दिल मे कुछ कुछ होता है

Hindi sex talk, antarvasna मैं लखनऊ के पास का रहने वाला हूं मैं गांव का रहने वाला एक सामान्य  और सीधा साधा 30 वर्षीय युवक हूं। मेरी शादी को हुए 5 वर्ष हो चुके हैं लेकिन मैं रोजगार के सिलसिले में लखनऊ चला आया था और लखनऊ में एक छोटे से 10 बाई 10 के कमरे में रहता था। वहां पर एक छोटी सी खिडकी थी और जब मैं बाहर झाक कर देखता तो हमारे पड़ोस में रहने वाली मालती भाभी नहा रही होती थी। उन्होंने एक छोटी सी चादर बांधी होती थी उसके चादर के पार सब कुछ दिखाई देता था। उन्हें देख कर ना जाने मैंने कितनी बार हस्तमैथुन किया होगा मेरी पत्नी मेरे पास नहीं थी इसलिए मुझे अपनी आग तो बुझाना ही था परंतु मुझे नहीं मालूम था कि लखनऊ आकर मेरे हाथ में जैसे लड्डू होंगे।

मैं जिस दुकान में काम करता था वह दुकान गुप्ता सेठ की थी सेठ की पत्नी मे अब भी जवानी भरपूर थी और कहीं ना कहीं उनका असर उनकी 26 वर्षीय बेटी गुंजन पर भी था। गुंजन एक नंबर की आइटम थी उसे देखकर मेरा लंड दुकान में ही खड़ा हो जाया करता था लेकिन वह तो जैसे मुझे छेड़ने की कोशिश किया करती थी। जब भी मैं उसकी तरफ देखता तो वह अपनी प्यासी नजरों से मुझे देखती मुझे अपनी नजरों को झुकाना पड़ जाता था। मैंने एक छोटा सा सैमसंग का फोन खरीद लिया था यही कोई 1500 का था। मैंने वह फोन खरीदा तो उसके बाद जैसे गुंजन मेरी हो चुकी थी गुंजन का नंबर मेरे पास था और वह मेरे नंबर पर फोन किया करती थी और कहती जब तुम दुकान पर आओ तो मेरे लिए पान लेते हुए आना। उसे पान खाने का बड़ा शौक था उसी के चलते वह मुझसे अक्सर पान मगवाया करती थी मेरे पास गुंजन का नंबर आ चुका था। एक रात मैंने गुंजन को फोन कर ही दिया और मैंने उसे फोन किया तो शायद वह पूरे मजे में थी उसने भी मुझसे बात की।

मैं-  मैम साहब आपको रात को फोन कर दिया कहीं कोई गलती तो नहीं कर दी।

गुंजन- नहीं रामू कोई गलती नहीं की।

मैं- मैने सोचा आज आपसे बात कर लूं।

गुंजन- लेकिन तुमने इतनी रात को क्यों फोन किया है?

मैं- मैडम आप बुरा तो नहीं मानेगी।

गुंजन- तुम्हें क्या कहना था और भला मैं क्यों बुरा मानूंगी।

मै- मैडम आप कहां बड़े घराने की लड़की और मैं कहां मामूली सा नौकर।

गुंजन- देखो यदि तुमको यही बात करनी है तो तुम अभी फोन रख दो मेरे पास इन सब फालतू बातों के लिए समय नहीं है तुम भी सो जाओ और अपनी मां मत चुदवाओ।

मैं- मैडम आपकी तो गाली में भी जैसे फूल बरस रहे हो आप की गाली सुनकर मुझे बड़ा अच्छा लगा आप गाली देती है।

गुंजन- क्या तुम्हें अभी गाली दूं तुम अपनी मां का भोसड़ा ना बनाओ और चुपचाप से फोन रख दो या कुछ काम की बात करनी है तो करो नहीं तो फोन काट दो।

मैं- मैडम आप गुस्सा क्यों हो रही हैं मैं आपसे बात कर रहा हूं।

गुंजन- तो फिर बात करो।

मैं- मैडम मुझे मेरी पत्नी की बड़ी याद आ रही थी तो सोचा तुम्हें फोन कर लूं। आपको फोन कर के थोड़ा अच्छा सा लग रहा है।

गुंजन- मैं क्या तुम्हारी पत्नी हूं जो तुम्हें मुझे फोन कर के अच्छा लगेगा तुम अपनी पत्नी को फोन करो।

मैं- मैंमसाहब वह गांव में रहती हैं अब तक सब सो चुकी होंगे और मुझे नींद नहीं आ रही थी तो सोचा आपको ही परेशान कर लूं।

गुंजन- अच्छा तो तुमने मुझे परेशान करने के लिए फोन किया है।

मैं- नहीं मैडम आपको फोन परेशान करने के लिए नहीं किया है आपको यह बताने के लिए किया है कि आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं। जब भी मैं आपको देखता हूं तो मेरे दिल में आपके लिए कुछ कुछ होता है।

गुंजन- अच्छा तो तुम्हे मुझे देखकर क्या होता है?

मैं- मैं जब भी आपको देखता हूं तो मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो जाता है।

गुंजन- अच्छा तो तुम्हारा लंड मुझे देखकर तन कर खड़ा हो जाता है?

मै- मैडम आपको देखकर मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो जाता है तो मैं अपने आप पर काबू नहीं कर पाता।

गुंजन- चलो फिर बताओ तुम्हारा लंड कैसे खड़ा होता है?

मैं- मैडम मेरा लंड आपसे बात कर के खड़ा हो चुका है और आप जब पान खाती हैं तो आपके होठ लाल होते हैं ऐसा लगता है उन लाल होठों से ही आप मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो।

गुंजन- अच्छा तो तुम मेरे बारे में ऐसा सोचते हो।

मैं- हां मैडम मैं आपके बारे में ऐसा ही सोचता हूं क्योंकि आपके बारे में जब मैं ऐसा सोचता हूं तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है और अभी भी मेरा मोटा सा लंड तन कर खड़ा हो चुका है।

गुंजन- चलो तो मुझे भी कुछ दिखाओ तुम्हारा लंड कितना लंबा हो जाता है।

मैं- मेरा लंड मेरे हाथ के जितना लंबा है।

गुंजन- तुम्हारा हाथ भी तो काफी बड़ा है इसका मतलब तुम्हारा लंड कम से कम 10 इंच मोटा तो होगा ही।

मैं- हां मैडम इतना तो होगा ही मेरी पत्नी को मे जब भी चोदता हूं तो वह हमेशा कहती है आपका लंड मेरे पेट तक जा रहा है।

गुंजन- अच्छा तो तुम अपनी पत्नी को जब चोदते हो तो वह यह सब कहती है।

मैं- हां मैडम मेरी पत्नी तो मुझसे बड़ा खुश रहती है और हमेशा कहती है कि जबसे आप मेरे जीवन में आए हैं तबसे मेरे सेक्स की इच्छा खत्म हो चुकी है।

गुंजन- लेकिन तुम्हारी पत्नी की सेक्स की इच्छा क्यों खत्म होगी।

मैं- क्योंकि मैं उसकी चूत उठा उठाकर मारता हूं और जब भी मैं घर जाता हूं तो उसे कपड़े तक नहीं पहनने देता।

गुंजन- तुम तो बड़े ही मादरचोद हो अपनी पत्नी को क्या कोई ऐसा चोदता है।

मैं- मैडम आखिरकार वह हमारी पत्नी ही है हम नहीं चोदेंगे तो कोई और आ कर उसे चोद देगा।

गुंजन- तुम बात तो बिल्कुल सही कह रहे हो।

मैं- अच्छा मैडम यह तो बताइए आपके स्तनों का क्या नंबर है।

गुंजन- यह सब अभी रहने दो मुझे नहीं बताना है।

मैं- मैडम हमारी खातिर बता दीजिए ना हम आपके लिए बड़े तड़प रहे हैं।

गुंजन- अच्छा तो तुम मेरे लिए कितना तड़प रहे हो?

मैं- मैडम पूछिए मत मैने अपने लंड को अपने हाथ में पकड़ा हुआ है और उसे हिला कर आपके बारे में सोच रहा हूं, आपके लाल रंग के होठ और आपकी अदाए मुझ पर जादू कर रही हैं।

गुंजन- यह बात मेरे पिताजी को पता चली तो वह तुम्हारी चूतडो को लाल कर के तुम्हें तुम्हारे घर भेज देंगे।

मैं- मैडम उस चीज की मुझे परवाह नहीं है जब से आपको मैंने देखा है तब से मैं रह नहीं पा रहा हूं और हर रोज आपके नाम की एक बार तो मुट्ठ मार ही लेता हूं।

गुंजन- तुम तो बड़े ही मादरचोद हो मुझे तो लगता था कि तुम बड़े शरीफ हो।

मैं- मैडम सबको यही लगता है कि मैं शरीफ हूं लेकिन मै बड़ा हारामी किस्म का हूं मेरी पत्नी भी पहले यही समझती थी लेकिन अब वह कहती हैं तुम बड़े ही मादरचोद हो।

गुंजन- अच्छा यह बताओ मैं तुम्हें अपनी चूत देने के लिए तैयार हो गई तो तुम मुझे कैसे चोदोगे।

मैं- मैडम आप एक बार हां तो कहिए उसके बाद आपको मैं हर उस स्थिति में चोदूंगा जैसे कि ब्लू फिल्म में होती हैं।

गुंजन- लगता है तुम्हारे पास आने ही पड़ेगा और देखना पड़ेगा तुम्हारे अंदर कितनी ताकत है।

मैं- मैडम आप आ जाइए मैं आपको अपनी ताकत का प्रदर्शन करके दिखा दूंगा और आपको अपना बना लूंगा यदि मैं आपका दिल नहीं जीत पाया तो आपको कभी फोन भी नहीं करूंगा।

गुंजन- अच्छा तो तुम मुझे कभी फोन नहीं करोगे।

मैं- नहीं मैडम यदि मै आपको खुश नहीं कर पाया तो कभी आपको फोन नहीं करूंगा।

गुंजन- तुम्हें मालूम है मेरी चूत में एक साथ दो दो लंड चले जाते हैं और मेरी चूत का छेदा बहुत चौड़ा हो चुका है।

मैं- मैडम उससे कोई फर्क नहीं पड़ता मैं आपकी गांड मार कर काम चला लूंगा लेकिन आपके लाल होंठो से मुझे अपने लंड को चुसवाना है यह इच्छा मुझे पूरी करनी है।

गुंजन- यह इच्छा तो मैं तुम्हारी पूरी कर दूंगी लेकिन फिलहाल अभी तो मेरी चूत से पानी आ रहा है यह इच्छा कौन पूरी करेगा।

मैं- मैडम आप हमें अभी बुलाया ना हम अभी आपकी इच्छा पूरी कर देते हैं।

गुंजन- चलो फिर कर दो।

मैं- मैडम ये लो आपकी चूत में अपने मोटे लंड को घुसा दिया अब ऐसे धक्का मार रहा हूं जैसे कोई घोड़ा किसी घोड़ी को चोद रहा हो।

गुंजन- हां मुझे महसूस हो रहा है कि तुम्हारा लंड कितना मोटा है।

हम दोनों आपस में बात कर रहे थे जब मेरा वीर्य गिरा तो मैंने फोन रख दिया लेकिन मैं अपने लंड को चूसवाने की इच्छा को पूरा करवा चुका था।

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