दूरी सही नहीं जाती अब

Antarvasna, desi kahani: दोस्तों मैं आपको अपने बारे में जानकारी दे देता हूं मेरा नाम रोहन है मैं आगरा का रहने वाला हूं मेरे पिताजी सरकारी कर्मचारी है और पिछले कई वर्षों से वह जॉब कर रहे हैं। मुझे नए नए दोस्त बनाने का बड़ा शौक है और उसी के चलते जब मुझे मधु का नंबर मिला तो मधु से मैंने बात करने की कोशिश की लेकिन उसने मेरा फोन उठाया ही नहीं था। एक महीने बाद जब मधु का मेरे नंबर पर मैसेज आया तो मैंने उससे बात की उसने मुझे कहा मैं तुम्हारा नंबर देखा नहीं था। मधु से मेरी मुलाकात हमारे ही पड़ोस में रहने वाले दीपक भैया के घर पर हुई थी दीपक भैया जिनका कि हमारा घर पर काफी उठना बैठना है उनके घर पर मधु आई हुई थी। उसके बड़े स्तन देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा था मैं उसे देखकर अपने आपको बिल्कुल ना रोक सका वह अपने नाम के अनुसार ही बड़ी मीठी है। मैं उसे बात करना चाहता था लेकिन उसने मेरा फोन ही नहीं उठाया इतने समय बाद उसका मैसेज जब मेरे नंबर पर आया तो मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने सोचा कि क्यों ना मधु से मैं थोड़े लंबे समय तक बात करूं परंतु ऐसा संभव हो ना सका मधु के घर में काफी पाबंदी हैं जिस वजह से वह मुझसे फोन पर ज्यादा देर तक बात ना कर सकी। मैंने मधु को कहा क्या हम लोग कभी खुलकर बात कर पाएंगे तो मधु ने कहा उसके परिवार वाले कुछ दिनों के लिए अपने किसी परिचित के घर जा रहे हैं। उस वक्त मै घर पर अकेली रहूंगी उसने मुझे कहा कि हम लोग उस वक्त एक दूसरे से खुलकर बात करेंगे। मैंने मधु से कहा ठीक है मैं इंतजार करूंगा मुझे करीब 15 दिन का और इंतजार करना पड़ा और 15 दिन के बाद जब उससे बात हुई तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा हम दोनों की बातें बड़ी ही मीठी और मधुर थी। हम दोनों ने जब एक दूसरे से बात की तो मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था और मधु भी बड़ी खुश थी।

मधु- लो आज तो मैंने तुम्हें फोन कर ही दिया।

मैं- यह तो आपकी मुझ पर मेहरबानी है कि कम से कम आपने मुझे फोन तो किया नहीं तो मैं तो आपके फोन के लिए तरस गया था। मैंने आपको कितनी बार फोन किया लेकिन आपने मेरे फोन को उठाया नहीं और इतने लंबे समय बाद जब आपने मुझे मैसेज किया तो मुझे लगा कि शायद आप मुझे भूल गई होंगी।

मधु- रोहन तुमने यह आप आप क्या लगा रखा है मेरा नाम मधु है और तुम मुझसे खुलकर बात कर सकते हो उब मुझे तुम आप नहीं कहोगे।

मैं- ठीक है अब तुम्हें मैं आप नहीं कहूंगा लेकिन तुम यह बताओ कि तुम इतने लंबे समय तक कहां थी और मैं तुमसे बात करना भी चाह रहा था परंतु उसके बाद हम लोगों की बात हो ना सकी।

मधु- मैं तुम्हें क्या बताऊं मैं कहां थी घर में इतनी ज्यादा पाबंदी है कि मैं कहीं भी जा नहीं सकती और यदि मैं कहीं बाहर जाती हूं तो मेरे पिताजी मुझे कहते हैं कि तुम हमेशा अपनी मां से पूछ कर जाया करो इसलिए मैं कहीं भी बाहर नहीं जाती और ना ही किसी से मैं फोन पर ज्यादा बात करती हूं। जब मैंने पहली बार तुम्हें देखा था तो तुम्हें देखते ही मेरे दिल में घंटी बज उठी थी और मैं सोचने लगी थी कि तुम से तो मैं जरूर बात करूंगी लेकिन उसके बाद तुमने मुझे कई बार फोन किया और मैं तुम्हारा फोन नहीं उठा सकी, उसके लिए मैं तुमसे जरूर इस बात के लिए माफी मांगना चाहती हूं।

मैं- छोड़ो भी इस बात को जाने भी दो तुम यह बताओ कि क्या आज तुम घर पर अकेली हो?

मधु- आज मैं घर पर अकेली हूं और घर पर कोई भी नहीं है आज हम लोग खुलकर बात कर सकते हैं तुम्हें जितनी देर मुझसे बात करनी है तुम मुझसे बात कर सकते हो।

मैं- चलो कम से कम मेरी किस्मत तो अच्छी है जो तुमसे बात तो हो पा रही है नहीं तो मैंने सोचा था कि तुम से बात भी नहीं हो पाएगी।

मधु- तुम ऐसा क्यों कह रहे हो कि मैं तुमसे बात नहीं करती मैंने तुम्हें जब पहली बार देखा था तो मेरे दिल में हलचल पैदा हुई थी और तुम से बात करने के लिए तो मैं भी तड़प रही थी लेकिन तुमसे बात ना हो सके।

मैं- मधु मैं तुमसे एक बात कहूं तुम बड़ी मीठी हो। तुम जिस प्रकार से बात करती हो उससे तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैं तुमसे बात कर के बहुत खुश हूं।

मधु- अच्छा तो मैं इतनी ज्यादा मीठी हो तो तुम मुझे एक बात बताओ तुम मुझसे क्या बात करना चाहते हो जो तुम मुझे इतने समय से फोन कर रहे थे।

मैं- मैं तुम्हें क्या बताऊं मैं तो तुम्हारे लिए तड़प रहा हूं तुमसे बात करने के बारे में कब से सोच रहा था। तुम यह बात छोड़ो तुम यह बताओ कि क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है या तुम अभी भी सिंगल हो?

मधु- मेरा तो कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है तुम्हें मैंने बताया तो मैं घर में ही रहती हूं। मैं कहीं भी बाहर नहीं जाती इस वजह से ना तो मेरी किसी से दोस्ती है और ना ही मेरे कोई बॉयफ्रेंड है।

मैं- तो क्या तुमने आज तक कभी किसी को किस नहीं किया है?

मधु- किस तो दूर की बात है मैंने किसी के साथ अच्छे से बात तक नहीं की है लेकिन आज तुमसे बात करने मै मुझे अच्छा लग रहा है।

मैं- मुझे भी तुमसे बात कर के अच्छा लग रहा है और यदि मैं तुमसे तुम्हारे फिगर के बारे में पूछू तो तुम मुझे अपने फिगर के बारे में बताओगी?

मधु- तुम भी कैसी बात कर रहे हो मुझे यह सब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और मैं अपना फिगर भला तुम्हें क्यों बताने लगी तुम मेरे क्या कुछ लगते हो जो मैं तुम्हें अपना फिगर बताऊंगी।

मैं- चलो ठीक है यदि तुम्हें नहीं बताना तो मत बताओ लेकिन इससे हम लोग एक दूसरे से अच्छे से बात नहीं कर पाएंगे और मजा भी नहीं आएगा।

मधु- मेरा फिगर 36, 28, 34 है। अब तो खुश हो मैंने तुम्हें अपना फिगर बता दिया अब तुम बताओ तुम क्या करने वाले हो?

मैं- मैं तुम्हे अपने लंड का साइज बताता हूं मेरा लंड 9 इंच मोटा है जब तुम उसे अपनी चूत मे लोगी तो तुम्हें मजा आ जाएगा वह तुम्हारी चूत को फाडते हुए तुम्हारे अंदर से चला जाएगा तुम्हें बहुत ही मजा आएगा।

मधु- क्या वाकई में इतना मजा आता है जब लंड अंदर घुसता है तो बहुत मजा आता है, मैं तो सिर्फ कल्पना मात्र से ही खुश हो रही हूं यदि तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाओगे मेरे अंदर की गर्मी को तुम पल भर में ही मिटा दोगे। वैसे मैं तुम्हें एक बात बताना चाहती हूं मैं अपनी चूत में उंगली डालकर ही काम चला लेती हू क्योंकि आज तक मैंने किसी के लंड को देखा भी नहीं है।

मैं- आज के बाद तुम्हें कभी भी इस चीज की कमी महसूस नहीं होने दूंगा और तुम हमेशा ही खुश हो जाया करोगी जब भी तुम मुझसे बात करोगी तो तुम्हारी चूत के अंदर तक लंड डाल दूंगा।

मधु- तुम मुझे इतना ना तड़पाओ मैंने अपनी चूत के अंदर उंगली को घुसा दिया है मैं अपनी चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को कर रही हूं मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा है जिस प्रकार से मैं अपनी चूत के अंदर बाहर उंगली को कर रही हूं कसम से बड़ा ही मजा आ रहा है।

मैं- मैं भी तुम्हारे चेहरे की कल्पना से अपने लंड को हिला रहा हूं और अपने लंड को हिलाने में मुझे जो आनंद आ रहा है वह एक अद्भुत फीलिंग है। मुझे हस्तमैथुन करने में बड़ा ही मजा आ रहा है और अपने लंड को मैं ऐसे ही हिलाता हूं तुम भी अपनी चूत के अंदर उंगली को डालती रहो तुम्हें भी बड़ा आनंद आता रहेगा।

मधु- तुम तो कसम से बडे ही लाजवाब हो तुमने तो मेरी चूत के अंदर से खून निकाल कर रख दिया मैंने आज अपनी चूत के अंदर दो उंगलियों को डाल लिया है। इससे पहले मैंने कभी भी अपनी चूत के अंदर दो उंगली को नहीं घुसाया था यह पहला ही मौका है जब मैंने अपनी चूत के अंदर दो उंगली को डाल दिया है मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा है। जब मैं अपनी चूत के अंदर उंगलियों को कर रही हू तुमसे बात करने मै आज मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा है रोहन तुमने मेरे अंदर की जवानी को भी जगा कर रख दिया है। आज तो ऐसा लग रहा है जैसे की चूत के अंदर तुम्हारे लंड को घुसा लू लेकिन हम लोग इतनी दूर जो है तुम्हारे लंड को मे चूत में नहीं ले सकती लेकिन जब मौका मिलेगा तो जरूर अपनी चूत के अंदर तुम्हारे लंड को लूंगी।

मैं- मेरा तो माल कर चुका है और मैं भी थक चुका हूं मैं तुमसे बाद में बात करता हूं, तुमसे आज बात करने मे बड़ा ही मजा आ गया।

मधु- मेरी भी चूत से आज पानी बहुत ज्यादा बाहर निकल आया है मैं भी थोड़ी देर आराम कर लेती हूं।

Tags: , , ,
error: