चूत खोलें बैठी रहती हैं

Hindi sex chat, hindi sex kahani: दोस्तों में स्कूल में अध्यापक हूं और मेरी उम्र 45 वर्ष है मेरा लंड अच्छे से खड़ा भी नहीं हो पाता है लेकिन मुझे नई नई भाभीयो से बात करना अच्छा लगता है और मुझे मुठ मारने का बड़ा शौक है। मैं मुठ बहुत मारा करता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मुठ मारने में जो आनंद आता है वह चूत मारने में नहीं आ पाता इसीलिए मैं हर रोज नई लड़कियो की तलाश में रहता हूं और मुझे कई बार नहीं लड़कियां मिल भी जाती हैं उनसे मैं अपने लंड को चूसवात हूं और उनसे मुठ मरवाता हूं। वह लोग भी खुश हो जाया करती हैं मैं अपनी पत्नी से दूर मेरठ में रहता हूं मेरा पूरा परिवार दिल्ली में रहता है स्कूल में पढ़ाने के दौरान हमारे स्कूलों में कई महिला अध्यापिका आई उनकी बड़ी गांड देखकर मैंने ना जाने कितनी बार मुट्ठ मारा। कुछ दिनों पहले मेरा नंबर पर एक फोन आया शायद गलती से लग गया था उसके बाद तो जैसे मेरी उस महिला से बात होने लगी मुझे उस महिला का नाम पता चला। मुझे उस महिला ने बताया कि उसका नाम शालिनी है शालिनी के पति विदेश में नौकरी करते हैं और वह अपने ससुराल में रहती हैं। वह अपने पति की तड़प को मुझसे पूरा करवाना चाहती है उसके पति उससे मिलो दूर है लेकिन वह मुझे हर रोज फोन करती है और मेरे फोन का भी बहुत बेसब्री से इंतजार करती है। जब मैं शालिनी को फोन नहीं करता तो उसे अच्छा नहीं लगता शायद मेरा जीवन भी शालिनी से बात किए बिना अधूरा रह जाता है। कई बार मैं शालिनी से घंटों बात करता हूं मेरी पत्नी का फोन मुझे आता है और वह कहती है कि तुम्हारा फोन हमेशा ही बिजी आता रहता है तुम किस से बात करते हो? उसे मैंने कई बार बताया कि मैं अपने दोस्तों से बात करता हूं या फिर कोई भी मैं बहाना बना दिया करता हूं। अभी कुछ दिनों पहले की बात है जब मेरी बात शालिनी से हो रही थी और हम दोनों एक दूसरे से बड़े ही मजेदार बातें कर रहे थे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मुझे इस बात की खुशी थी कि मैं शालिनी से बड़े ही अच्छे तरीके से बात कर पा रहा हूं।

मैं- शालिनी तुम क्या कर रही थी?

शालिनी- कुछ नहीं बस घर का काम कर रही थी।

मैं- अच्छा तो तुम घर का काम कर रही थी क्या तुम्हारा काम हो चुका है।

शालिनी- हां मैंने तो काम कर लिया है।

मैं- तुम अब क्या करोगे?

शालिनी- कुछ भी तो नहीं बस अपने कमरे में बैठी रहूंगी अब आपका फोन आ गया है तो आपसे बात करूंगी।

मैं- मेरी भी आज छुट्टी है तो सोचा आज तुम्हें सुबह ही फोन कर दू।

शालिनी- आपने बहुत अच्छा किया जो मुझे सुबह ही फोन कर दिया मैं आपके फोन का इंतजार कर ही रही थी। आपका फोन आया तो मुझे बहुत खुशी हुई।

मैं- अच्छा तो तुम मेरे फोन का इंतजार कर रही थी।

शालिनी- हां मैं आपके फोन का इंतजार कर रही थी मैं सोच रही थी कि मैं नहाने के लिए चली जाऊ।

मैं- तो फिर तुम नहाने क्यों नहीं गई?

शालिनी- अभी मैं नहाने के लिए जा रही हूं।

मैं- तुम नहाने के लिए चली जाओ मैं तुमसे बात करता हूं।

शालिनी- हां मैं नहाने के लिए जा रही हूं, तुम थोड़ी देर फोन को होल्ड पर रखना।

मैं- हां मैं आपके फोन को होल्ड पर रख लूंगा।

शालिनी नहाने के लिए बाथरूम में चली गई थी और मैं अपने बिस्तर पर लेटा हुआ था। शालिनी ने मेरे फोन को होल्ड पर रखा हुआ था जब उसने सामने से मुझे हेलो कहा तो मैंने भी उसके हेलो का जवाब दिया और उसके बाद हमारी बातें शुरू हो गई। हमारी बातें अब शुरू हो चुकी थी मेरे कई सवाल थे जो मै शालिनी से पूछ रहा था।

मैं- अच्छा तो तुम बाथरूम में चली गई हो?

शालिनी- हां मैं बाथरूम में चली गई हूं।

मैं- तुम आज क्या पहनने वाली हो?

शालिनी- मैं क्या पहनूंगी वही पैंटी और ब्रा पहन लूंगा।

मैं- मुझे भी तो बता दो कि आज तुम कौन सी पैटी ब्रा पहनने वाली हो।

शालिनी- मैं आज लाल रंग की पैंटी ब्रा पहनने वाली हूं।

मैं- शालिनी मुझे तुम फोटो खींचकर तो भेजो?

शालिनी- रुको मुझे अपने कपड़े उतारने दो तभी तो मैं फोटो भेज पाऊंगी।

मैं- तुम अपने कपड़े उतारो मैं तुम्हारी फोटो का इंतजार कर रहा हूं जल्दी से तुम फोटो को भेजो।

शलिनी- लो तुम्हारे पास मेरी फोटो आ गई होगी मैंने उसमें कुछ भी नहीं पहना हुआ है।

मै- अच्छा तो तुमने उसमें कुछ भी नहीं पहना तुम्हारी चूत के बाल तुमने क्यों साफ नहीं किए?

शालिनी- कहा समय मिल पाता है बहुत दिन हो गए हैं जब से मैने अपने बाल साफ नहीं किए हैं, आजकल तो बाल भी बहुत बड़े हो गए हैं।

मैं- तुम्हें अपनी चूत के बालों को तो साफ कर लेना चाहिए था।

शालिनी- हां कर लूंगी लेकिन तुम यह बताओ कि मैं कैसी लग रही हूं।

मैं- शालिनी तुम तो बडी लाजवाब हो और तुम्हें देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है तुम्हारी चूत की कसावट ऐसी है कि जैसे उसके अंदर में अपने लंड को डाल दूं।

शालिनी- तुम भी तो अपने लंड की तस्वीर मुझे भेजो मैं भी तो देखूं तुम्हारा लंड कितना मोटा हुआ है।

मैं- अभी भेज देता हूं तुमने मुझे कह दिया तो अभी तुम्हारे पास तस्वीर आ जाएगी।

शालिनी- हां यह हुई ना बात तुम्हारा लंड वाकई में बहुत मोटा हो गया है और उसे देखकर मुझे बहुत मजा आ रहा है।

मैं- मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है और मैं सोच रहा हूं कि तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दूं तुम मुझे बताओ क्या तुम्हारी चूत में लंड को डाल दूं या फिर पहले तुम उसे मुंह में लोगी?

शालिनी- रुको ना मुझे तुम्हारे लंड को  मुंह में लेने दो उसके बाद तुम मेरी चूत के अंदर लंड को घुसा देना लेकिन थोड़ा सब्र कर लो।

मैं- यार सब्र ही तो नहीं हो पाता मैं तो बहुत ज्यादा तड़प रहा हूं सोच रहा हूं कि तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दूं।

शालिनी- तुम्हारा लंड बहुत ही मोटा है और उसे चूसने में मुझे मजा आ रहा है।

मैं- मुझे तो आपने लंड को चूसवाने  मे बड़ा आनंद आता है और ऐसा लगता है जैसे उसे कोई चूसता ही रहे।

शालिनी- मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही हूं तुम्हें कैसा लग रहा है?

मैं- मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही चूसती रहो।

शालिनी- मैंने अपनी चूत को चौडा कर लिया है और अपनी उंगलियों को मै घुसाने लगी हूं।

मैं- तुम्हारी चूत पर अपने लंड को लगा देता हूं अब तुम्हें कैसा लग रहा है?

शालिनी- मुझको बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही करते रहो मेरे अंदर की आग और भी ज्यादा बढ़ने लगी है।

मैं- मुझे लग रहा है कि तुम मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू करो।

शालिनी- तुम्हारे लंड को भी अपने हाथों से हिलाने लगी हूं अब बताओ तुम्हें कैसा लग रहा है?

मैं- मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा है और तुम ऐसे ही मेरे लंड को हिलाती रहो मुझे बहुत खुशी हो रही है।

शालिनी- मुझे लग रहा है कि तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दो मेरी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकलने लगा है और उसके बाद मैं नहा लेती हो।

मैं- लो तुम्हारी चूत में अपने लंड को घुसा दिया है तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को मै डाल चुका है

शालिनी- हां तुमने तो अपने लंड को मेरी चूत मे घुसा दिया है अब मुझे मजा आ रहा है तुम्हारा लंड मेरी चूतडो से टकरा रहा है मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा है ऐसे ही तुम मुझे धक्के मारते रहो।

मैं- मुझे तो बहुत ही अच्छा लग रहा है और तुम्हें जिस प्रकार से में धक्के दे रहा हूं उससे मैं ज्यादा देर तक तुम्हारे अंदर की गर्मी को नहीं झेल पाऊंगा और मेरा माल गिर जाएगा।

शालिनी- कोई बात नहीं तुम गिरा दो।

मैं- तो फिर गिरा ही दिया।

शालिनी- तुम्हारा तो बहुत जल्दी हो गया।

मैं- हां यार कई दिनों से सोच रहा था कि तुम्हें चोदूगा लेकिन चोद ही नहीं पाया था।

शालिनी जब नहा गई थी तो उसने मुझे अपनी तस्वीर भेजी उसमें उसने लाल रंग की पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी। मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने शालिनी से कहा फिर कल हम लोग बात करेंगे और मैंने फोन रख दिया था। हम लोगों की बात अभी तक होती है और शालिनी बहुत ही ज्यादा उत्तेजित रहती है।

Tags: , , ,
error: