दोस्त की बहन श्वेता के साथ फोन सेक्स

ऑनलाइन सेक्स चैट के शौक़ीन लोगों के लिए मैं हाजिर हूँ अपनी एक देसी कहानी लेकर। ये कहानी मेरे दोस्त की बहन और मेरे बीच हुई बात की है जोकि अभी कुछ दिन पहले हुए थी। मेरा नाम अमित है और मेरी उम्र 22 है। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम ललित है। ललित के घर पर अक्सर मेरा आना जाना होता है। ललित की एक छोटी बहन है जिसका नाम श्वेता है। उसकी उम्र 19 है। वो पतली है लेकिन उसके दूध बड़े हैं और गांड भी उठी हुई है। उसको मैंने देखा तो बहुत बार था लेकिन कभी ऐसा कुछ सोचा नहीं था क्यूंकि वो मेरे दोस्त की बहन थी और अगर मेरे दोस्त को पता चलता की मैंने ऐसा कुछ सोचा है तो हमारी दोस्ती टूट सकती थी।

अभी कुछ दिन पहले जब मैं उसेक घर उससे मिलने गया तो वो घर पर नहीं था। घर पर सिर्फ उसकी बहन श्वेता थी और कोई भी नहीं था। ललित के मम्मी पापा भी एक रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे। श्वेता ने जब मुझे देखा तो मुस्कुराने लगी। मुझे लगा की शायद ऐसे ही मुस्कुरा रही होगी। फिर वो बोली की आप बैठिये, ललित भैया अभी 10 मिनट में आ जाएंगे। फिर मैं और श्वेता बात करने लगे। बातों ही बातों में उसने बताया की उसे नोट्स चाहिए। मैंने उसको कहा की मेरे पास हैं और मई उसे नोट्स की फोटो भेज सकता हूँ। उसने बोलै की ठीक है, आप मेरा व्हाट्सएप्प नंबर ले लीजिये और मुझे भेज देना। फिर हम दोनों ने एक दूसरे का नम्बर ले लिया।

घर जाकर मैंने उसको नोट्स भेज दिए। अगले दिन रात में उसका फिर से मैसेज आया। मैंने भी रिप्लाई किया और इस तरह देर तक हम दोनों की बात हुई। थोड़ी देर बाद उसने मुझे बताया की वो मुझे पसंद करती है। मैंने पहले तो सोचा फिर मैंने बोलै की कहीं ललित को पता चल गया तो ? वो बोली की आप भी मत बताना और मई भी नहीं बताउंगी तो नहीं पता चलेगा। मैंने कहा ठीक है। फिर हम दोनों ने एक दूसरे को आई लव यू बोला। कुछ दिन ऐसे ही हमारी बात चलती रही। एक दिन रात में वो बोली की आपका कुछ मन नहीं कर रहा ?

मैं : किस चीज का ?

वो : रोमांस का।

मैं : मेरा तो कर रहा था कब से लेकिन मुझे डर था की कहीं तुम गलत न समझ बैठो।

वो : जवानी में ऐसा मन करता ही है। इसमें बुरा क्या मानना ?

मैं : फिर ठीक है। वैसे अगर तुम बुरा न मानो तो एक बात बोलूं ?

वो : हाँ, जरूर।

मैं : मुझे तुम्हारा फिगर बहुत सेक्सी लगता है।

वो : अच्छा !! सबसे सेक्सी क्या लगता है ?

मैं : तुम पूरी की पूरी सेक्सी हो। मुझे तुम्हारे बूब्स और उठी हुई गांड भी बहुत सेक्सी लगती है। उसके देखकर मेरा कुछ खड़ा हो जाता है।

वो : सीधा बोल सकते हो की लंड खड़ा हो जाता है। मैं बुरा नहीं मानूंगी। मेरी भी चूत में होती है खुजली कभी कभी।

मैं : अच्छा!! कभी लंड लिया है ?

वो : मन तो बहुत करता है लेकिन अभी तक कभी मौका नहीं मिला।

मैं : मेरा लोगी ?

वो : शौक से। जब भी मौका मिलेगा, हम दोनों सेक्स जरूर करेंगे।

मैं : ठीक है फिर तो। वैसे अभी भी चाहो तो हम बातों में सेक्स कर सकते हैं।

वो : अच्छा रुको, मैं दरवाजा बंद कर लून ताकि अगर छूट में ऊँगली करून सेक्स चैट करते वक़्त तो कोई देख न ले।

मैं : हाँ ठीक है।

वो : कर लिया बंद। चलो अब शुरू करते हैं।

मैं : ओके। बताओ क्या पहना है तुमने ?

वो : टीशर्ट और पायजामा।

मैं : उतार रहा हूँ।

वो : अरे सीधा ? किस तो कर लो कम से कम।

मैं : अभी लंड एकदम खड़ा है। पहले चुदाई करते हैं फिर फोरप्ले करेंगे। आज उल्टा करते हैं।

वो : चलो ठीक है। मैं भी तुम्हारी शर्ट उतार रही।

मैं : ठीक है। मैंने भी तुम्हे नंगा कर दिया है।

वो : मेरी चूत तुम्हें कैसी लगी ?

मैं : मस्त। ऐसी कसी हुई मखमली चूत आज तक नहीं देखी मैंने तो।

वो : तुम्हारी ही है। ले लो चाहो तो।

मैं : हाँ, अभी लूंगा।

मैं : रुको, पहले तुम्हारे मस्त मस्त दूध तो पी लूँ।

वो : लो पी लो।

मैं : पी रहा। बहुत टेस्टी हैं तुम्हारे निप्पल।

वो : चूस डालो पूरा उन्हें।

मैं : हाँ, चूस रहा। आज निचोड़ लूंगा पूरा।

वो : उम्म्म आह्हः

मैं : लंड से अब और नहीं रहा जा रहा। पैर फैलाओ, डाल देता हूँ लंड तुम्हारी चूत में।

वो : हाँ, मेरी चूत भी कब से इंतजार कर रही है।

मैं : लंड को तुम्हारी चूत पर टिका दिया है। एक हल्का सा धक्का मार रहा हूँ।

वो : उईईई मर गयी मैं। इतना बड़ा लंड है तुम्हारी। खून निकलने लगा मेरी चूत से।

मैं : रो मत जानेमन। अभी मजा भी आएगा।

वो : देखते हैं। अभी तो दर्द हो रहा बहुत।

मैं : थोड़ा और जोर लगा रहा हूँ। आधा घुसेड़ दिया।

वो : अह्ह्ह्हह उईईई दर्द हो रहा है बहुत। थोड़ा रुको।

मैं : ओके जानेमन। वैसे तुम्हारी चूत बहुत कसी है। मजा आ रहा है मुझे बहुत।

वो : और मुझे दर्द हो रहा है बहुत।

मैं : अभी मजा आएगा। धीरे धीरे अंदर बाहर कर रहा हूँ।

वो : आह्हः उह्ह्ह हम्म्म।

मैं : लगभग पूरा अंदर है अब। चोद रहा हूँ तुम्हारी चिकनी चूत को।

वो : दर्द तो बहुत हो रहा है लेकिन अब थोड़ा थोड़ा मजा भी आ रहा है।

मैं : हाँ जानेमन, अभी और मजा आएगा। चोद रहा हूँ जोर जोर से।

वो : हाँ, अंदर तक डालो। चोद दो आज मुझे। बहुत दिन रह ली कुंवारी मैं। अब मुझे भी चुद लेने दो।

मैं : हाँ जानेमन, चोद रहा हूँ। पूरा अंदर है मेरा लौड़ा तुम्हारी चूत के। जोर जोर से धक्के मार रहा हूँ।

वो : आह्ह्ह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह चोदो मुझे।

मैं : हाँ जानेमन। ये बताओ की माल कहाँ लोगी ?

वो : चूत में मत डालना, बाहर निकाल दो।

मैं : ठीक है। बाहर निकाल दिया मैंने।

वो : मजा आ गया। चूत तो अब भी दर्द कर रही लेकिन मजा भी बहुत आया।

मैं : हाँ। असलियत में और मजा आएगा।

दोस्तों, उस दिन के बाद हमने कई बार फ़ोन सेक्स किया और मौका मिलने पर चुदाई भी की।

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