माल बातें करते करते गिर गया

Antarvasna, hindi sex story: मेरे और सुहानी के बीच पहली मुलाकात मेरे एक दोस्त ने करवाई थी। जब मेरी मुलाकात सुहानी के साथ हुई तो मुझे सुहानी बहुत अच्छी लगी थी लेकिन कुछ समय बाद उसकी शादी तय हो गई थी मेरी उस से बात नहीं हो पाई थी कई सालों बाद जब सुहानी ने मुझे फोन किया तो मुझे सुहानी से बात करके अच्छा लगा। अब हम दोनों की बातें होने लगी थी लेकिन मैं अपने काम के चलते बहुत ही ज्यादा बिजी रहने लगा था इसलिए मैं सुहानी से बात नहीं कर पाता था अब मेरी भी सगाई हो चुकी थी और जल्द ही मेरी भी शादी होने वाली थी। सुहानी से जब मेरी बात होती तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता लेकिन वह मुझे कहती कि मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं। उसकी परेशानी की वजह मुझे अभी तक पता नहीं चल पाई थी। एक दिन मैंने सुहानी से उसकी परेशानी की वजह पूछी तो उसने मुझे बताया कि उसके पति उसे बिल्कुल भी खुश नहीं रखते और उसके साथ वह झगड़ते रहते हैं। उसके पति और उसके बीच में कुछ भी ठीक नहीं है उसके पति उसे बिल्कुल भी प्यार नहीं करते और उसके पति सिर्फ उसे दहेज की मांग करते हैं वह एक कंपनी में जॉब करती है लेकिन वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुकी थी जिस वजह से उसने नौकरी भी छोड़ दी थी। मैंने सुहानी को समझाया और कहा कि देखो सुहानी तुम्हें नौकरी नहीं छोड़नी चाहिए थी। वह कहने लगी लेकिन ऐसी स्थिति में मै क्या करती मैने नौकरी छोड़ दी मैं बहुत ज्यादा ही परेशान थी मेरे पति मुझे बहुत ज्यादा परेशान किया करते हैं। वह हमेशा ही मुझे कहते कि तुम नौकरी करो कुछ दिनों के लिए सुहानी अपनी मम्मी के घर पर आ गई थी सुहानी के पापा का भी देहांत हो गया था इसलिए सुहानी यह बात किसी को भी नहीं बताना चाहती थी। सुहानी और मेरी बातें हर रोज होती सुहानी को मुझसे बात करना अच्छा लगता और जब भी वह मुझसे बातें किया करती तो वह हमेशा ही कहती मुझे तुमसे बात करने में बहुत अच्छा लगता है।

मैंसुहानी तुम ठीक तो हो तुम आज इतनी ज्यादा परेशान क्यों लग रही हो और आज तुमने मुझे सुबह के समय फोन कर दिया सब कुछ ठीक तो है ना?

सुहानीनहीं कुछ भी ठीक नहीं है इसीलिए तो मैंने तुम्हें फोन किया था मेरा तुमसे बात करने का बहुत मन था और सोच रही थी कि मैं तुमसे बात करूं।

मैंकहो सुहानी तुम्हें क्या कोई जरूरी काम था।

सुहानीसुधीर मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं और मेरी समझ में नहीं आ रहा कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।

मैंसुहानी तुम बिल्कुल परेशान मत हो क्योंकि सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम यदि चिंता करोगी तो और भी ज्यादा तुम्हें इस बारे से परेशानी होती रहेगी तुम अब इस बारे में भूलकर कुछ देर आराम से मुझसे बात करो तुम्हें भी अच्छा लगेगा और मुझे भी अच्छा लगेगा। वैसे आज मैं घर पर ही हूं और मैं आज कहीं भी नहीं जा रहा क्योंकि आज मेरे ऑफिस की भी छुट्टी है और मैं तुमसे ही आज बात।

सुहानीसुधीर तुम तो जानते ही हो कि मैं अपने पति की वजह से कितनी ज्यादा परेशान रहती हूं मेरे पति की वजह से ही मेरी सारी परेशानी दिनदिन बढ़ती जा रही है और मेरी तबीयत भी आ बिगड़ने लगी है। वह मुझे काफी ज्यादा परेशान करते हैं और कई बार तो मुझे लगता है कि मुझे यह सब छोड़कर कहीं और चले जाना चाहिए।

मैंसुहानी तुम कहां जाओगे आखिर इन सब से भागकर भी तो कोई फायदा नहीं है तुम ही मुझे बताओ कि तुम सिर्फ अपने पति से प्यार चाहती हो। वह तुम्हें प्यार ही तो नहीं करते हैं और बाकी तो तुम्हारी जिंदगी में सब कुछ ठीक है और रही बात दहेज की तो यह बात तुम उन्हें समझाने की कोशिश करो और कहो कि मुझे इस बारे में ज्यादा परेशान ना किया करें।

सुहानीमैंने तो ना जाने उनको कितनी बार ही समझाया है लेकिन वह मेरी बात को समझने को तैयार ही नहीं है और ना ही वह मेरी बात सुनते हैं वह हमेशा ही बस यह कहते हैं कि मुझे तुम्हारी वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी और मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गया हूं।

मैंसुहानी तुम इस बारे में भूलकर अब सिर्फ अपना ध्यान दो अगे तुम्हें क्या करना चाहिए यदि तुम्हें प्यार चाहिए तो प्यार तो मै भी तुम्हें दे सकता हूं। मै तुम्हारे पति से ज्यादा तुम्हें प्यार करता सकता हूं क्योंकि जब मैं तुमसे पहली बार मिला था तो मुझे तुम पहली नजर में भा गई थी। मैंने तो तुमसे शादी करने तक का मन बना चुका था लेकिन जब मुझे तुम्हारी शादी की बात पता चली तो मैं जैसे टूट गया था और मुझे लगा कि मेरी जिंदगी मैं तुम कभी थी ही नहीं।

सुहानीअगर मुझे यह सब पहले पता होता तो मैं तुमसे कब की शादी कर चुकी होती लेकिन मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। मैं अगर तुमसे शादी कर लेती तो शायद मेरी जिंदगी अच्छे से कट पाती और मैं बहुत ही खुश रहती लेकिन मेरी शादी मेरे मातापिता ने करवा दी। उसके बाद मेरे पिताजी का भी कुछ समय बाद देहांत हो गया और उनका देहांत हो जाने के बाद मैं काफी ज्यादा परेशान रहने लगी यह बात में मां को भी नहीं बता सकती क्योंकि वह इस बात से बहुत परेशान हो जाएगी। सुधीर यह बात छोड़ो तुम यह बताओ तुम्हारी भी तो जल्द ही शादी होने वाली है और तुम भी तो बहुत खुश होंगे कि तुम्हारी शादी होने वाली है तुम्हारे पत्नी तुम्हें खुश कर दिया करेगी।

मैंवह सब तो ठीक है लेकिन मैं तुम्हें यह बताना चाहता हूं कि मैं तो तुम्हें चोदना चाहता था और तुम्हारे साथ मै सेक्स संबंध बनाना चाहता था लेकिन किस्मत को यह मंजूर था ही नहीं हम दोनों एक दूसरे से मिल ही नहीं पाए। तुम कभी भी मेरे बारे में ऐसा सोचते ही नहीं थी लेकिन मुझे तो जब भी लगता कि मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और ना जाने कितनी ही बार मैंने तुम्हारे नाम से मुठ मारी है। अगर तुम चाहो तो शायद मैं तुम्हारी चूत की खुजली को आज मिटा सकता हूं।

सुहानीतुमने तो मेरे दिल की बात छीन ली मैं अभी कपड़े उतार देती हूं और अपने चूत के अंदर उंगली डाल देती हूं। जब मैं अपनी चूत मे उंगली को फिरा रही हू तो मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि मेरी चूत पर तुम्हारा लंड टच हो रहा हो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैं तो सोच रही हूं कि कब मैं अपनी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाऊंगी। वैसे तुम बहुत ही अच्छे हो मुझे तो लग रहा है कि तुम्हारा लंड मेरी चूत में घुसने ही वाला है लो मैंने अपने पैरों को खोल लिया है अब तुम मेरी चूत को चाटकर उसमें अपने लंड को घुसा दो।

मैंसुहानी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम्हारी चूत पर तो एक भी बाल नहीं है और जिस प्रकार से मैं तुम्हारी चूत को चाट रहा हूं और तुम्हारी चूत से पानी निकल रहा है। मैं भी अपने लंड को हिला रहा हूं मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा है मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही है मुझे बहुत मजा आ रहा है जिस प्रकार से मैं अपने लंड को हिला रहा हूं वाकई में तुम कमाल की हो। तुमने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया है लो मैंने अपने लंड को तुम्हारी चूत के अंदर डालना शुरू कर दिया है मेरे अंदर की गर्मी को अब तुम और भी बढ़ाती जाओ मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

सुहानीमैंने अपने पैरों को खोल लिया है और मैं अपनी चूत के अंदर लंड को डालने लगी हूं मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि तुम्हारा मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जा रहा हो वाकई में तुम्हारा लंड बहुत ज्यादा मोटा है। वैसे तुम्हारे लंड की मोटाई कितनी है मुझे तो ऐसा लग रहा है जैसे कि तुम्हारा लंड मेरी चूत को फडता हुआ अंदर बाहर बड़ी तेजी से हो रहा है मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है। मैंने अपने पैरों को खोल दिया है अब मैं अपने पैरों को खोल कर तुम्हारे लंड को और भी अच्छे से अपनी चूत मे ले रही हूं मुझे आज तुमसे बात करके अच्छा लगा और तुमने मेरी परेशानी को एक पल में ही दूर कर दिया।

मैंसुहानी तुमसे तो बात कर के मुझे हमेशा ही अच्छा लगता है लेकिन फिलहाल तो अभी मुझे फोन रखना पड़ेगा क्योंकि मुझे लग रहा है कोई काफी देर से दरवाजा खटखटा रहा है। मेरा माल भी बाहर गिर चुका है फिलहाल में अभी फोन रखता हूं और कल तुमसे बात करूंगा या फिर शाम को तुमसे बात करूंगा।

सुहानीठीक है मैं तुमसे शाम को बात करूंगी।

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