मैं अपनी पत्नी की गांड में लंढ को डाल देता हूं।

मैं- लगता है आपने अपनी पत्नी की गांड में अपने लंड को घुसा दिया है।

गुप्ता जी- हां।

मैं- आप अपनी पत्नी की गांड कितनी देरी से मार रहे हैं मुझे तो लग रहा है कि आपने अपनी पत्नी की गांड सरसों का तेल लगा कर मार रहे हो?

गुप्ता जी- हां।

मैं- मैंने भी अपनी गांड के अंदर बड़ी तेजी से डिलडो को डालना शुरू कर दिया और बड़ा ही आनंद आ रहा था।

कुछ ही क्षण बाद गुप्ता जी का वीर्य उनकी पत्नी की गांड मे गिर गया था। मेरी आग डिलडो से बुझ गई थी मुझे तो बड़ा मजा आया था और गुप्ता जी को भी बहुत मजा आया। उसके बाद हम लोग अक्सर फोन पर बात किया करते जब भी मेरा मन होता तो मैं गुप्ता जी को परेशान कर लिया करती थी।

Tags: , , ,
error: