पड़ोसन भाभी के साथ सेक्स चैट

हिंदी सेक्स चैट के शौक़ीन लोगों के लिए मैं आज हाजिर हूँ एक देसी कहानी के साथ। ये कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली स्मृति भाभी की सेक्स चैट की है। पिछले महीने की बात है। मैं एक दिन भाभी से दूध मांगने उनके घर गया। वो घर पर अकेली थीं। मैंने जब डोरबेल बजायी तो वो हड़बड़ा गयीं। मुझे लगा की वो अपनी चूत में ऊँगली कर रही थीं। फिर मेरी भी अन्तर्वासना जाग गयी।

मैंने भी मजाक मजाक में पूछ लिया की क्या हुआ भाभी, भैया की याद आ रही है ? वो बोलीं – हाँ, आ तो रही है। उनसे बात तक नहीं हो पा रही ढंग से। मैंने कहा – आप चाहो तो मुझे कॉल कर सकती हो। वो बोलीं – ठीक है, रात में करती हूँ। उसके बाद मैंने उनको अपना नंबर दिया और अपने घर चला गया। रात में भाभी की कॉल आयी तो मैं बात करने लगा।
मैं- आप कैसी हो भाभी?
भाभी- बताया तो था कि तुम्हारे भैया की याद आ रही है।

मैं- भाभी आप मुझसे अपना हर दुःख-सुख बाँट सकती हो।
भाभी- तुम यह किस प्रकार की बातें कर रहे हो यदि मैं तुम्हें अपना नहीं मानती तो कभी मैं तुमसे फोन पर बात भी नहीं करती।
मैं- हाँ भाभी, मैं भी आपकी कॉल का इंतजार कर रहा था।
भाभी- एक तुम हो और एक तुम्हारे भैया हैं की बात ही नहीं करते।
मैं- भाभी आप जैसे गदराए हुए बदन को भला कौन महसूस नही करने चाहेगा।
भाभी- यादें ही है या कुछ और भी हैं।

मैं- भाभी आप भी कैसी बात करती हैं मैं तो वह दिन याद करके उत्सुक हो जाता हूं जब मैंने आपको उस दिन देखा था।
भाभी- मालूम है मैं तुम्हारे साथ सेक्स करने के लिए सोच रही थी उस टाइम लेकिन तुम्हें घर जाना था।
मै- आप एक बार बोलती तो सही।

भाभी- मैंने सोचा की तुम मुझे गलत समझोगे। मेरा बदन अभी भी तड़प रहा है।
मैं- भाभी आप मेरे होते हुए कैसे तड़प सकती हैं मेरा भी आपको लेकर कोई दायित्व है आखिर मैं भी आपका देवर हूं।
भाभी- तो फिर क्यों तुम मेरी इच्छा पूरी नहीं कर रहे हो चलो ना मेरी इच्छा पूरी कर दो। मैं इंतजार कर रही हूं। चलो वीडियो कॉल करते हैं।
मैं- ठीक है भाभी।

फिर हम दोनों लोग वीडियो कॉल करने लगे।

मैं- भाभी मैंने अब तक आपके सुडौल स्तनों को देखा नहीं है और आपके बदन को निहारने का मौका भी नहीं मिल पाया है क्या आप अपने सुडौल स्तनों को मुझे दिखाएंगी।
भाभी- अरे क्यों नहीं दिखाऊंगी तुम मेरे देवर जो हो मैं अभी तुम्हें दिखाती हूं।
मैं- भाभी आपके सुडौल स्तानो को देखकर तो मजा आ गया और आज आपने जो पिंक कलर की ब्रा पहनी है उसमें आप बड़ी लाजवाब लग रही हैं।
भाभी- तुम भी अपने लंड को मुझे दिखाओ ना।
मैं- भाभी मैं आपको दिखाता हूं लेकिन आप पहले मुझे अपनी चूत तो दिखाइए। आपकी चूत देखकर भाभी कसम से मजा आ गया करण भैया ना जाने आपको क्यों इतना तड़पाते हैं।

भाभी- हां तुम बिल्कुल सही कह रहे हो करन तो मेरे तरफ देखते ही नहीं हैं और सब लोग मुझे ऐसे देखते हैं जैसे कि मुझे अभी कच्चा चबा जाएंगे लेकिन तुम्हारे करन भैया तो जैसे अपने काम में बिजी रहते हैं। उन्होंने मुझे कुछ दिन पहले एक वाइब्रेटर ला कर दिया था उसी से मुझे काम चलाना पड़ रहा है।
मैं- जरा उस वाइब्रेटर को मुझे भी तो दिखाइए कैसा दिखता है मैंने आज तक कभी अपने जीवन में देखा नहीं है।
भाभी- अब तो देख लिया होगा।
मै- अरे भाभी यह तो कितना काला है और बिल्कुल लंड की तरह दिखता है।
भाभी- तुम्हारे भैया ने यह अपने किसी दोस्त से मंगवाया था और उन्होंने जब मुझे दिया तो मुझे कहां जरा अच्छे से इस्तेमाल करना।
मैं- तो क्या भाभी आपने उनके दोस्त को अपने बदन की गर्मी को महसूस करने दिया।

भाभी- तुम तो मुझे जानते हो ना मैं भला कैसे इन सब चीजों से पीछे रह सकती हूं। मैंने उनके साथ 2 दिन तक सेक्स का मजा लिया तुम्हारे भैया 2 दिनो के लिए कहीं बाहर गए हुए थे और मुझे उनके लंड को लेने में बड़ा मजा आया। उन्होंने ही मुझे सिखाया कि कैसे वाइब्रेटर का इस्तेमाल करते हैं।
मैं- अच्छा तो मैं समझ गया तभी आपने दो दिनों तक मेरा फोन नहीं उठाया था आज आपने अपने मुंह से यह बात स्वीकार कर ही ली।
भाभी- हां मैंने तुम्हारा फोन नहीं उठाया था अब तुम्हें पता चल चुका है तो तुमसे क्या छुपाना।
मैं- लगता है उन्होंने आपकी चूत के मजे बड़े अच्छे से लिए हैं।

भाभी- पूछो मत उन्होंने मुझे 2 दिन तक पैंटी तक नहीं पहनने दी और लगातार मेरी चूत मारते रहे।
मैं- अच्छा तो उन्होंने आपको पैंटी तक नहीं पहनने दी।
भाभी- हां यार पूछो मत उन्होंने तो मेरी गांड के छेद को भी इतना चौडा कर दिया था कि कुछ भी आसानी से जा रहा था और कुछ दिनों पहले ही मैंने उस वाइब्रेटर को अपनी गांड के छेद मे लिया तो मुझे और भी मजा आ गया।
मैं- भाभी मैं सोच रहा हूं कि कैसे उन्होंने अपनकी गांड मारी होगी मैं तो सिर्फ सोच कर ही पूरे तरीके से मजा ले रहा हूं।
भाभी- अच्छा तो तुम क्या सोच रहे हो।

मैं- मैं तो यही सोच रहा हूं कि कैसे उन्होने आपकी गांड में लंड डाला होंगे।
भाभी- उन्होंने मेरी गांड के अंदर अपने लंड पर तेल लगा कर डाला। जब उनका लड मेरी गांड के अंदर घुसा तो मेरे मुंह से ऐसी चीख निकली पूरा कमरा मेरी आवाज से गूंज उठा था।
मैं- अरे भाभी कभी हमें भी अपनी गांड मारने का मौका दो।

भाभी- तुम्हें किसने मना किया है तुम आ जाओ और मेरी गांड मार लो तुम्हारे लिए हमेशा मेरे घर के दरवाजे खुले हुए हैं।
मै- अरे भाभी ऐसी किस्मत कहां है मेरे पास पैसे ही नहीं होते इसीलिए तो कहीं जा भी नहीं सकता यदि पैसे होते तो आपके पास दौड़ा चला आता।
भाभी- चलो यह सब तो छोड़ो लेकिन मैं अपनी चूत मे वाइब्रेटर को ले रही हूं।

उसके बाद भाभी मजे से ओह्ह आह्हः उईईई करने लगीं और वाइब्रेटर से मजे लेने लगीं। उनकी मादक चीख सुनकर मेरे लंड से भी वीर्य निकल गया। उसके बाद हम दोनों ने असलियत में भी सेक्स किया।

दोस्तों, आशा है की आप लोगों को ये कहानी पसंद आयी होगी।

Tags: , , ,
error: