मुझसे दूरी सही नही जाए

Indian sex kahani, desi sex chat: प्रतिभा से मेरी मुलाकात उस वक्त हुई जब मैं और प्रतिभा बस में सफर कर रहे थे मुझे प्रतिभा से मिलकर बहुत अच्छा लगा मैंने उससे बात कर ली। प्रतिभा ने भी मुझ से बात की और उसे भी मुझसे बात करना बहुत अच्छा लगा हम दोनों एक दूसरे से बहुत देर तक बात करते रहे मैंने प्रतिभा का नंबर भी ले लिया। हम दोनों एक दूसरे के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे मैं बस से उतर गया लेकिन कुछ समय बाद मुझे पता चला कि प्रतिमा ने शादी कर ली है मेरी प्रतीभा से काफी समय तक बात नहीं हो पाई थी लेकिन जब मुझे इस बारे में पता चला कि उसने शादी कर ली है तो मैंने उसे काफी लंबे समय बाद फोन किया। उसने मुझे कहा मुकेश मुझे फोन मत किया करो तुम मुझसे मैसेज के माध्यम से बात किया करो क्योंकि यदि मेरे पति ने कभी देख लिया तो वह मुझे तलाक दे देंगे और मेरा रिश्ता टूट जाएगा। मैंने प्रतिभा से पूछा तुमने बडी जल्दी शादी का फैसला कर लिया प्रतिभा के पास कोई भी जवाब नहीं था उसके पास शायद इसलिए जवाब नहीं था क्योंकि उसके घर की मजबूरी की वजह से उसे शादी करनी पड़ी थी। मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि प्रतिभा ने शादी कर ली है मैं भी अपने जीवन में आगे बढ़ चुका था और मैं अपने दोस्तों और अपने परिवार के साथ खुश था लेकिन रात के वक्त मुझे काफी अकेलापन महसूस होता तो उस वक्त में प्रतिभा को मैसेज कर दिया करता था जब भी उस से मेरी मैसेज में बात होती तो हम दोनों एक दूसरे से खुलकर बातें किया करते थे। प्रतिभा को भी मुझसे बातें करना अच्छा लगता।

मैं- प्रतिभा तुमने मुझे मैसेज किया था अभी मैं अपने काम से फ्री हो पाया तो सोचा तुम्हें मैसेज का रिप्लाई कर देता हूं।

प्रतिभा- सोच रही थी तुमसे आज बात करूं क्योंकि काफी दिनों से तुम से मेरी बात हो नहीं पाई थी और आज मुझे समय मिला तो मैंने तुमको मैसेज कर दिया था लेकिन शायद तुम बिजी थे इसलिए मेरे मैसेज का जवाब तुम ना दे सके।

मैं- मै अपने काम में बिजी था इसलिए तुम्हारे मैसेज का जवाब नहीं दे सका लेकिन अभी मेरे पास समय है और हम लोग बात कर सकते हैं।

प्रतिभा- मुझे तो हमेशा से ही तुमसे बात करने मे अच्छा लगता है और जब भी मैं तुमसे बात करती हो तो मेरे अंदर एक अलग ही फीलिंग पैदा हो जाती है और मुझे लगता है कि बस तुम से ही बात करती रहूं।

मैं- प्रतिमा बात करना तो मुझे भी अच्छा लगता है लेकिन आज क्या हम लोग फोन पर बात कर सकते हैं काफी समय से मैंने तुम्हारी आवाज भी नहीं सुनी है यदि तुम मुझसे फोन पर बात करोगे तो मुझे भी अच्छा लगेगा।

प्रतिभा- ठीक है तुम मुझे फोन करो।

मैं- प्रतिभा तुमसे बात करना मुझे अच्छा लग रहा है और बहुत खुशी हो रही है मैं तुमसे बात कर पा रहा हूं। तुम्हारे पति तुम पर कुछ ज्यादा ही नजर रखते हैं मुझे लगता है कि इतना भी किसी के ऊपर नजर रखना है ठीक नहीं होता मुझे तो लगता है वह तुम पर शक पर बात करते होंगे?

प्रतिभा- वह मुझ पर शक बहुत ज्यादा करते हैं लेकिन मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता मुझे तो सिर्फ तुमसे बात करना अच्छा लगता है जब भी मैं तुमसे बात करती हू तो मेरी चूत फड़फड़ाने लगती है और मेरी चूत से पानी बाहर की तरफ निकलने लगता है। मुझे तो लगता है मेरी चूत तुम्हारे इंतजार में बैठी हुई रहती है लेकिन तुम मुझसे क्यों दूर हो हम लोग मिल नहीं सकते ना इसीलिए तो मैं तड़प रही हूं।

मैं- प्रतिमा तुम्हें तड़पने की जरूरत नहीं है हम लोग फोन पर भी तो बात करते हैं और फोन पर भी हम लोग एक दूसरे को पूरी तरीके से संतुष्ट कर देते हैं तुम मुझे बताओ क्या हम लोगों ने फोन पर एक दूसरे को कभी संतुष्ट नहीं किया है?

