सुधा आंटी की सेक्सी गांड के मजे

Antarvasna, desi sex chat जिम के प्रति आंटी को लगाव तो देखते ही बनता था और आंटी ने ठान लिया था अपने पूरे शरीर का वजन कम करके रहेंगी इसके लिए वह मेरे पास आया करती थी मैं उन्हें ट्रेनिंग दिया करता था। उनका नंबर भी मेरे पास आ चुका था वह मुझसे हर रोज अपने पतले होने के बारे में पूछती रहती। उन्होंने भी इतनी मेहनत की थी उनके शरीर में जादुई करिश्मा हो गया और वह पूरी तरीके से बदल गई उनकी काया पूरी तरीके से पलट चुकी थी। वह अब बिल्कुल भी पहले जैसे नहीं थी मुझे उन्हें देखकर अंदर से कुछ अलग ही फीलिंग आने लग जाती। मैं जब उनको ट्रेनिंग करवाता तो उनकी चूतडो पर मेरा लंड लग जाता था अब मैं भी उन पर पूरी तरीके से डोरे डालने लगा था लेकिन शायद मेरी किस्मत में कुछ और ही लिखा था क्योंकि आंटी सरकारी नौकरी में थी इसलिए उनका ट्रांसफर कहीं और ही हो गया। अब वह मुझसे दूर जा चुकी थी लेकिन फिर भी उनका नंबर मेरे पास ही था और मैं एक दिन सोचने लगा कि आज उन्हें फोन कर ही देता हूं। उस दिन मैंने उन्हें फोन कर दिया जब मैंने उन्हें फोन किया तो वह भी शायद बड़े अच्छे मूड में थी तो मुझसे उन्होंने बात की और बातों का दौर करीब पूरी रात भर चला और रात भर हम दोनों के बीच हुए संवाद को मैं आपको बताता हूं क्योंकि बड़ा ही दिलचस्प और रंगीन बाते कैसे सुधा आंटी और मेरे बीच हुई।

पहले कुछ देर मैसेज के माध्यम से मैंने उनसे बात की।

मैं- हेलो सुधा जी आप कैसी हैं?

सुधा- आई एम फाइन आप बताए मिस्टर मनीषा क्या कर रहे हैं?

मैं- बस मैडम वही ट्रेनिंग का दौर जारी है और लोगों को ट्रेनिंग देते हैं।

सुधा- ओक ग्रेट।

मैं- आप बताइए आप कहां हैं?

सुधा- मैं तो महाराष्ट्र के छोटे से कस्बे में रहती हूं और यही मेरा ट्रांसफर हो गया था।

मैं- अरे तो फिर आप वहां जिम कैसे जाती हैं।

सुधा- यहां पर जिम है वैसे तो थोड़ा दूर है लेकिन मैं चली जाती हूं।

मैं- आपको मेरी याद तो आती होगी।

सुधा- अरे आपकी याद क्यों नहीं आएगी आप ही तो मुझे ट्रेनिंग देते थे उससे मेरे शरीर की काया ही पलट गई थी। मेरी सारी फ्रेंड मुझे कहती हैं कि तुम्हारे ट्रेनर की हमें भी तस्वीर दिखाओ हम भी उसके पास जाएंगे।

मैं- अच्छा तो आपकी फ्रेंड मेरे पास आने के लिए इतना तड़प रही थी।

सुधा- हां वह तुम्हारे पास आने के लिए बहुत तड़प रही थी। मैंने जब उनको तुम्हारी तस्वीर दिखाई थी तो वह सब आप पर पूरी तरीके से फिदा हो गई मै चाहती थी कि तुम्हारे पास आए।

मैं- तो फिर मुझे आप उनका नंबर दे दीजिए मैं ट्रेनिंग दे दिया करूंगा।

सुधा- हां जरूर क्यों नहीं मैं तुम्हें उनका नंबर दे देती हूं।

मैं- क्या आपको थोड़ी देर बाद फोन कर सकता हूं?

सुधा- हां क्यों नहीं तुम मुझे फोन कर लेना।

कुछ ही देर बाद मैंने सुधा को फोन किया तो उन्होंने फोन उठा लिया। मेरी और उनकी फोन पर लंबी बात होने लगी कुछ देर तक तो हम दोनों का हाल चालो का दौर चलता रहा। जब मुद्दे की बात आई तो वह भी मुझसे बात करने मे दिलचस्पी लेने लगी। मैं आपको बताता हूं कि कैसे हम दोनों के बीच में बातें खुलकर होने लगी थी।

मैं- अच्छा तो आपने अपने बॉस को अपने मोह जाल में फंसा लिया है?

सुधा- अरे भला मैं क्या करती मेरे पास और कोई रास्ता भी तो नहीं था। इस छोटी जगह में आकर में काफी तनाव से गुजर रही थी दिल्ली जैसे शहर में रहने के बाद एक छोटे से कस्बे में आना कैसे लगेगा। फिलहाल तो यहां पर समय काट नहीं था इसलिए अपने बॉस को खुश करना जरूरी था मैंने उन्हें खुश कर दिया है। अब वह मुझे कभी कुछ नहीं कहते और मेरी तरफ हमेशा उनकी नजर रहती है।

मैं- आप तो बड़े ही कमाल की हैं आप अपना काम निकालना जानती हैं।

सुधा- अब काम ही ऐसा है तो निकालना तो पड़ेगा लेकिन मुझे तुम्हारी याद बड़ी आती है। मुझे सब पता है जब तुम मुझे एक्सरसाइज करवाते थे तो किस प्रकार से तुम अपने लंड को मेरी चूतडो से टकराता थे और तुम्हारा लंड एकदम तन कर खड़ा हो जाता था।

मैं- अच्छा तो आपको यह सारी बात पता है कि कैसे मैं आपके साथ मजे लेता था।

सुधा- हां मुझे सब मालूम है कि तुम किस प्रकार से मेरे साथ मजे लिया करते थे और मुझे भी तुम्हारे साथ काफी मजा आता था।

मैं- लेकिन आप वाकई में बड़ी गजब की हो चुकी थी और आपको देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता था।

सुधा- तुम भी एक नंबर के घोंचू हो यदि तुम मुझे पहले ही कह देते तो हम लोग एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बना चुके होते लेकिन तुम तो बड़े सीधे निकले।

मैं- अरे मुझे क्या पता था कि आप भी मेरे लिए तड़प रही हैं और आपके दिल में भी मेरे लिए आग लगी हुई है यदि मालूम होता तो आपकी गांड से आपकी आग को बुझा चुका होता।

सुधा- अरे मुझे नहीं मालूम था नहीं तो मैं ही तुम पर डोरे डाल लिया करती मुझे तो लगता था कि तुम बड़े डिसिप्लिन पसंद इंसान हो।

मैं- चलिए छोड़ अब जो होना था वह तो हो गया लेकिन यह बताइए आपकी चूतडे बड़ी लाजवाब थी मेरा मन तो सिर्फ आपकी गांड मारने का किया करता था।

सुधा- अच्छा तो तुम्हारा मन मेरी गांड मारने का होता था।

मैं- हां मेरा मन आपकी गांड मारने का ही होता था मुझे बहुत अच्छा लगता यदि मैं आपकी गांड में लंड डालता।

सुधा- तुमने तो जिम में आने वाली और भी लड़कियों के साथ संभोग किया होगा?

मैं- हां मैंने कुछ लड़कियो के साथ संभोग किया है लेकिन सबके साथ नहीं कर पाया परंतु मेरी इच्छा तो आपकी गांड मारने कि थी क्योंकि आपकी गांड बडी ही लाजवाब थी। ऐसी रसभरी गांड मारने में तो मजा ही आ जाता।

सुधा- चलो कोई बात नहीं तुम से मिलने के लिए जरूर आऊंगी और जब तुमसे मिलने आउंगी तो तुम अपनी इच्छा पूरी कर लेना फिलहाल तो मैं अपने स्तनों को दबा रही हूं और अपनी चूत में मैंने वाइब्रेटर को घुसा दिया है।

मैं- मै भी अपने कानों में हेडफोन लगाकर बाथरूम में घुसा हुआ हूं आप कुछ इंटरेस्टिंग सा कीजिए जिससे कि मेरे वीर्य की पिचकारी बाहर आ जाए।

सुधा- अच्छा तुम ही बताओ ऐसा क्या करूं जिससे कि तुम्हारे वीर्य की पिचकारी बाहर की तरफ निकल आए और तुम्हें मजा आ जाए।

मैं- यह तो आप ही जानती होंगी कि कैसे आप मेरे लंड को चूस कर मेरे पानी को बाहर निकालेंगी।

सुधा- मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह में ले ही लेती हूं और महसूस करती हूं कि कैसे तुम्हारा लंड का स्वाद है।

मैं- मुझे मालूम है कि मेरे लंड का स्वाद नमकीन होगा लेकिन आपको बहुत अच्छा लगेगा आप उसे अपने गले के अंदर तक ले लेंगी।

सुधा- हां मैंने अपने मुंह के अंदर तो ले लिया है थोड़ा नमकीन सा लग रहा है लेकिन बड़ा मजा आ रहा है और तुम्हारा लंड काफी मोटा है तुम्हारी पर्सनैलिटी भी बड़ी गजब की है।

मैं- अच्छा तो आपने मेरा लंड को अपने गले तक उतार लिया है।

सुधा- हां मैंने तुम्हारे लंड को अपने गले तक उतार लिया है और अब तुम्हारे लंड को मैं अपनी चूत के अंदर डाल रही हूं।

मैं- चलिए मैंने भी आपकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा ही दिया है।

सुधा मै जानती हूं चला गया तुम्हारा लंड मेरे पति से भी मोटा है और बड़ा मजा आ रहा है। आह आह आह ऊह ऊह चला गया कितना मजा आ गया पूरा अंदर घुस गया।

मैं- कसम से आपक चूत बडी टाइट है चूत मारने में तो मजा ही आ रहा है। मुझे आपको घोड़ी बनाकर चोदना था।

सुधा- कुछ देर मुझे अपने नीचे लेटा कर चोदो थोड़ी देर बाद घोड़ी बना लेना तभी तो मजा आएगा।

मैं- हां बिल्कुल सही कह रही हो बस कुछ देर की बात है।

सुधा- चलो घोड़ी बना दो मैं तो घोड़ी बन चुकी हूं अब अपने लंड को मेरी योनि में डाल दो।

मैं- लो मैंने आपकी योनि के अंदर लंड घुसा दिया अब तो आपको मजा आया होगा।

सधा- तुम्हारा लंड है या घोड़े का लंड अंदर चला गया ऐसा लग रहा है कि कभी बाहर ही नहीं निकलेगा।

मैं- आप भी कैसी बातें करती हैं आप को अच्छा लगना चाहिए।

सुधा- मुझे तो बड़ा मजा आ रहा है और ऐसे ही मै तुम्हारे लंड को अपनी चूत मे ले रही हूं।

मैं- बस गिरने ही वाला है आप अपने मुंह को खोलो।

सुधा- लो अपने मुंह को खोल लिया डालो ना जल्दी से।

मैं- लीजिए बस गिरी गया।

मेरा वीर्य गिरते ही मैंने फोन काट दिया और अगले दिन सुधा से बात की तो बहुत अच्छा लगा।

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