चूत और लंड की बाते फोन पर

hindi sex story, antarvasna मैं जयपुर का रहने वाला हूं मेरी उम्र 28 वर्ष है। मैं अपने मामा के घर मुंबई जाता हूं वह लोग फ्लैट में रहते हैं मुझे फ्लैट में रहने की आदत नहीं थी इसलिए मैं ज्यादा दिन तक उनके पास नहीं रहा और मैं वापस आने के बारे में सोचना लगा। मेरे मामा कहते हैं बेटा तुम अब जयपुर जा रहे हो तो क्यों ना तुम शॉपिंग कर लो, हम लोग उस रात शॉपिंग के लिए जाते हैं। जब हम लोग शॉपिंग के लिए जाते हैं तो वहां पर मेरी मुलाकात एक लड़की से हो जाती है उसे देखकर मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं उसे लही चोद डालू लेकिन ऐसा संभव नहीं था इसलिए मैंने उसका नंबर ले लिया। मैंने सोचा मै उसे फोन करू लेकिन कुछ दिनों बाद ही मुझे जयपुर लौटना पड़ा। मैं वापस जयपुर चला आया लेकिन मेरे मन में कविता को चोदने के बारे में ख्याल आता रहा और मैं उसे चोदना भी चाहता था लेकिन पहले मैंने सोचा उससे बात कर लूं वह मेरे बारे में क्या सोचती है उसके दिल में मेरे लिए क्या ख्याल है इसलिए मैंने उसे फोन किया। जब मैंने उसे फोन किया तो उसने मेरा फोन उठाते ही मुझे पहचान लिया। मैं आप लोगों को अपने और कविता के बीच कल हुई सेक्सी बातें बताता हूं कि कैसे हम दोनों ने एक दूसरे से बात की और हम दोनों की जवानी कैसे उफान मारने लगी थी। मैंने मैसेज पर चैट के माध्यम से कुछ देर तक तो कविता से बात की।

मैं- हाय कविता कैसी हो?

कविता- आई एम गुड तुम बताओ तुम ठीक हो।

मैं- हां मैं ठीक हूं।

कविता- कल तुम्हारी फोटो देख कर बहुत अच्छा लगा तुम उसमें बहुत ज्यादा अच्छी लग रही थी।

कविता- अच्छा तो तुमने मेरी फोटो देखी थी उसमें मैं तुम्हें अच्छी लग रही थी, वैसे तुम भी बड़े कमाल के हो और तुम भी कम हैंडसम नहीं हो।

मैं- यह तो देखने वालों की नजर है कि वह किस तरीके से देखता है वैसे मेरे पीछे भी यहां काफी लड़कियां पागल है।

कविता- फिर तो मुझे फोन रखना पड़ेगा यदि वह लड़की तुम्हारे पीछे पागल है तो तुम उन्हीं के पास चले जाओ।

मैं- लेकिन ऐसा भी नहीं है यार तुम भी बेमतलब में गुस्सा हो जाती हो और बात बात में बुरा मानने लगती हो।

कविता- तो फिर क्या है तुम ही बताओ मैं तो तुम्हारे बारे में बड़े अच्छे ख्याल अपने दिल में रखती हूं लेकिन तुम तो बात बात में मुझे चिढाने की कोशिश करते हो।

मैं- छोड़ो भी कविता अब इस बात को तुम कब तक कहती रहोगी। मैंने तो तुम्हें बड़े अच्छे मन से मैसेज किया था लेकिन तुम बेवजह ही मेरा मूड खराब कर रही हो।

कविता- तुमने मुझे किस लिए मैसेज किया था?

मैं- मैं सोच रहा था तुम्हें मैसेज करूं क्योंकि कल रात को हमारी बात नहीं हो पाई थी ना और आधे में ही तुमने फोन काट दिया था।

कविता- हां दरअसल कल मेरी मम्मी आ गई थी इसलिए मुझे फोन काटना पड़ा और फिर मम्मी कहने लगी मैं तुम्हारे साथ ही सो जाऊंगी।

मैं- चलो अभी फोन पर बात करते है।

कविता- ओके कॉल मी।

मै- क्यों तुम्हारे पापा तुम्हारे मम्मी के साथ कुछ नहीं करते क्या कविता?

कविता- सुधीर तुम भी कैसी बात करते हो तुम्हारा दिमाग तो सही है।

मैं- मैंने इसमें क्या गलत बात कही कविता मैने इसमें कुछ भी गलत नहीं कहा सब कुछ तो ठीक ही है ना सेक्स तो हमारे जीवन का अहम हिस्सा है और उसे हम लोग कैसे झुठला सकते हैं।

कविता- हां बाबा मुझे मालूम है कि सेक्स हमारे जीवन की सबसे पहली जरूरत है लेकिन उसका यह मतलब तो नहीं है कि तुम सिर्फ सेक्स करते रहो और भी काम होते हैं।

मैं- हां मुझे मालूम है और भी काम होते हैं लेकिन क्या मैंने कुछ गलत कहा।

कविता- नहीं तुमने कुछ गलत नहीं कहा।

मैं- आज तो तुम मूड में हो ना।

कविता- मैं तो हमेशा मूड में रहती हूं लेकिन तुम ही ना जाने पता नहीं कहां-कहां की बात करने लग जाते हो काम की बात तो तुम करते ही नहीं हो।

मैं- कल तुम मुझसे कुछ कह रही थी तुम्हारी चूत में दाने हो रहे थे।

कविता- आजकल गर्मी से कुछ ज्यादा ही दाने होने लगे हैं क्योंकि काफी दिनों से मैंने अपनी चूत के बाल नहीं काटे हैं।

मैं- तुमने अपनी चूत के बाल कब से नहीं काटे हैं।

कविता- एक महीना तो हो चुका है और आजकल बहुत बड़े बाल हो चुके हैं।

मैं- मेरे भी लंड के बाल आजकल बहुत बड़े हो चुके हैं। मैंने भी काफी समय से लंड के बाल नही काटे हैं इसलिए मैं सोच रहा था आजकल मे ही अपने लंड के बाल काट दूं।

कविता- तुमने तुम्हारी पड़ोसन को नहीं चोदा क्या तुम तो कह रहे थे तुम आजकल उसकी तरफ देख रहे हो।

मैं- अरे मैं कहां उसकी तरफ देखता हूं उसकी ही चूत में खुजली होती है और वह मुझसे अपनी चूत मेरवाने को तैयार है लेकिन मैं उसके पति को देखकर डर जाता हूं।

कविता- सुनो ना सुधीर मुझे तुम्हारे लंड को आज अपनी चूत में लेना है।

मैं- मैं तो हमेशा तुम्हारी चूत में लंड डालने को तैयार हूं तुम कहो ना कब तुम्हारी चूत में लंड को डालना है।

कविता- तुम अपने लंड की फोटो भेजो ना।

मैं- अभी भेजता हूं तुम 5 मिनट इंतजार करो।

कविता- हां जल्दी भेजो ना मैं इंतजार कर रही हूं।

मैं- आ गई ना तुम्हारे पास मेरे लंड की फोटो?

कविता- हां आ गई मैंने कल एक डिलडो मंगाया है उसे ही अपनी चूत में लेती हूं।

मैं- क्या तुम्हें डिलडो को अपनी चूत में लेने में मजा आता है।

कविता- हां यार उसे अपनी चूत में लेने में बड़ा मजा आता है, मैं बड़ी तेजी से उसे अपनी चूत में लेती हूं जिससे कि मेरे अंदर गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

मैं- अच्छा तो तुम उसे अपनी चूत में लेती हो। मैंने सुना है कि वह बहुत मोटा होता है।

कविता- हां यार डिलडो बहुत मोटा है और उसका रंग भी काला है। जब मैं उसे चूत में लेती हूं तो मेरी हालत खराब हो जाती है लेकिन मजा भी बढ़ाता है।

मैं- क्या वह डिलडो मेरे लंड से भी मोटा है।

कविता- हां वह तो बहुत ज्यादा मोटा है और मुझे उसे अपनी चूत में लेने में बहुत मजा आता है। मैंने उसे अपनी चूत में ले लिया है मुझे बड़ा दर्द हो रहा है आ हा हा चला गया बस घुस ही गया।

मैं- मेरा लंड तुम्हारी चूत के अंदर जा चुका है मैं तुम्हें तेजी से धक्के देता रहूंगा।

कविता- तुम और भी तेजी से धक्के मारो मुझे बड़ा मजा आ रहा है।

मैं- मैं तो तुम्हें बड़ी तेजी से धक्के मारा हूं और मुझे बहुत अच्छा भी लग रहा है।

कविता- हां सुधीर ऐसा ही मुझे चोदो ना नहीं तो मेरी गर्मी नहीं बढ पाती है और मेरी इच्छा तब तक पूरी नहीं हो पाती जब तक मजा नहीं आता।

मैं- तुमने आज कौन से कलर की पैंट की ब्रा पहनी है?

कविता- मैंने अभी कुछ नही पहना है मैंने तो अपने अंतर्वस्त्र उतार दिए है। वैसे मैंने काले रंग की पैंटी ब्रा पहनी थी।

मैं- यार लेकिन तुम पैंटी ब्रा में बडी गजब लगती हो और तुम्हारी चूत बड़ी ही लाजवाब है।

कविता- हमारी कॉलोनी का जो सिक्योरिटी गार्ड है वह मुझ पर बड़े डोरा डालता है और उसकी लंबाई बहुत ज्यादा है। मैं सोच रही थी कि उसके साथ सेक्स करू क्योंकि उसका लंबा लंड मेरी इच्छा को पूरा कर देगा।

मैं- हां तुम उससे अपनी चूत मारवा लो क्योंकि तुम्हारी चूत में बहुत ज्यादा खुजली है और तुम्हारी चूत की खुजली वह मिटा देगा तुम्हें भी बहुत अच्छा लगेगा।

कविता- हां यार कल ही उसे घर पर बुलाना पड़ेगा और अपनी चूत के बाल भी साफ कर लेते हूं जिससे कि वह मुझे अच्छे से पेल सके और उसे भी मजा आ जाए।

मैं- मैं भी पडोस वाली भाभी के साथ कल सेक्स कर लेता हूं मुझे भी उसके साथ सेक्स करने में बड़ा मजा आएगा और तुम भी जब अपनी चूत मरवा लोगी तो मुझे बताना तुम्हें उसके साथ कैसा लगा।

कविता- फिलहाल तो मुझे डिलडो को अपनी चूत में लेने में मजा आ रहा है और मैं पूरे मजे ले रही हूं।

मैं- मेरा भी माल गिरने वाला है मैं अब सोने के लिए जा रहा हूं।

कविता- सुरेश थोड़ी देर रुको ना बस मैं भी झड़ने वाली हूं उसके बाद तुम सो जाना।

मैं- हां ठीक है ना मैं भी लगा हुआ हूं मेरा माल अभी गिरा नहीं है बस कुछ देर बाद ही गिरने वाला है, जैसे ही गिरेगा तो मैं सो जाऊंगा।

कविता- मैं झड़ने वाली हूं बस तेजी से मैं कर रही हूं।

मैं- मेरा तो माल बाहर गिर चुका है और अब मैं सो रहा हूं गुड नाइट बाय।

कविता- ठीक है गुड नाईट सो जाओ।

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