फोन जैसे वरदान हो

Antarvasna, hindi sex chat: मेरी तो जैसे किस्मत ही खुल गई थी जो मुझे कनिका का नंबर मिल चुका था। हम दोनों के बीच बातें भी होने लगी थी कनिका मुझे सबसे पहली बार एक पार्टी में मिली थी मैं उसे देखकर उस पर पूरी तरीके से फिदा हो गया था लेकिन मुझे कहां मालूम था कि कनिका जल्द ही मेरी हो जाएगी। हम दोनों के बीच इतनी बातें होंगी जब पहली बार हम दोनों के बीच बातें हुई थी तो हम दोनों थोड़ा नर्वस से लग रहे थे लेकिन धीरे-धीरे हम दोनों के बीच की बातें अब खुलकर होने लगी थी। कनिका को भी मेरे लिए समय निकालना पड़ता था कनिका कि अब एक बहु अंतर्राष्ट्रीय कंपनी में जॉब लग गई थी वह अपने जॉब के सिलसिले में मुंबई चली गई थी। हम दोनों के बीच कई मिलो का फासला था लेकिन फासले को हम लोग फोन पर बात कर के कम कर दिया करते थे। हम दोनों जब एक दूसरे से बात करते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता मैं भी अपनी जॉब से थोड़ा बहुत समय निकालकर कनिका को मैसेज कर ही दिया करता था।

मैसेज के माध्यम से मेरी और कनिका की बात हो रही थी। उसके कुछ अंश मैं आप लोगों को बताता हूं कि कैसे मेरी और कनिका के बीच बातें हो रही थी।

मैं- कनिका तुम बिजी तो नहीं थी?

कनिका- हां मैं बिजी थी अभी मैं कुछ काम कर रही थी वैसे तुम से 5 मिनट के लिए मैसेज पर मैं बात कर सकती हूं।

मैं- ओके ठीक है।

कनिका- सॉरी यार कल रात को मुझे नींद आ गई थी और आधे में फोन काटना पड़ा मैं बहुत ज्यादा थक गई थी आज कल ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम है।

मैं- कोई बात नहीं कनिका मुझे मालूम था कि तुम्हारा ऑफिस में काम होगा इसलिए मैंने तुम्हें कुछ नहीं कहा और वैसे भी मुझे नींद आ गई थी। मैं भी सो गया था।

कनिका- अच्छा तो तुम्हें भी नींद आ गई थी वैसे कल बड़ी ही मजेदार और चटपटी बातें हो रही थी।

मैं- तुम तो हो ही मजेदार और जब तुमसे बात कर रहा हूं तो ऐसा लगता है कि जैसे अभी मेरा माल बाहर की तरफ गिर जाएगा।

कनिका- चलो रात मे बात करते है क्योंकि फिर मेरा फोन मै ही ध्यान लगा रहेगा। मैं अभी अपने ऑफिस का काम कर लेती हूं और तुम्हें घर पहुंचकर कॉल करती हूं।

मैं- ठीक है तुम मुझे घर पहुंचकर फोन करना मैं तुम्हारे फोन का इंतजार करूंगा।

कनिका ने मुझे शाम के 7:00 बजे फोन किया लेकिन उस वक्त मैं अपने काम पर ही था इसलिए उससे बात नहीं कर सका परंतु मैं जब घर गया तो मैंने कनिका को फोन किया। मेरी मम्मी मुझे कहने लगी बैठा खाना खाने के लिए आ जाओ लेकिन मेरा तो खाना खाने का मन ही नहीं हो रहा था और आखिरकार मेरी बात कनिका से 10:00 बजे के बाद ही हो पाई। कनिका ने भी अपना रात का डिनर कर लिया था और हम दोनों आपस में बातें कर रहे थे।

मै- सॉरी यार कनिका तुम्हें तो मालूम है ना कि घर में कितनी परेशानियां हो जाती हैं और मम्मी कह रही थी कि तुम खाना खा लो इसलिए मैं खाना खाने के लिए चला गया।

कनिका- कोई बात नहीं मैं समझ सकती हूं हालांकि मैं घर से दूर हूं लेकिन मुझे सब मालूम है। मुझे भी कई बार अपने घर की बहुत याद आती है।

मैं- अच्छा तो तुम्हे तुम्हारे घर की याद आती है।

कनिका- हां यार घर की बहुत याद आती है और लगता है कि अपना काम छोड़कर कुछ दिन के लिए घर आ जाऊ लेकिन काम से फुर्सत ही कहां है।

मैं- तो फिर तुम आ क्यों नहीं जाती कम से कम इस बहाने तुमसे मिलने का मौका तो मिलेगा।

कनिका- नहीं यार ऐसा संभव नहीं है तुम्हें तो मालूम है बड़ी मुश्किल से अच्छी जॉब लगी है और मेरा फ्यूचर भी तो है।

मैं- मुझे सब मालूम है लेकिन ऐसा ना हो कि कहीं तुम फ्यूचर के चक्कर में मुझे छोड दो।

कनिका- राकेश अगर यह बात की तो मैं तुम्हें छोड़ दूंगी तुम्हें मालूम है मैं तुमसे कितना प्यार करती हूं।

मैं- हां मुझे मालूम है तुम मुझसे कितना प्यार करती हो लेकिन मुझे भी तो तुम्हारी याद आती है।

कनिका- चलो ठीक है मैं तुम्हारी यादों को अभी दूर किए देती हूं मैं समझ सकती हूं कि तुम्हें मेरी कितनी याद आती होगी।

मैं- तुम कैसे मेरी यादों को दूर करोगी?

कनिका- मैं तुम्हें बताती हूं आज मैंने क्या पहना हुआ है।

मैं- कनिका तुम तो बड़ी लाजवाब हो तुम मुम्बंई जाकर बडी बोल्ड और बिंदास हो गई हो लगता है तुम पर भी मुंबई का रंग चढ़ने लगा है।

कनिका- तो फिर क्या चढेंगा नहीं आखिरकार मुंबई के रंग में मैं भी रंग चुकी हूं और मैं तुम्हें भी रंग देती हूं।

मैं- बताओ ना क्या बता रही थी।

कनिका- मैंने आज नेट वाली ब्रा खरीदी थी और आज वही पहनी हुई है और नीचे पिंक कलर की जालीदार पैंटी पहनी है।

मैं- मैंने तो अपने लंड को बाहर निकाल लिया है और उस पर तेल की मालिश कर रहा हूं ताकि वह कड़क हो जाए और मुझे मजा आ जाए।

कनिका- अच्छा तो तुम उसकी मालिश कर रहे हो लगता है तुम्हारी मालिश करने के लिए मुझे भी आना पड़ेगा।

मैं- हां यार तुम आ जाते तो कितना अच्छा रहता कम से कम मैं तुम्हारी चूत तो उठाकर मारता और काफी समय हो गया है जब से तुम्हें ढंग से देखा भी नहीं है लगता है कितनी सदियां बीत गई है।

कनिका- चिंता मत करो सब्र का फल मीठा होता है और सब कुछ बहुत ही अच्छा होगा अभी मैं तुम्हें वीडियो कॉल करती हूं तुम्हें भी मजा आ जाएगा और मुझे भी आनंद आ जाएगा।

मैं- कनिका करो ना मैं इंतजार कर रहा हूं तुम कैसी लग रही हो।

वीडियो कॉल का अपना ही अलग मजा है वीडियो कॉल में सब कुछ साफ साफ दिखाई देता है और यह तो प्रेमियों के लिए वरदान साबित हुआ है और ऐसा लगता है कि जैसे वीडियो कॉल के माध्यम से ही बात करते रहो।

मैं- तुम्हारा चेहरा देखकर तो सारी थकान दूर हो जाती है और ऐसा लगता है कि तुम्हें चुम लू।

कनिका- यह क्या कर रहे हो तुम तो मुझे फ्लाइंग किस दे रहे हो। थोड़ा सा अपने मोबाइल को नीचे भी तो घुमाओ तब तो कुछ नजारा दिखाई देगा।

मैं- लो नीचे कर लिया क्या दिखाई दिया।

कनिका- मुझे सब कुछ दिखाई दे रहा है तुम्हारा लंड कितना मोटा हो चुका है।

मैं- तुम्हारी याद में मोटा तो होगा ही और देखो कितना तड़प रहा है।

कनिका- लो मैं भी देखूं कितनी पतली हो गई हूं मेरे स्तन सूख चुके हैं।

मैं- हां यार तुम्हारे स्तन तो कम हो गए हैं। तुम मेरे पास होती तो अभी उन्हें फुला कर बड़ा कर देता।

कनिका- तुम भी कैसी बात करते हो।

मैं- जरा अपनी चूत की फोटो दिखाओ कैसी लगती है।

कनिका- कितनी बार देखोगे पता नहीं कितनी बार देख चुके हो और हमेशा ही चूत के पीछे पड़े रहते हो।

मैं- दिखा दो दिखाने में क्या जा रहा है।

कनिका- ठीक है बाबा दिखा दिया।

मैं- अरे वाह मजा आ गया। तुम चूत के अंदर उंगली को डालो तुम्हें अच्छा लगेगा।

कनिका- यह देखो घुसा लिया कैसा लग रहा है।

मैं- अब तो मजा आ रहा है मैं भी अपने लंड को हिला रहा हूं और मुझे भी मजा आ रहा है।

कनिका- तुम हिलाते रहो मैं भी देख रही हूं मै भी अपनी चूत के अंदर उंगली को डाल रही हूं।

मैं- हां यार वाकई में मजा आ गया देखो मेरा लंड कितना ज्यादा कड़क हो चुका है और तुम्हारी याद में कितना तड़प रहा है। कनिका तुम उसे तड़पाओ मत तुम मेरे पास आ जाओ तुम्हें कितनी बार कहा है लेकिन तुम सुनते ही कहां हो।

कनिका- अरे बाबा आ तो जाऊ लेकिन काम क्या क्या करूं नौकरी से छुट्टी नहीं मिलती तो भला मैं कैसे आ जाऊं लेकिन फिलहाल तो ऐसे ही काम चल रहा है। मेरी योनि से तो पानी बाहर टपकने लगा है और बड़ा मजा आ रहा है ऐसा लग रहा है कि जैसे अभी तुम्हारे लंड को अपनी चूत में घुसा लूं और तुम मुझे तेजी से धक्के मारते रहो।

मैं- हां क्यों नहीं तुम्हारी योनि के अंदर मैं अपनी लंड को घुसा ही दूंगा देखो मेरा माल भी बाहर की तरफ हो गिरने लगा है और कुछ ही समय बाद गिर भी जाएगा।

कनिका- तुम मुझे जरूर दिखाना जब तुम्हारा माल गिरे।

मैं- हां जरूर दिखाऊंगा लो देखो अब कैसा लग रहा है।

कनिका- अरे कितना मजा आ रहा है काश तुम मेरे मुंह में गिरा देते।

मैं- कनिका मैं अब जा रहा हूं कल तुमसे बात करता हूं

कनिका- ठीक है तुम्हारा तो काम हो गया और मैं भी अब सो जाती हूं बाय जानेमन।

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