साली साहिबा को फोन पर चोदा

Hindi sex chat, hindi sex story यह बात में उन लोगों से कह रहा हूं जो अपनी सेक्सी साली को देख कर मुठ मारते हैं और उसे चोदने की इच्छा रखते हैं क्योंकि मेरे दिल पर मेरी साली को देखकर छूरियां चल जाती है। जब भी मैं उसके गदराए बदन को देखता तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि मैं उसे उसी वक्त नंगा कर के उसकी चूत तेल लगाकर मारू। ऐसा संभव नहीं हो पाया क्योंकि अभी कुछ दिनों पहले ही मेरी शादी हुई है जब भी मैं अपनी साली कुसुम को देखता तो उसकी गांड मेरे सामने हमेशा आ जाती। जब भी मैं अपने दिमाग में अपनी साली कुसुम की कल्पना करता तो मैं उसके बारे मे सोचकर अपनी पत्नी को चोदता लेकिन मेरी पत्नी कविता इतनी माल नहीं है जितने कि मेरी साली कुसुम माल है। उसे पूरा मोहल्ला देखता रहता है सब लोग यही सोचते हैं कि कब वह कुसुम को चोद सकें लेकिन मेरी बदनसीबी ही थी मेरी साली को कोई और उठा कर ले गया और उसने उसकी चूत पहली बार मारी क्योंकि उसकी शादी हो चुकी है कुसुम अब पटियाला में रहती है और मैं बेंगलुरु में रहता हूं। मैं कुसुम से बात करता हूं वह मुझे हमेशा चिढ़ाने की कोशिश करती मैं भी उससे कई बार मजाक किया करता हूं मैं आप लोगों को बताता हूं कि कैसी बातें हम लोग किया करते है। फोन करते ही कुसुम ने फोन उठा लिया और सामने से हेलो कहा।

कुसुम- और जीजा जी कैसे हो?

मैं- बस यार तुम्हारी याद आ रही है तुम्हारे बिना तो जीवन कुछ भी नहीं है।

कुसुम- क्या दीदी आपका ख्याल नहीं रखती।

मैं- रखती तो है लेकिन वह घर की मुर्गी है अब वह दाल बराबर है उसमें वह बात कहां जो तुम मे है।

कुसुम- अरे जीजा जी आप भी कैसी बात करते हैं दीदी बहुत अच्छी है।

मैं- मुझे तो नहीं लगता कि तुम्हारी दीदी अच्छी है।

कुसुम- कविता दीदी तो बहुत अच्छी है और सब लोग उनकी बड़ी तारीफ किया करते हैं। घर में सब लोग उनकी बहुत इज्जत करते हैं।

मैं- कविता की तो घर में ही सब तारीफ करते हैं लेकिन तुम्हारी तो पूरा मोहल्ला इज्जत करता है आज तक वह तुम्हें याद करते हैं।

कुसुम- जीजा जी आप भी ना जाने कैसी बात करते हैं आपकी बाते मुझे समझ ही नहीं आती।

मैं- तुम्हें आखिर मेरी बातें कैसे समझ आएगी तुमने कभी मुझे ढंग से देखा ही नहीं है।

कुसुम- आपको क्या देखना है जीजा जी आप तो बड़े ही हैंडसम है।

मैं- लेकिन तुमने वह सब नहीं देखा जो मैं तुम्हें दिखाना चाहता था।

कुसुम- अभी मैं फोन रखती हूं शायद मेरे पति आ गए हैं उन्हें में पानी देती हूं। उसके बाद आपसे बात करूंगी।

मैं- ठीक है तुम बाद में मुझसे बात करना।

कुसुम ने फोन रख दिया लेकिन मेरे दिमाग में तो उसी का नशा चढ़ा हुआ था। मैंने कुछ देर बाद कविता की चूत मारी जिससे कि मेरे लंड की गर्मी शांत हो गई, मुझे कविता को घोड़ी बनाकर चोदने में बड़ा आनंद आया। जब कुसुम से दोबारा मेरी बात हुई तो बातें बड़ी ही मजेदार और चटपटी होने लगी। मैंने कुसुम को फोन किया।

कुसुम- हां जीजा जी बोलिए।

मैं- तुम्हारे पति कहां है?

कुसुम- वह तो सो गए।

मैं- तुम अभी तक नहीं सोए क्या तुम्हारे पति ने आज कुछ नहीं किया तुम्हारे साथ?

कुसुम- अरे जीजा जी आप रहने दीजिए आप भी कैसी बात करते हैं। वह क्या करेंगे वह तो थक गए थे और खाना खाते ही सो गए।

मै- तुम्हारे पति के अंदर वह बात नहीं है साली साहिबा।

कुसुम- अच्छा तो आपके अंदर बड़ी बात है यदि आप होते तो आप क्या करते।

मैं- मैं तो तुम्हारी चूत और गांड को एक कर देता।

कुसुम- अच्छा तो अपने दीदी की भी चूत और गांड को एक ही कर दिया होगा।

मैं- तुमने अपनी दीदी से नहीं पूछा कि मैं कैसे उससे मजे लेता हूं। क्या तुम भी अपने पति को मजे देती हो?

कुसुम- हां मैं अपने पति को पूरे मजे देती हूं और वह भी पूरी तरीके से संतुष्ट हो जाते हैं।

मैं- तुम अपने पति के लंड को भी मुंह में लेती हो?

कुसुम- जीजा जी आप भी कैसी बात कर रहे हैं जोओ मुझे आपसे बात नहीं करनी मुझे शर्म आ रही है।

मैं- अरे साली साहिबा तुम तो बात ही नहीं कर रही हो बताओ तो सही तुम अपने पति के लंड को मुंह में लेती हो या नहीं?

कुसुम- अब आप ही आकर देख लीजिए कि मैं अपने पति के लंड को मुंह में लेती हूं।

मैं- चलो तुम्हें नहीं बताना तो कोई बात नहीं मैं फोन रखता हूं।

मैंने फोन रख दिया लेकिन कुसुम की चूत में खुजली होने लगी थी और वह उत्तेजित होने लगी थी इसलिए वह रह नहीं पा रही थी उसने मुझे दोबारा फोन किया।

कुसुम- अरे जीजा जी आप तो गुस्सा हो गए आपने फोन क्यों काटा?

मैं- जाओ मुझे तुमसे बात ही नहीं करनी।

कुसुम- जीजा जी क्यों गुस्सा होते हो। मैं बताती हूं आपको मैं अपने पति के लंड को अपने मुंह में लेती हूं उनका लंड बड़ा मोटा है और बहुत काला भी है लेकिन मुझे उसे चूसने में बहुत मजा आता है। वह मुझे कहते हैं कि तुम बड़े अच्छे तरीके से लंड को चुसती हो।

मैं- तुम कैसे अपने पति के लंड को मुंह में लेती हो।

कुसुम- मैं पहले उस पर कुछ मीठा लगा देती हूं और उसके बाद उसे अपने मुंह में ले लेती हूं। उसमे मीठे का स्वाद भी आता है और उसके बाद मुझे उनके लंड को चूसने में ऐसा लगता है जैसे कि मैं लॉलीपॉप चूस रही हूं।

मैं- तुमने बहुत अच्छा बताया आज के बाद मैं भी कविता को ऐसा ही कहूंगा नहीं तो वह मेरे लंड को अपने मुंह में नहीं लेती है, वह मुझे मजे नहीं दे पाती।

कुसुम- मैं तो अपने पति को पूरे मजे देती हूं वह मुझसे बहुत खुश हैं और कहते हैं तुम्हारे जैसी पत्नी मुझे मिली मैं बहुत खुश हूं।

मैं- तुमने और किसी का लंड भी कभी अपने मुंह में लिया है?

कुसुम- हां मैंने अपने मोहल्ले के एक चाचा का लंड अपने मुंह में लिया था। वह मुझ पर हमेशा नजरें गड़ाए रहते थे पहली बार ही मैंने उन चाचा के लंड अपने मुंह में लिया था। मुझे उनके लंड को चूसने में बड़ा मजा आया था।

मैं- कभी हमारे लंड को अपने मुंह में लो ना?

कुसुम- आप आ जाओ ना जीजा जी आपके लंड को भी अपने मुंह में ले लूंगी और आपको वह मजा दूंगी जो आपने कभी सोचा भी नहीं होगा।

मैं- तुम्हारे चूचे बड़े गजब हैं तुम्हारे स्तनों को देखकर मजा आ जाता है।

कुसुम- वह तो पूरा मोहल्ला ही देखता है, जो भी मुझे देखता है वह मेरे स्तनों की तरफ नजर जरूर मारता है।

मैं- तुम अपनी चूत की फोटो मुझे भेजो ना और साथ में अपने बड़े स्तनों की भी फोटो भेजना।

कुसुम- जीजा जी रहने दीजिए।

मैं- अरे साली साहिबा भेजो तो सही आप तो भाव खा रहे हो भेज भी दोगे तो कौन सा क्या हो जाएगा।

कुसुम- ठीक है जीजा जी अभी भेजती हूं आप भी अपने काले नाग की फोटो भेजो।

मैं- अभी भेजता हूं।

मैं दौड़ता हुआ बाथरूम में गया और अपने लंड की तस्वीर खींची। जैसे ही मैं कुसुम को फोटो भेजने वाला था तब तक उसने भी मुझे अपनी चूत और स्तनों की तस्वीर भेज दी उसकी गुलाबी चूत बड़ी मजेदार थी।

मैं- तुम्हारी गुलाबी चूत तो बड़ी मजेदार है उसे देख कर मेरा पानी बाहर निकल आया।

कुसुम- जीजा जी आपका लंड तो मेरे पति से बड़ा है और आपके काले नाग की बात ही कुछ और है। मैं अभी आपके पास होती तो आपके लंड को पूरा मुंह के अंदर तक ले चुकी होती।

मैं- तो लो ना जानेमन क्यों इतना इतरा रही हो।

कुसुम- बस अभी लेती हूं जीजाजी। लो ले ही लिया आपके लंड को अपने मुंह के अंदर तक।

मैं- मजा तो आ रहा है ना तुम्हें?

कुसुम- हां जीजा जी बड़ा मजा आ रहा है आपका 10 इंच मोटा लंड मेरे गले के अंदर तक जा चुका है।

कुसुम- जीजा जी अब मेरी चूत में भी अपने लंड को डाल दो ना मेरी चूत बड़ी मचल रही है।

मैं- लो तुम्हारी चूत में भी अपने लंड को डाल देता हूं, लो लंड घुसा दिया तुम्हारी चूत में तेल लगाकर अपने लंड को मैने अंदर तक डाल दिया।

कुसुम- जीजा जी मजा आ गया आपके मोटे लंड को चूत में लेने में और तेजी धक्के दो ना।

मैं- पैरों को और चौड़ा कर लो बस अब तुम्हारी चूत का भोसड़ा बना कर ही रहूंगा। तुमने जो इतने सालों तक तड़पाया है उसकी कसर आज निकाल कर रहूंगा।

कुसुम- जीजा जी इतनी तेज धक्के मत मारो ना मुझे दर्द हो रहा है।

मै- तुम्हारी चूत फट गई ना अब पता चला कैसे मैं तुम्हारी बहन को चोदता हूं और कैसे उसकी चूत और गांड को मै एक कर देता हूं।

कुसुम- अब मुझे मालूम पड गया जीजाजी, मै अब झडने वाली हूं।

मैं- कुसुम मै भी झड़ चुका हूं।

मैने कुसुम से कहा अभी मैं फोन रखता हूं कविता उठ चुकी है।

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