भाभी फोन पर कहे आ जाओ देवर जी

Desi sex chat, antarvasna भैया की शादी को एक वर्ष हुआ था लेकिन मेरी भाभी की तड़प इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि मैंने एक दिन भाभी की तड़प को भी बुझा दिया था और उन्हें मैंने अपना बना लेना था। वह मुझसे चुदने के लिए बेताब रहती थी लेकिन मेरे पास अब कोई रास्ता ना था क्योंकि मुझे रोजगार के सिलसिले में अपने गांव से दूर दिल्ली आना पड़ा। जब मैं दिल्ली आया तो मुझे अपनी भाभी शालू की बहुत याद आती थी। शालू भाभी अपने हाथों से मुझे खाना खिलाया करती थी और मेरे लिए वह अपने बिस्तर को सजा कर रखती थी वह सब मेरे दिमाग में अब तक ताजा था लेकिन शालू भाभी से मैं फोन पर बात नहीं कर पा रहा था क्योंकि कुछ दिनों से भैया घर पर ही थे। भैया को भी मुझ पर शक हो चुका था इसलिए मैंने भाभी को फोन करना बंद कर दिया था उनसे मैं चैटिंग के माध्यम से ही बात कर रहा था। भाभी और मेरे बीच रोचक बातें होती रहती थी उससे मेरे अंदर एक अलग ही जोश पैदा हो जाता मेरे अंदर से वीर्य अपने आप ही बाहर निकलता। भाभी की मधुर आवाज सुनकर ही मैं उत्तेजित हो जाया करता था जब भाभी मुझसे बात करती तो मुझे उनकी बहुत याद आती थी। मैंने भाभी को मैसेज किया तो भाभी का मैसेज मुझे आया उस मैसेज में हम लोगों की क्या बात हुई मैं आप लोगों को बताता हूं क्योंकि यह बात मुझे किसी को तो बतानी ही थी। यदि इस बारे मे भाभी को पता चलेगा तो उनको बुरा लगेगा इसलिए मैं यह बात आपको बता रहा हूं।

मैं- भाभी कैसी हो?

भाभी- बस देवर जी ठीक हूं तुम बताओ तुम कैसे हो।

मैं- भाभी बस आपकी याद आती रहती है और आपके बारे में सोच कर हमेशा हिलाता रहता हू सोचता हू कब आपसे मिलने के लिए आऊ।

भाभी- तो फिर आ जाओ ना क्यों नहीं आते मैं भी तो तुम्हारे लिए तड़प रही हूं और तुम्हें मालूम है मेरी तड़प कितनी बढ चुकी है। मुझे उसके लिए चाचा को बुलाना पड़ा मैंने उनके लंड को चूसा तो मुझे चैन मिला और ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं चाचा के लंड को चूसती रहूं।

मैं- भैया आपकी इच्छा पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

भाभी- तुम्हें तो मालूम है तुम्हारे भैया कहां मेरी इच्छा पूरी कर पाते है वह तो बिल्कुल ही थके हारे आते हैं और सो जाते हैं।

मैं- भाभी काश मे आपके पास होता तो आपको अभी उठा उठा कर चोदा रहा होता।

भाभी- लेकिन तुम मेरे पास हो तो नहीं तुम तो काम करने के लिए शहर चले गए और हमें गांव में ही छोड़ दिया।

मैं- भाभी मुझे आपकी बहुत याद आती है जब मैं आपके बारे में सोचता हूं तो कसम से बता रहा हूं आपके नाम की मुठ मार ही लिया करता हूं।

भाभी- सुनो देवर जी तुम्हारे भैया सो चुके हैं मैं सोच रही थी कि तुम मुझे फोन करो मेरे फोन में तो बैलेंस नहीं है तो तुम फोन कर लो।

मैं- बस भाभी आपको अभी फोन करता हूं।

थोड़ी देर बाद मैने भाभी को फोन किया तो जीवन का आनंद आ गया और ऐसा लगा कि बस भाभी से बात करता रहूं।

मैं- भाभी आपसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है।

भाभी- देवर जी मुझे भी उम्मीद नहीं थी कि आपसे बात हो पाएगी। मै तो आपका बेसब्री से इंतजार कर रही थी कि कब आप कह आ रहा हूं अब आप मेरी इच्छा को पूरा करें।

मैं- भाभी मुझे मालूम है आप कितना तड़प रही हैं लेकिन आपसे ज्यादा तो मेरे अंदर आग लगी हुई है और मैं सोच रहा हूं कि जल्द से जल्द आपसे मिलने के लिए आ जाऊं।

भाभी- यह तो छोड़ो लेकिन तुम यह बताओ क्या तुमने कोई शहर की लड़की को पटाया या नहीं।

मैं- भाभी मेरी ऐसी किस्मत कहां है शहर में तो सब लोग बहुत ही बिजी रहते हैं और ऐसा लगता है कि जैसे किसी के पास भी समय नहीं है।

भाभी- क्या शहर में सब लोग इतना बिजी रहते हैं।

मैं- शहर में सब लोग बिजी रहते हैं और यहां किसी के पास समय ही नहीं होता आपको पता है मेरे पड़ोस में रहने वाला जो परिवार है मैंने आज तक उसे नहीं देखा है मुझे इतने समय यहां आए हुए हो चुका है लेकिन अब तक मेरी मुलाकात नही हुई है।

भाभी- क्या बात कर रहे हैं देवर जी आपने अब तक उन्हें देखा नहीं है।

मैं- हां भाभी जी मैने आज तक नहीं देखा है। गांव में तो सब लोग एक दूसरे से मिल लिया करते हैं।

भाभी- हां बिल्कुल सही कह रहे हैं यहां पर तो सब लोग आपस में मिल ही जाते हैं। मेरा तो जब भी मन होता है तब मैं रामू काका को बुला लिया करती हूं वह मेरी चूत की प्यास बुझा दिया करते हैं।

मैं- अच्छा तो उन्होंने आपकी चूत मारने का बीड़ा उठा लिया है।

भाभी- हां उन्होंने चूत मारने का बीड़ा उठा लिया है और मुझे बहुत ही अच्छा लगता है।

मैं- क्या उनका लंड मुझसे ज्यादा मोटा है?

भाभी- हां देवर जी आपसे ज्यादा मोटा है और लंबा भी है वह बुढ़ापे में भी जवान लगते हैं।

मैं- उन्होंने आपको कितनी बार चोदा है।

भाभी- उन्होंने तो मुझे ना जाने कितनी बार चोद दिया है सबसे पहली बार तो उन्होंने मुझे गन्ने के खेत में चोदा था और वहां पर मेरी पैंटी भी रह गई थी।

मैं- अच्छा तो उन्होने आपको गन्ने के खेत में चोदा और आपकी चूत के अंदर गन्ना डाल दिया।

भाभी- हां उन्होने अपना गन्ना तो मेरी चूत में डाल दिया था मुझे बड़ा अच्छा लगा था जिस प्रकार से उन्होंने मेरे साथ संभोग किया था।

मैं- चलिए यह सब रहने दीजिए आप यह बताइए कि भैया और मां बाबूजी घर में कैसे हैं?

भाभी- वह लोग तो ठीक हैं और तुम्हारी उन्हें बड़ी याद आती है सब लोग कहते हैं कि ना जाने तुम कब घर आओगे।

मैं- मैं जब आऊंगा तो सबसे पहले आपको ही बताऊंगा क्योंकि मैं तो आपके चक्कर में ही घर आऊंगा।

भाभी- तो फिर जल्दी आ जाओ ना देवर जी मुझे क्यों तड़पा रहे हो तुम्हें मालूम है तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारे लिए फड़फड़ा रही है।

मैं- मुझे मालूम है भाभी आप मेरे लिए कितना ज्यादा तडप रही है।

भाभी- सुनो ना तुम्हें मालूम है क्या पड़ोस में रहने वाली कविता एक लड़के के साथ भाग गई वह गर्भवती भी हो गई थी।

मैं- भाभी उस पर तो मेरी नजर कब से थी लेकिन वह मेरे हाथ नहीं आई और अब वह किसी और के साथ ही भाग गई लगता है आपसे ही काम चलाना पड़ेगा।

भाभी- तो फिर चला लो ना अपने लंड को मेरे मुंह में डाल दो।

मैं- लो भाभी डाल दिया।

भाभी- अच्छा लग रहा है बिल्कुल वैसा ही लग रहा है जैसा पहले था वैसा ही नमकीन स्वाद और वहीं मोटाई है।

मैं- भाभी आपकी चूत में उतने ही बाल है?

भाभी- हां मैंने अभी तक नही काटे है। सब लोग यही कहते हैं कि तुम अपनी चूत के बाल को मत काटना।

मैं- सब लोग कौन?

भाभी- अरे कोई नहीं मैं तो मजाक कर रही थी।

मैं- भाभी आप मजाक करती हैं।

भाभी- तुम अपने लंड को मेरी योनि में डाल दो।

मैं- लो भाभी डाल दिया अब कैसा महसूस हो रहा है।

भाभी- मुझे तो बहुत मजा आ रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे ही तुम्हारा गरमा गरम लंड मेरी चूत के अंदर जा चुका है।

मैं- भाभी आप आज भी उतनी लाजवाब है जितनी कि पहले थी।

भाभी- मैं अपनी चूत का इतना ध्यान रखती हूं जब भी कोई मुझे चोदने के लिए आता है तो मैं उसे कह देती हूं कि मुझे तुम सरसों का तेल लगाकर चोदना नहीं तो तुम्हें मैं अपनी चूत नहीं दूंगी। मैं किसी को छूने तक नहीं देती हूं।

मैं- भाभी आप बिल्कुल सही करती हैं। मुझे मालूम है आपकी चूत बडी टाइट है। जब भी मै आपकी चूत मरता तो आप तेल की शीशी अपने पास रखती थी जिससे कि लंड पूरा चिकना हो जाता था और आसानी से लंड चूत मे जाता था।

भाभी- तभी तो मजा आता है जब लंड अंदर तक चला जाता है और अंदर से आवाज आने लगती है।

मैं- आप बिल्कुल ठीक कह रही है मैंने भी अपने लंड पर सरसों के तेल को लगा रखा है और आपके बारे में सोच कर लंड हिला रहा हूं।

भाभी- तुम ऐसे ही हिलाते रहो।

मैं- मेरा वीर्य बाहर आने वाला है भाभी बस निकलने ही वाला है।

भाभी- तो फिर गिरा दो मेरी चूत से पानी बाहर निकल चुका है और इतना गिला हो चुका है मजा आ गया।

मै- लो भाभी गिरा दिया।

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