प्रतिभा- हां हम लोग जब भी फोन पर बात करते हैं तो तुम मुझे संतुष्ट कर देते हो लेकिन आज मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकल रहा है मुझे लग रहा है मुझे तुम्हारे लंड की जरूरत है काश कि तुम मेरी चूत में लंड डाल पाते और मेरी चूत के मजे लेते।

मैं- लो तुम्हारी चूत के अंदर अभी लंड डाल देता हूं क्या तुम्हारे पास कोई बैंगन है जिसे तुम अपनी चूत में ले सकती हो उस पर तुम अपने मुलायम और कोमल हाथों से कंडोम को चढा लो, तुम उस बैंगन को अपनी चूत के अंदर ले लेना तुम्हें यदि उसकी चिकनाई को बढ़ाना है तो तुम उस पर तेल की मालिश भी कर लेना था ताकि तुम्हारी चूत के अंदर आसानी से वह बैंगन जा सके।

प्रतिभा- मुकेश तुम कमाल के हो वैसे तुम से बात करने में मुझे हमेशा ही अच्छा लगता है लेकिन आज ना जाने क्यों मुझे ज्यादा ही अच्छा लग रहा है और ऐसा लग रहा है कि आज तुम मेरी चूत के मजे बड़े ही अच्छे तरीके से लोगे और मेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही मानोगे।

मैं- प्रतिभा जब भी तुमसे बात करता हूं तो मुझे ऐसा ही लगता है और तुम्हारी चूत का मैं भोसड़ा बना दूंगा हमेशा से ही मैं यही चाहता हूं। जब पहली बार हम लोग बस में मिले थे तो उस वक्त भी मैं चाहता था कि तुम्हें चोदू लेकिन पहले ही मुलाकात में ऐसी बातें शायद ठीक नहीं होती इसलिए मैंने तुमसे इस प्रकार की बातें नहीं की थी परंतु जब हम दोनों एक दूसरे से सेक्स के बारे में बात कर ही रहे हैं तो तुम अपनी चूत के अंदर बैंगन को घुसा लो ताकि तुम्हें मजा आता रहे मैं भी अपने लंड को हिलाता रहता हूं।

प्रतिभा- तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो मैं अपनी चूत के अंदर उस बैंगन को घुसा रही हूं मुझे वाकई में मजा आ रहा है तुम्हें सुनाई दे रही है मेरी मादक आवाज देखो मुझे कितना अच्छा लग रहा है। मैंने उसे आधा अपनी चूत के अंदर तक ले लिया है मैं कल्पना कर रही हूं कि तुम्हारे लंड को मैं अपनी चूत के अंदर ले रही हूं। मैं तुम्हारा हमेशा ही धन्यवाद देना चाहती हूं तुमने मेरी चूत कि खुजली को मिटाने का जिम्मा जो ले रखा है।

मैं- प्रतिभा तुम भी कैसी बात कर रही हो मुझे तो तुम्हारी चूत की खुजली मिटाने में हमेशा से ही मजा आता है जब तुम्हारी चूत के अंदर बैंगन घुस रहा है तो मेरा लंड खड़ा हो रहा है। मैं तुम्हारे बारे में सोच रहा हूं मुझे लग रहा है जैसे मेरा वीर्य बाहर निकलने वाला है लेकिन जब तक तुम पूरी तरीके से संतुष्ट नहीं हो जाती तब तक मैं भी अपने वीर्य को बाहर नहीं गिरने दूंगा।

प्रतिभा- मेरी चूत पूरी तरीके से खुल चुकी है मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि मैं अपनी चूत में अंदर इस बैंगन को लेती रहूं मैंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर रखा है मुझे बड़ा मजा आ रहा है ऐसा लग रहा है कि जैसे मेरी चूत के अंदर सचमुच में किसी का लंड जा रहा है। इस बैंगन की मोटाई बहुत ज्यादा है यह मेरी चूत के अंदर बड़ी आसानी से चला गया क्योंकि तुमने मुझे कहा था कि बैंगन के ऊपर तेल की मालिश कर लेना इसलिए मैंने तेल की मालिश की और आसानी से मेरी चूत में घुस गया।

मैं- प्रतिभा तुम हमेशा मेरी बात मानती हो एक बात और मान लो बैंगन को अपनी गांड में घुसा कर देखो तुम्हें और भी अच्छा लगेगा और तुम्हारी सिसकियो से मेरा वीर्य भी बाहर की तरफ को आने लगेगा।

प्रतिभा- हां तुम ठीक कह रहे हो मैं उसे अपनी गांड के अंदर लेते हूं लेकिन इसकी चिकनाई और बड़ा लेती हूं ताकि यह मेरी गांड के अंदर घुस जाए। मैंने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया है अपनी गांड के अंदर इसे मे डाल रही हू तुम बिल्कुल ठीक कहते थे गांड के अंदर तक जाने लगा है और अब आधा मेरी गांड के अंदर तक घुस चुका है।

मैं- मुझे भी वाकई में बड़ा मजा आ रहा है और ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं तुम्हारी गांड मार रहा हूं मुझे तुम्हें धक्के देने में मजा आ रहा है मेरा लंड पूरी तरीके से छिलकर बेहाल हो चुका है लेकिन इस वक्त तो मैं तुम्हारी गांड की कल्पना कर रहा हूं तुम्हारी बड़ी चूतड वाकई में बड़ी ही मजेदार है मुझे तो ऐसा लग रहा है जैसे तुम मुझसे अपनी चूतडो को टकराती ही रहो।

प्रतिभा- मेर गर्मी बाहर निकलने लगी है मैंने बैंगन को भी बाहर निकल लिया है क्या तुम्हारा वीर्य गिर चुका है?

मैं- हां मेरा भी वीर्य गिर चुका है।

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