दीदी की पटाका दोस्त

Online sex chat, hindi sex talk: मैं एक बार अपनी दीदी के साथ उनकी सहेली के घर पर गया था। मैं जब उनकी सहेली के घर पर गया तो उन्होंने मुझे अपनी सहेली आकांक्षा से मिलवाया जब आकांक्षा को पहली नजर में ही मैंने देखा तो उसे देखकर मेरा मन हुआ कि मैं उसे चोद डालूं लेकिन मैं ऐसा कर नहीं सकता था क्योंकि मेरी दीदी मेरे साथ थी। आकांक्षा दिखने में बड़ी ही सुंदर थी उसके बड़े स्तन और उसकी बड़ी गांड देखकर मेरा तो मन हो रहा था कि मैं उसे वहीं चूम लूं और उसे सोफे पर चोद डालू मेरे अंदर ना जाने कितने ही ख्याल पैदा हो रहे थे लेकिन मेरे अरमानों पर उस वक्त पानी फिर गया जब मेरी दीदी ने मुझे बताया कि आकांक्षा की सगाई हो चुकी है और जल्दी उसकी शादी होने वाली है। मेरे तो दिल के अरमान ही टूट चुके थे और उस दिन हम लोग जब घर वापस आए तो दीदी ने मुझे आकांक्षा के बारे में बताया और कहने लगी कि आकांक्षा की जल्द ही शादी हो जाएगी। एक दिन दीदी ने किसी जरूरी काम से मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा मैं दीदी के साथ चला गया। दीदी का फोन स्विच ऑफ हो गया था जिस वजह से दीदी ने मेरे फोन से आकांक्षा को फोन किया और उस दिन आकांक्षा का नंबर मेरे फोन में सेव हो गया। मैं उसके बाद आकांक्षा को फोन के माध्यम से मैसेजेस भेजने लगा काफी समय तक मैं उससे मैसेजेस में बात करता रहा फिर मैंने आकांक्षा को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी अब उसने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली थी। जब उसने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट की तो उसके एक हफ्ते बाद ही उसकी शादी हो गई उसकी शादी हो जाने के बाद वह अब अपने ससुराल चली गई मेरे सारे अरमान टूट गए लेकिन फिर भी मैंने हार नहीं मानी और आकांक्षा को मैसेज करता रहा आखिरकार मेरी मेहनत रंग लाई और आकांक्षा को मैंने फोन पर ही कह दिया कि मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो। उसके बाद हम दोनों की बातें शुरू हो गई एक दिन में रात के वक्त अपने घर पर ही था उस दिन मैंने आकांक्षा को फोन किया आकांक्षा और मेरे बीच की हुई चटपटी बातों को मैं आपको बताता हूं कि हम दोनों ने कैसे एक दूसरे से बातें की।

मैं- आकांक्षा क्या कर रही थी?

आकांक्षा- करना क्या है बस बैठकर अपने पति का इंतजार कर रही थी अभी तक वह अपने काम से लौटे नहीं है और आजकल उनका मूड भी कुछ ठीक नहीं रहता।

मैं- लेकिन ऐसा क्या हो गया जो तुम्हारे पति का मूड ठीक नहीं रहता?

आकांक्षा- अब तुम्हें क्या बताऊं उनका तो मूड कभी ठीक ही नहीं रहता जब भी वह घर आते हैं तो मुझे कहते हैं जब से मेरी शादी हुई है तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बर्बाद हो चुकी है और ना जाने कितने ही तरह की बाते वह मुझे कहते हैं लेकिन फिर भी मैं उनकी हर एक जरूरतों को पूरा करती हूं और एक वो है कि मेरी कोई भी बात नहीं सुनते।

मैं- आकांक्षा तुम चिंता मत करो तुम मुझसे अपने दिल की बात कह सकती हो आखिर तुम्हें क्या जरूरत है।

आकांक्षा- अब तुम्हें तो पता ही है एक औरत की क्या जरूरत हो सकती हैं क्या तुम्हें बताने की जरूरत है तुम कोई बच्चे थोड़ी हो जो मुझे तुम्हें हर चीज बताने की जरूरत पड़ेगी।

मैं- हां तुम यह तो बिल्कुल ठीक कह रही हो क्या तुम्हें तुम्हारे पति खुश नहीं रख पाते हैं और वह तुम्हारा ध्यान नहीं देते हैं जिस वजह से तुम इतनी ज्यादा परेशान हो गई हो।

आकांक्षा- रमेश ऐसा ही कुछ समझ लो मेरे पति मेरा बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं और वह मुझसे अक्सर झगड़ते ही रहते हैं शादी हो जाने के बाद वह मुझे बिल्कुल भी प्यार नहीं करते और रात को मैं उनका इंतजार करती हूं लेकिन वह घर जल्दी भी नहीं आते हैं।

मैं- आकांक्षा तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो मैं तुम्हारे साथ हूं और मैं तुम्हारे साथ हमेशा रहूंगा।

आकांक्षा- रमेश अब जाने भी दो तुम मेरा साथ नहीं दे पाओगे तुम्हें पता है कि मेरी शादी हो चुकी है।

मैं- मुझे पता है तुम्हारी शादी हुई है लेकिन आज भी तो तुम बिल्कुल टाइट माल हो तुम्हारी तस्वीर जब भी मैं देखता हूं तो तुम्हारी तस्वीर देखकर ही मै मुट्ठ मार लेता हूं क्या तुम मुझे अभी अपनी तस्वीर भेज सकती हो मेरा तुम्हें देखने का बड़ा मन हो रहा है।

आकांक्षा- रमेश मेरा बिल्कुल भी मन नहीं है तुम मेरा मूड खराब मत करो।

मैं- मैं तुम्हारा कोई मूड खराब नहीं कर रहा हूं बल्कि मैं तुम्हारा मूड बना रहा हूं क्या तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लोगी। मेरा लंड तुम्हारे मुंह में जाने के लिए बड़ा तड़प रहा है और तुम्हारी चूत को देखे हुए समय हो चुका है तुमने कुछ दिनों पहले मुझे अपनी नंगी तस्वीर भेजी थी क्या आज भी तुम मुझे अपनी तस्वीर भेज सकती हो?

आकांक्षा- चलो तुम इतना कह रही हो तो मैं अभी अपनी तस्वीर भेज देती हूं तुम कुछ देर के लिए अपने फोन को होल्ड पर रखो बस तुम्हारे पास मेरी तस्वीर आती ही होगी।

मैं- तुम्हारा बदन तो बड़ा ही सेक्सी है मैं देखकर मुट्ठ मार रहा हूं क्या तुमने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया।

आकांक्षा- हां मैंने तुम्हारे लंड को अपने मुंह में ले लिया है और तुम्हारे  मोटा लंड को अपने मुंह में लेने में मजा आ रहा है तुम अपने लंड को थोड़ा और अंदर तक डालो तुम अपने लंड को मेरे गले के अंदर से घुसा दो जिससे कि मेरे अंदर की आग को तुम बढ़ा दो और मुझे मजा ही आ जाए।

मैं- हां तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो मेरा भी ऐसा ही मन हो रहा है लो मैंने तुम्हारे मुंह के अंदर तक अपने लंड को डाल दिया तुम उसे अंदर-बाहर करती रहो तुम्हें बड़ा मजा आएगा।

आकांक्षा- मैं तो तुम्हारे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही हूं और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है चलो अब तुम भी मेरे स्तनों को अपने मुंह में ले लो और उन्हें अपने मुंह के अंदर से लेकर उनका रसपान करती रहो ताकि मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ जाए।

मैं- लो तुम्हारे स्तनों को भी अपने मुंह में ले लिया तुम्हारे स्तन कितने बड़े हैं और उनको चूसने में कितना मजा आ रहा है ऐसा लग रहा है कि जैसे तुम्हारे बड़े और सुडौल स्तनों को बस चूसता ही जाऊं। उनसे मैंने खून भी बाहर निकाल दिया है तुम्हारे स्तनों के बीच में अपने लंड को मै रगडने जा रहा हूं क्या तुम इसके लिए तैयार हो?

आकांक्षा- हां मैं तो तैयार हूं लो मैने ने अपने पैरों को खोल दिया है तुम्हारे लंड को भी मैं अपनी चूत में लेने के लिए तैयार हूं लेकिन उससे पहले तुम मेरे स्तनों के बीच में अपने लंड को रगड़ो ताकि मुझे मजा आ जाए। मैं अपनी चूत के अंदर हाथ में उंगली को डाल रही हूं जिस से कि मेरे अंदर की आग भी बढ़ जाए और तुम मेरी चूत के अंदर अपने काले और मोटे लंड को आसानी से डाल सको।

मैं- तुम्हारे स्तनों पर अपने लंड को रगड कर मजा आ गया और ऐसा लग रहा है कि जैसे बस तुम्हारे दोनों स्तनों कि दीवार से अपने लंड को टकराता रहूं। अब मुझे तुम्हारी चूत को चाटने का मन हो रहा है मैं तुम्हारी चूत को चाट रहा हूं और तुम्हारे गुलाबी चूत से जो पानी निकल रहा है उसे मैंने अपने अंदर ही ले लिया है कितना अच्छा लग रहा है तुम्हारी चूत को चाटना और तुम्हारी चूत का स्वाद बड़ा ही लाजवाब है।

आकांक्षा- अच्छा तो तुमने मेरी चूत भी चाट ली लेकिन अब तुम मेरी चूत के अंदर लंड डालो और मेरी गर्मी को शांत करो।

मैं- लो तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया अब मुझे बड़ा मजा आ रहा है और तुम्हारी चूत को फाडता हुआ मेरा लंड  अंदर जा रहा है जैसे कि मेरे लंड पर किसी ने तेल लगा दिया हो और तुम्हारी चूत बड़ी ही लाजवाब है मुझे तो बड़ा मजा आ रहा है तुम्हारी चूत मारने में।

आकांक्षा- सुनो मादरचोद जल्दी से मेरी चूत के अंदर अपने लंड को तेजी से करो और मेरी चूत की खुजली को मिटाओ मैंने अपने पैरों को खोल लिया है। जितना तुम्हारा मन है उतना अंदर तक अपने लंढ को घुसा दो और मेरी चूत की खुजली को मिटाकर मेरी प्यास को जल्दी से बुझा दो मैं तड़प रही हूं।

मैं- तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालकर मुझे मजा आ रहा है और तुम भी पूरे मजे लेते रहो। आज तो मुझे मजा ही आ गया तुम्हारे अंदर की गर्मी को बुझाकर।

आकांक्षा- वाह यार मजा ही आ गया आज तुमने ऐसा चोदा है जैसे कि मेरी पूरी खुजली मिट गई हो और मुझे मजा ही आ गया चलो मैं अभी फोन रखती हूं तुमसे कल बात करूंगी।

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